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राज्य

धमाके के साथ घर में लगी आग, एक ही परिवार के 3 लोग जिंदा जले, 4 घायल

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उकलाना के भैहरी अकबरपुर गांव के सुभाष की ढाणी में शुक्रवार की रात 2 बजे धमाके के साथ घर में आग लग गई। मकान में सो रहा परिवार आग के बीच घिर गया। आग लगते जागे परिवार के मुखिया सुरेश परिवार के सदस्यों को बाहर निकाल शुरू कर दिया। शोर शराबा होने पर आसपास के भी लोग पहुंच गए। इस दौरान मकान में सुरेश की पत्नी सुमन और उसकी दो बेटियां, निशा और रजनी आग में जिंदा जल गई। चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

रात में आग बुझाने निकली फायर ब्रिगेड की गाड़ी रास्त में फंस गई

उधर, हादसे की जानकारी मिलते ही अस्पताल से एंबुलेंस पहुंच गई लेकिन आते समय रास्ता खराब होने के कारण काफी देर तक फंसी रही। घायलों को रात हिसार के निजी में अस्पताल में दाखिल कराया गया। इधर बचाव के लिए पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी रास्ते में फंस गई। जो बड़ी मुश्किल से पहुंच सकी।
अस्पताल में भर्ती घायल सुरेश।

वहीं सूचना के बाद एसएचओ कृष्ण लाल भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हिसार के निजी अस्पतालों में दाखिल सुरेश एवं बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल आरती ने बताया कि धमाके के साथ आग लगी और तार जल उठे। सारे घर में धुआं फैल गया। प्रत्यक्षदर्शी हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बता रहे हैं। हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम जांच करेगी।

आग लगने के बाद घर की हालत।

उकलाना थाना के एसएचओ कृष्ण लाल रात तीन बजे मौके पर पहुंचे और जांच की। एसएचओ ने बताया कि गांव की ढाणी में सुरेश एवं उसके भाई के परिवार के करीब आठ लोग सोये हुए थे। इसी दौरान अचानक आग लग गई। बिजली की तारों के माध्यम से आग पूरे घर में फैल गई। जिसकी चपेट में सभी लोग आ गए। मकान में आग की चपेट में आने से सुरेश की पत्नी सुमन, बेटी निशा और रजनी की मौत हो गई। तीनों के शवों को सुबह 4 बजे अस्पताल भेज दिया गया। वहीं हादसे में सुरेश के अलावा भतीजी अंजू, चेतना, आरती झुलसी बतायी गई। बेटा रजत और बेटी गीता सुरक्षित हैं।

अस्पताल में घायल लड़की।

सुरेश बोला-चारों तरफ अंधेरा था, चीख-पुकार मची थी

खाना खाने के बाद मेरे और मेरे भाई का परिवार सो गया था। रात के करीब डेढ़ या दो बजे होंगे। अचानक आंख खुली तो आग लगी थी। धुआं ही धुआं था। बदहवासी हालत में सबको बचाने का प्रयास किया। अंधेरे में ज्यादा देख नहीं पाया। जो भी परिवार का सदस्य दिखा उसे बचाने का प्रयास किया। आग की लपटों की वजह से मैं भी झुलस गया।

मेरी पत्नी और दो बेटियां आग में ही फंसी रह गईं। चींख पुकार होने के बाद आसपास के खेतों में पानी लगा रहे लोग भी पहुंचे। इसके बाद एंबुलेंस के लिए किसी ने कॉल किया। -जैसा कि आग में झुलसे सुरेश ने भास्कर को बताया।

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कुरुक्षेत्र

पत्नी पर शक के चलते पति ने गंडासे से किया ह मला, बचाव में आई दो बेटियां भी गंभीर

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पटियाला बैंक कॉलोनी में शनिवार देर शाम पत्नी पर शक करने वाले पति ने पत्नी सहित दो बेटियों पर गंडासे से हम’ला कर घायल कर दिया। आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायलों को पड़ोसियों ने सिविल अस्पताल पहुंचाया। घायल महिला व उसकी बेटियों का इलाज चल रहा है।

अस्पताल पहुंची पुलिस पूछताछ करते हुए।

शरा’ब पीने का आदी है पति, पैंट में छिपाकर लाया था गंडासा

सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। 42 वर्षीय महिला ने बताया कि मूलरूप से बिहार के हैं। पिछले कई साल से पटियाला बैंक कॉलोनी में परिवार सहित रह रही हैं। कोठियों में झाडू पोचा कर वह घर चला रही है। जबकि उसका पति भी दिहाड़ी करता है। वह शरा’ब पीने का आदी है।

अस्पताल में भर्ती महिला की छोटी बेटी।

महिला ने बताया रात को दिहाड़ी से वह घर आया। आते ही छत पर चलने को कहने लगा। तब वह काम कर रही थी। इसी दौरान कमरे में ही पैंट में छुपाकर रखा गंडासे से सिर पर वार कर दिया। यह देख दोनों बेटियां बचाव में आई तो 15 वर्षीय बेटी के सिर पर भी वार कर दिया।

घायल महिला आपबीती बताते हुए।

जबकि 22 वर्षीय बेटी के हाथ पर गंडासा मारा। इसके बाद गाली निकालते हुए मौके से भाग गया। शोर सुन पड़ोसी आए। दिहाड़ी करने गया बेटा भी घर पहुंचा। पड़ोसियों ने तीनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दिनेश शारदा ने बताया कि तीनों पर तेजधार हथियार से हमला किया गया है।

महिला के सिर में दस टांके आए हैं। वहीं छोटी लड़की के सिर से लेकर मुंह तक 13 टांके लगाएं हैं। वहीं बड़ी लड़की का भी हाथ व अंगुलियां पर हम’ला किया है। तीनों ही हालत गंभीर है। डॉ. दिनेश के अनुसार तीनों का एक्सरे और सीटी स्कैन से अंदरूनी चोट का पता चलेगा।

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पानीपत

पानीपत में कैंडल मार्च निकाल कर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए जा रहे।

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले को लेकर जगह-जगह जन आक्रोश देखा जा रहा है। लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। चौक चौराहों पर पाकिस्तान के झंडों को आग के हवाले किया जा रहा है। एक तरफ शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही। कैंडल मार्च निकाला जा रहा, तो दूसरी तरफ शहीदों के परिजन के साथ सामाजिक संगठन ने पाकिस्तान का पुतला फूंक दिया। हालात ये हैं कि कहीं-कहीं पुलिस को सामने आकर लोगों को शांत कराना पड़ रहा है।

पानीपत में सुबह 10 बजे से कैंडल मार्च निकाल कर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए जा रहे। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से शहर गूंज रहा। बच्चे, बड़ों और बुजुर्गों की आंखे नम हो गईं। पानीपत जिले में लगभग 50 स्थानों पर श्रद्धांजलि दी।

Anger people in panipat

कार पर हरे रंग का झंडा देखकर भड़के लोग 
लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है। सनौली रोड पर दरगाह मखदूम साहब के नजदीक शुक्रवार को यूपी नंबर की एक गाड़ी पर हरे रंग का झंडा देखकर लोग भड़क गए। लोगों ने दरगाह के पास खड़ी गाड़ी को घेर लिया। मामले को देखते हुए पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को शांत किया। सनौली रोड के दुकानदारों ने पाकिस्तान का पुतला फूंका। विरोध जता कर नारेबाजी की।

Anger people in panipat

कैंडल मार्च निकाला
लघु सचिवालय के सामने एलिवेटेड हाईवे के नीचे कैंडल मार्च निकाल कर शहीदों को श्रद्धाजंलि दी गई। मेयर अवनीत कौर, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, वरिष्ठ नेता नीतिसेन भाटिया, आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल के निदेशक अभय आर्य, पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह, भाजपा के जिला उप प्रधान राममेहर मलिक, महासचिव देवेंद्र दत्ता, जेजेपी नेता देवेंद्र सिंह कादियान, विश्व हिंदू परिषद से गुलशन, पार्षद रविंद्र भाटिया व डॉ. आशीष संधू श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे।

Anger people in panipat

विभिन्न संगठनों ने मिलकर डीसी के मार्फत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। गोरक्षक आजाद सिंह आर्य ने कहा कि पुलवामा में हमला कायराना और सोचा समझी साजिश है। वे इसकी निंदा करते हैं। सरकार को जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाकर गुलाम कश्मीर को भी आजाद करवाया जाएं। पंजाब की तरह कार्रवाई कर आतंकवाद को खत्म किया जा सहा है। पत्थरबाजों पर किसी तरह की नरमी न बरतें। अलगाववादी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएं। मीडिया सेंटर संचालन समिति ने डीसी को ज्ञापन सौंप कर आतंकवादियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

Anger people in panipat

पुलावामा में आतंकवादियों के कायराना हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को सामाजिक सगंठनों, व्यापारिक संगठनों सहित शिक्षण संस्थानों ने श्रद्धांजलि दी।  नन्हें मुन्नों ने भी नम आंखों से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पिछड़ा प्रकोष्ठ, सिख समाज ने एचएस धामू के नेतृत्व में सेक्टर 25 में जवानों की श्रद्धांजलि दी।

Anger people in panipat

हैंडलूम बाजार में व्यापारियों ने जोगेंद्र नरूला के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला। मेन बाजार ट्रेड यूनियन प्रधान निशांत सोनी के नेतृत्व में देर शाम मेन बाजार में कैंडल मार्च निकाला। आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने शाम को लालबत्ती से लघु सचिवालय तक कैंडल मार्च निकाला। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के नितिन अरोड़ा सहित सेक्टर के उद्यमियों ने श्रद्धांजलि दी।

Anger people in panipat

समालखा के लोगों ने कैंडल मार्च से जहां शहीदों की शहादत को सलाम किया है। वहीं उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर भगवान से दुआ की। कस्बे के रेलवे स्टेशन से पुराना बस अड्डा तक रोष मार्च निकाला गया। बस अड्डा स्थित गुरुद्वारे में शहीदों के सम्मान में कैंडल जलाकर दो मिनट मौन व्रत रखा। क्लब, स्कूल, राजनीति, व्यापार सभी से जुड़े लोग एक बैनर के तले रोष व्यक्त कर रहे थे।

Anger people in panipat

सभी भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, वीर शहीदों अमर रहो, हम तुम्हारे साथ हैं। युवकों ने कहा कि दुश्मनों से बदला ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर विनोद छौक्कर, सुखवीर वर्मा, ओमदत्त आर्य, सतपाल कौशिक, कुलभूषण अरोड़ा, पीपी कपूर, रेणू धीमान, सपना गोयल, गौरव, डा. रामनिवास जिंदल, राधेश्याम जांगड़ा व जयगोपाल शर्मा मौजूद रहे।

Anger people in panipat

source Jagran

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पानीपत

पानीपत: जिस बेटे के लौटने का था परिवार को इंतज़ार, वो छोड़ चुका था ये दुनिया..

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इकलौते बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बदमाशों को फिरौती देने के लिए अपने जेवर तक गिरवी रख दिए थे। उन्होंने तीन लाख रुपये तक जुटा लिए थे। बावजूद उनके इकलौते चिराग को दर्दनाक मौत दी।

बता दें कि दो पुराने किरायेदारों ने साथी के साथ मिलकर शास्त्री कॉलोनी के व्यापारी सलीम के इकलौते बेटे शादाब का अपहरण कर लिया। पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजन तीन लाख रुपये देने को तैयार भी हो गए, लेकिन पकड़े जाने के डर से तीनों ने शादाब की पहले ही हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया।

मौसा कहता था एक आरोपित
शादाब के पिता सलीम ने बताया कि सलमान और गौरव उसके मकान में एक महीने तक किराये पर रहे थे। सलमान उसे खालू (मौसा) कहता था। उसे सलमान पर भरोसा था। सलमान व उसके साथियों ने बेटे को छोड़ देने के लिए तीन लाख की फिरौती मांगी थी। उसने जेवर गिरवी रखकर, ब्याज पर उधार लेकर तीन लाख रुपये जुटाये।

रुपये ले लिए लेकिन बेटा नहीं दिया
वह अपहरकर्ताओं के तय नरेला की माला कॉलोनी में पत्नी बिलकीश के साथ पहुंचा। अपहरणकर्ताओं ने उससे रुपये तो ले लिये और लेकिन बेटा नहीं लौटाया। भावुक सलीम ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा वह जिस सलमान को बेटा मानता था उसी ने उनके घर के चिराग को बुझा दिया। वह दो दिन से नहर में बेटे को ढूंढ़ रहा है। बेटे की मौत पर बिलकीश विलाप करते हुए बार-बार बेहोश हो रही थी। महिलाएं उसे सांत्वना दे रही थी।

sadab

शादाब का फाइल फोटो।

पानीपत से खुबडू तक शादाब की नहर में तलाश, बोट का तेल खत्म 
सुबह 11 बजे से चार गोताखारों और बोट से महराणा के पास से पश्चिमी यमुना लिंक नहर में खुबडू तक शादाब की पानी में तलाश की। 4:30 बजे बोट का तेल खत्म हो गया। इससे तलाश बंद हो गई। थाना चांदनी बाग और सीआइए-2 के 25 पुलिसकर्मी भी नहर पर डेरा डाले हुए हैं। रोहतक सिविल लाइन थाने के प्रभारी प्रवीन कुमार, सदर थाने के प्रभारी मंजीत मोर और सिविल लाइन थाना प्रभारी नीरज नहर में शादाब की तलाश करा रहे हैं। खुबडू चौकी इंचार्ज संदीप भी नहर पर नजर रखे हुए हैं। शादाब के पिता सलीम भी शाम तक नहर पर रहे। सीआइए-2 प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि दिल्ली पैरलल नहर में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी वजह से पश्चिमी यमुना लिंक नहर का पानी उसमें नहीं भेजा सकता है। शुक्रवार को फिर से बोट व गोताखारों की मदद से शादाब की तलाश की जाएगी।

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