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पानीपत

खाते से निकले 18 लाख, मैनेजर पर केस दर्ज, बैंक ने उद्यमी काे लौटाए 19.33 लाख

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खाते से निकले 18 लाख, मैनेजर पर केस दर्ज, बैंक ने उद्यमी काे लौटाए 19.33 लाख

 

जीटी रोड पर संजय चौक स्थित कर्नाटका बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां फर्जी तरीके से एक उद्यमी के खाते से 18 लाख रुपए निकल गए। यह राशि चेक नंबर लिखकर डेबिट स्लिप के जरिए निकाली गई। जिस पर खाताधारक उद्यमी और प्राप्तकर्ता के साइन तक नहीं थे, सिर्फ बैंक मैनेजर ने ही साइन कर रखे हैं।

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मामला जुलाई 2016 का है। अब आरबीआई के आदेश पर बैंक ने उद्यमी को ब्याज समेत 19.33 लाख रुपए लौटा दिए। बैंक ने अपनी जांच में तत्कालीन बैंक मैनेजर भारत भूषण को दोषी मानते हुए 24 दिसंबर 2020 को एसपी को शिकायत दी। इकोनोमिस सेल ने जांच कर केस दर्ज करने की अनुशंषा की। तब शनिवार शाम को चांदनी बाग थाना पुलिस ने आरोपी ब्रांच मैनेजर भूषण के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी 53 वर्षीय भारत भूषण पुत्र जय दयाल फिलहाल सेक्टर 13/17 में रहता है।

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वर्तमान बैंक मैनेजर नवतेज शर्मा ने एसपी को शिकायत दी कि बतरा कॉलोनी स्थित संगत ओवरसिज के सरबजीत सिंह का 2014 से कर्नाटका बैंक में चालू खाता है। उनके खाते से 8 जुलाई 2016 को डेबिट स्लिप चेक नंबर 944250 के माध्यम से 18 लाख रुपए निकल गए। जबकि उन्होंने यह चेक बैंक में नहीं दिया। जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में भी चेक नंबर 944250 की बजाय 844250 उल्लेखित है। जबकि सरबजीत ने कभी भी चेक नंबर 844250 जारी नहीं किया। आरोप है कि बैंक मैनेजर भारत भूषण ने गलती मानते हुए राशि वापस लौटाने का भरोसा दिया। जब राशि नहीं आई तो सरबजीत ने अगस्त 2017 में शिकायत कर ब्याज समेत अपने रुपए वापस मांगे।

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बैंक की विजिलेंस शाखा ने मामले की जांच की। तब सामने आया कि 18 लाख रुपए की डेबिट स्लिप के साथ वास्तविक चेक नंबर 944250 नहीं है। स्लिप पर पेमेंट लेने और खाताधारक के साइन तक नहीं है। सिर्फ तत्कालीन ब्रांच मैनेजेर भारत भूषण के हस्ताक्षर है।

आरबीआई पहुंचा उद्यमी, तब ब्याज समेत रकम लौटाई

बैंक के जांच अधिकारी ने पेनाल्टी समेत 18 लाख रुपए लौटाने से मना कर दिया। तब फैसले से नाखुश होकर सरबजीत बैंकिंग लोकपाल आरबीआई कार्यालय, नई दिल्ली पहुंच गए। बैंकिंग लोकपाल ने पाया कि बैंक ने वाउचर पर खाताधारक के बिना हस्ताक्षर ही राशि भुगतान कर नियमों की पालना नहीं की। 11 अप्रैल 2018 को बैंकिंग लोकपाल ने बचत खाता ब्याज समेत राशि लौटाने के आदेश दिए। तब कर्नाटका बैंक ने 15 मई 2018 को 1933381 रुपए संगत ओवरसिज के खाते में जमा कर दिए।

एक पत्र की जांच से खुलेगा बड़ा राज

8 जुलाई 2016 को डेबिट स्लिप चेक नंबर 944250 के माध्यम से 18 लाख रुपए निकलने के करीब 10 दिन बाद सरबजीत ने इसी नंबर का 75 हजार रुपए का चेक टीसीएस वर्ल्डवाइड के पक्ष में जारी किया। तब मामला पकड़ में आया। 19 जुलाई 2016 को खाता धारक सरबजीत द्वारा एक पत्र बैंक में दिया। उनके अनुरोध पर 75 हजार रुपए भी पास कर दिए। पत्र पर सरबजीत के हस्ताक्षर व कंपनी की मुहर भी है। इस पत्र की जांच होगी।

 

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