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पानीपत

पानीपत में कोरोना से 5 महिलाओं और 3 पुरुषों की मौत, 568 कोविड -19 के नए केस

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 पानीपत में कोरोना से 5 महिलाओं और 3 पुरुषों की मौत, 568 कोविड -19 के नए केस

 

पानीपत में कोरोना का कहर जारी है। बुधवार को जिला के 568 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। आठ मरीजों की मौत हुई है। मृतकों में पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। आइओसीएल (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कर्मचारी व पारिवारिक सदस्यों सहित 99 संक्रमित मिले हैं।

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सिविल सर्जन डा. संजीव ग्रोवर ने बताया कि बुधवार को 320 केस रिकवर भी हुए हैं। मृतकों में माडल टाउन वासी 65 वर्षीया महिला, हलवाई हट्टा वासी 59 वर्षीया महिला, गांधी कॉलोनी वासी 55 साल का पुरुष, नांगलखेड़ी की 40 वर्षीया महिला, ग्रीनपार्क वासी 76 वर्षीया पुरुष, फरीदपुर वासी 59 वर्षीय पुरुष, फ्रेंड्स कालोनी वासी 72 वर्षीया और गढ़ी छाजू वासी 88 वर्षीया महिला शामिल हैं। इन सबकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव है। 1767 सैंपल लिए गए हैं।

सिविल सर्जन के मुताबिक पानीपत में कुल पाजिटिव 19 हजार 348 केसों में से 4707 एक्टिव हैं। 14 हजार 166 रिकवर हो चुके हैं। 248 मरीज अपने बताए पते से लापता हैं और अभी तक 227 मरीजों की मौत हो चुकी है।

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पानीपत में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।

15 का हुआ अंतिम संस्कार

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स्वास्थ्य विभाग ने आठ मौतों की पुष्टि की है। श्मशान से मिली जानकारी के मुताबिक 15 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत किया गया। इन मृतकों में आइबीएम अस्पताल के निदेशक डा. गौरव श्रीवास्तव के ससुर हरीश कपूर भी शामिल हैं। डा. श्रीवास्तव की पत्नी रेनू श्रीवास्तव भी पिता का अंतिम संस्कार कराने श्मशान पहुंची। इनकी मां अंजना भी आइसीयू में भर्ती हैं।

 

सिविल अस्पताल के 13 डाक्टर आइसोलेट

सिविल अस्पताल सहित प्रशासनिक कार्य देख रहे 13 डाक्टर कोरोना पाजिटिव होने के कारण होम आइसोलेट हैं। समालखा स्थित अस्पताल के एक डाक्टर आइसीयू में हैं। संक्रमितों में डा. निशि जिंदल, डा. आलोक जैन, डा. अमित पोरिया, डा. ललित वर्मा, डा. अमित, डा. दीपक,डा. कविता आदि शामिल हैं। अस्पताल प्रशासक डा. शालिनी मेहता ने सीएमओ को पत्र सौंपकर, फील्ड से डाक्टर व स्टाफ दिलाने की मांग की है।

 

इमरजेंसी में हुआ हंगामा

सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और इमरजेंसी में बुधवार की सुबह चार मरीजों की मौत हुई। नतीजा, मृतकों के स्वजनों ने हंगामा कर दिया। कुछ तीमारदारों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों के साथ हाथापाई की। अस्पताल प्रशासक ने इमरजेंसी वार्ड में पुलिस की तैनाती की मांग की है।

मचा था हाहाकार

सिविल अस्पताल में हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। नर्सिंग स्टेशन और पट्टी कक्ष के बाहर तक मरीज लिटाए हुए थे। स्ट्रेचर और कुर्सी पर बैठाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही थी। एक बेड पर दो मरीज भी लिटाए हुए थे। स्टाफ ने बताया कि हालात संभालना मुश्किल होता जा रहा है।

 

 

Source : Jagran

 

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