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पानीपत

शहर में 2 रैन बसेरे, बस स्टैंड के सामने वाले में बिजली नहीं, ताेता राम धर्मशाला में आधार कार्ड बिना प्रवेश नहीं

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शहर में 2 रैन बसेरे, बस स्टैंड के सामने वाले में बिजली नहीं, ताेता राम धर्मशाला में आधार कार्ड बिना प्रवेश नहीं

 

नगर निगम के रैन बसेरे का सहारा नहीं मिलने के कारण सड़कों पर बेसहारा लोग कड़ाके की ठंड में अव्यवस्था का दंड भुगत रहे हैं। 8 डिग्री पारे में खुले में रात बीते तो समझ सकते हैं कि जिंदगी बचाने के लिए कितनी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ये लोग जीटी रोड पर फ्लाईओवर के नीचे सेक्टर-11 मोड़ से लेकर बस अड्‌डे तक ठिठुरन में रातें काट रहे हैं। नगर निगम के दो आशियाने हैं, लेकिन यहां इनका बसेरा नहीं क्योंकि, आधार कार्ड चाहिए तभी तोताराम धर्मशाला जाने देंगे। निगम का एक और रैन बसेरा है। बस अड्‌डे के सामने- जहां बिजली की सप्लाई नहीं है। ये लोग अलाव व समाज सेवियाें से दान में मिले हल्के कंबलाें के भराेसे ही रातें काटने काे मजबूर हैं।

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इन बेघरों की ठंड में सांसें थम सकती हैं। अशोक विहार कॉलोनी में श्मशान घाट के पास शनिवार रात को ठंड से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं सड़कों पर रातें गुजारने वालों में कोई कूड़ा बीनता है। तो गुब्बारे बेचते हैं। कई हाथ वाली रिक्शा चलाने वाले भी हैं। कई ऐसे हैं, जो रोजगार की तलाश में पानीपत आए। वे छोटा-मोटा काम करके पेट चला रहे हैं। रात को बदमाशों के डर से वे झुंड में ही सो जाते हैं।

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People of panipat shivering in winter but The administration did not open  the shelter

1. ताेता राम धर्मशाला; ठंड जितनी भी हो लेकिन पहचान पत्र होगा, तभी रहने देंगे रेलवे राेड स्थित ताेता राम धर्मशाला के 2 कमराें में 3-3 मैट बिछाकर 3-3 कंबल रखे गए हैं। दाेनाें कमराें के गेट की कुंडी तभी खुलती है, जब रात बिताने के लिए आने वाले बेघर के पास उसका आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र हाेगा। धर्मशाला मैनेजर देवेंद्र त्यागी का कहना है कि बिना आईडी प्रूफ किसी काे यहां रात बिताने की इजाजत नहीं देते। आईडी प्रूफ नहीं देखेंगे ताे क्या पता काेई अपराधी ही आकर छिप जाए।

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2. बस स्टैंड के सामने बूथ में है रैन बसेरा, अंधेरा तो है ही, पानी की भी कोई सुविधा नहीं जीटी रोड के पास बस स्टैंड के सामने जीटी राेड फ्लाईओवर के नीचे नगर निगम ने 2 बूथाें में 5-5 मैट व इतने ही कंबल लगाए गए हैं। देखरेख के लिए एक कर्मचारी ताे नियुक्त है, लेकिन अन्य व्यवस्थाएं नहीं हैं। यहां पर बिजली, पानी या अन्य किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। ऐसे में अंधेरे में रात बिताने में परेशानी महसूस करते हैं। इसलिए यहां पर भी काेई आता ही नहीं है।

जब विधायक ने अफसर को कहा-आप संवेदनशील नहीं

शहरी विधायक प्रमोद विज ने बस अड्डे के पास स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण इसके हालात देखे। उन्हाेंने निगम अधिकारी काे भी मौके पर बुलाकर कहा कि आप संवेदनशीलता व जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं। इस रैन बसेरे में कंबल, पेयजल, शौचालय व अंधेरी रात में राेशनी की उचित व्यवस्था नहीं है।

 

 

Source : Bhaskar

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