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3 सदस्यीय जांच दल ने सौंपी रिपोर्ट, डॉक्टर ने बच्चे के पिता को थप्पड़ नहीं मारा, मोबाइल झपटा था

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जींद। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर द्वारा बीमार बच्चे के पिता को थप्पड़ मारने के मामले में 3 सदस्यीय डॉक्टर की जांच कमेटी ने सोमवार को ही प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन डा. मंजू कादियान को सौंप दी। सिविल सर्जन ने जांच रिपोर्ट व इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी जिसमें यह पूरी घटना कैद हुई उसकी फुटेज सोमवार को ही डीजी हेल्थ को भेज दी है। वहीं सोमवार मामले में डॉक्टर के सस्पेंशन का कोई आदेश जिला स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं पहुंचा।

डीजी हेल्थ को भेजी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि डॉक्टर राम स्नेह द्वारा बीमार बच्चे के पिता को थप्पड़ नहीं मारा गया। यह सब इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ नजर आ रहा है। मरीज के परिजनों द्वारा बनाई जा रही वीडियो को रोकने के लिए डॉक्टर द्वारा मोबाइल पर झपटा मारा गया है।

जांच कमेटी ने कहा है कि डॉक्टर का व्यवहार इस दौरान सही नहीं था। उन्हें विवाद के समय संयम बरतना चाहिए। मरीज के परिजनों को यह कहना है कि इमरजेंसी में इलाज के लिए दवाईयां उपलब्ध नहीं हैं यह गलत है। इमरजेंसी में सभी तरह की पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध हैं। जांच कमेटी ने अपनी जांच में यही कहा है कि एसएनसीयू की डॉक्टर प्रभात दलाल को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचना चाहिए था।