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पानीपत

4 दलालों ने गर्भवती का 35 हजार में अल्ट्रासाउंड करा बताया लड़का, टीम ने 70 किमी. पीछा कर पानीपत में पकड़ा

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4 दलालों ने गर्भवती का 35 हजार में अल्ट्रासाउंड करा बताया लड़का, टीम ने 70 किमी. पीछा कर पानीपत में पकड़ा

 

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करनाल पीएनडीटी टीम ने सोमवार को लिंग जांच का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत 4 दलालों को पकड़ा है। इन दलालों ने 35 हजार रुपए में गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करवाकर गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी। यह जांच यूपी के सहारनपुर जिले के गंगोह कस्बे में एक घर में डॉक्टर ने मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन से की। गर्भवती महिला को इन दलालों और इनके धंधे के बारे में जानकारी थी। उसने ही इन्हें पकड़वाने के लिए करनाल की पीएनडीटी टीम को जानकारी दी थी। टीम के छापे से पहले ही डॉक्टर मशीन लेकर भाग गया, जबकि चारों आरोपी गर्भवती महिला को कार में बैठाकर पानीपत चल दिए।

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करीब 70 किलोमीटर तक पीछा कर टीम ने ताऊ देवीलाल कॉम्प्लैक्स के पास उनको पकड़ लिया। इसके बाद पानीपत पीएनडीटी टीम को सूचना दी। आरोपियों से 35 में से 22 हजार रुपए बरामद हुए हैं। बाकी के 13 हजार रुपए डॉक्टर लेकर फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। देर रात करीब 11:45 बजे टीम आरोपियों को लेकर सिटी थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दे दी। उनपर मामला दर्ज कर लिया गया है।

आरोपियों की पहचान पाहुजा अस्पताल के पास, समालखा निवासी राजवंती पत्नी राजबीर, सुमित पुत्र रमेश, राणा माजरा गांव निवासी मनोज पुत्र बीरबल और घरौंडा की जैल सिंह कॉलोनी निवासी सुमन पत्नी अमर सिंह के रूप में हुई है।

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गर्भवती ने खुद जानकारी दी थी, दलालों की बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी

पीएनडीटी सेल इंचार्ज डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुधीर बतरा ने बताया कि पानीपत की गर्भवती महिला को लिंग जांच गिरोह के बारे में जानकारी थी। इसलिए उसने करनाल पीएनडीटी टीम को जानकारी दी।

उसने कहा कि लोगों के हित में वह इस गैंग को पकड़वाना चाहती है। महिला आरोपी राजवंती से मिली तो वह लिंग जांच कराने के लिए राजी हो गई। उसने फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर ली।

उनका 35 हजार रुपए में सौदा हो गया। सोमवार सुबह 6 बजे से करनाल टीम मिशन पर जुट गई। गर्भवती ने सुबह 8 बजे राजवंती को रुपए दे दिए। दो से तीन घंटे बाद राजवंती, सुमन और सुमित ने एक कार का इंतजाम किया और गर्भवती को लेकर यूपी की ओर चल दिए। उन्होंने सनौली में मनोज को अपनी कार में बैठाया और सहारनपुर के गंगोह पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे करनाल टीम भी पहुंच गई।

भनक लगते ही फरार हो गया डॉक्टर

डॉ. बतरा ने बताया कि गंगोह के शिव आई अस्पताल के डॉक्टर से जांच करानी थी। आरोपी उसे एक घर में ले गए। जहां पर डॉक्टर ने मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन से गर्भवती की जांच की। डॉक्टर ने उसके गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी।

डॉक्टर को छापे की भनक लगी तो वह दलालों से 13 हजार रुपए लेकर मशीन लेकर मौके से भाग गया। छापे से पहले दलाल भी गर्भवती को लेकर पानीपत के लिए रवाना हो गए। टीम को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने कार का पीछा किया और ताऊ देवीलाल कॉम्पलेक्स में राजवंती, सुमन, मनोज और सुमित को पकड़ लिया। फिर पानीपत सिविल सर्जन को जानकारी दी। तब डॉ. बतरा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।

5 दिन पहले भी थी छापे की तैयारी

करनाल पीएनडीटी की टीम गैंग को पकड़ने के लिए करीब एक माह से मिशन पर जुटी थी। लेकिन आरोपी बार-बार टाल रहे थे। करीब 5 दिन पहले भी आरोपी राजवंती ने गर्भवती की लिंग जांच कराने के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन उसके घर में प्रोब्लम हो गई।

इसलिए उसने सोमवार को जांच कराने का फैसला लिया। 29 नवंबर को ही टीम ने अपने उच्च अधिकारियों को रेड करने की जानकारी दे दी थी। सुबह 6 बजे से दलालों के पीछे घूम रही टीम ने देर रात दलालों को पकड़ पाया।

 

 

Source : Bhaskar

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