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पूरे हरियाणा में मानसून के सक्रिय होते ही नदियां उफान पर आ गई, जानिए दो दिन कैसा रहेगा मौसम

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पूरे हरियाणा में मानसून के सक्रिय होते ही मंगलवार को फरीदाबाद, करनाल, यमुनानगर, जींद समेत अधिकांश जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। पहाड़ों पर भारी बारिश के अलावा यमुनानगर में हुई जोरदार बारिश के कारण यमुना का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। यहां जोरदार बारिश से नांगल ड्रेन टूटने के कारण एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया।

यमुना में बारिश की वजह से नागल ड्रेन टूटी और बाढ़ जैसे हालात।

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करनाल में तो बारिश ने 52 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। यहां 24 घंटे में 190 एमएम बारिश हुई। इससे पहले 15 जुलाई 1968 में 24 घंटे में हुई थी रिकार्ड 242 एमएम बारिश हुई थी। लगातार चार घंटे तक हुई बारिश ने स्मार्ट सिटी की हर सड़क को नाले में तब्दील कर दिया। सीवरेज ओवरफ्लो हुए, घरों में भी पानी घुस गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अब दो दिन तक पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार हैं।

yamuna

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चार डिग्री तक गिरा तापमान

बारिश की वजह से प्रदेश के सभी जिलों में तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को हिसार में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ था जो मंगलवार को 32.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान गिरने से गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने काफी राहत महसूस की।

Monsoon

अब टुकड़ों में होगी मानसून की बारिश

भारत मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून हरियाणा में पूरी तरह से छा गया है। अब मानसून की बारिश धीमे-धीमे होगी। क्योंकि मानसून टुकड़ों में आगे बढ़ता है। पूर्वी हरियाणा में भी बारिश के आसार हैं।

फसलों को मिलेगी राहत

इस बारिश से फसलों को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। मानसून की बारिश कपास, ग्वार, बाजरा आदि फसलों के लिए लाभदायक रहेगी। बारिश आने से इन फसलों की बिजाई अच्छी हो सकेगी। बिजाई के लिए किसान उत्तम किस्मों के प्रमाणित बीजों का प्रबंध करें।

किस जिले में कितनी बारिश

फरीदाबाद : 27.5 एमएम

यमुनानगर : 30 एमएम

सिरसा : 4 एमएम

जींद : 29 एमएम

हिसार : 10 एमएम

पानीपत : 16.6 एमएम

कुरुक्षेत्र : 10.4 एमएम

कैथल :17.4 एमएम

फतेहाबाद- 20 एमएम

monsoon

पहाड़ी क्षेत्र में बारिश यमुना का जलस्तर बढ़ा

उधर, पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया। हथनीकुंड बैराज पर सुबह सात बजे यमुना नदी में 58110 क्यूसेक पानी बहाव था जो करीब 11 बजे बढ़कर 60645 क्यूसेक हो गया। बैराज पर जलस्तर बढऩे के बाद पश्चिमी यमुना व पूर्वी यमुना नहर में पानी की सप्लाई कम कर यमुना नहर में छोड़ दिया गया। यमुना नदी में 42835 क्यूसेक पानी का बहाव रहा। यह अब तक का इस साल का अधिकतम बहाव है। यमुना का जलस्तर बढऩे से आसपास के ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई।

ड्रेन टूटने से फसल जलमग्न

यमुनानगर में जोरदार बारिश के कारण मंगलवार को सुबह करीब सात बजे चांदपुर गांव के पास नागल ड्रेन टूट गई। ड्रेन टूटने से अराइयांवाला, चांदपुर, बांबेपुर, नागल, बहादुरपुर, प्रतापनगर, किशनपुर सहित अन्य कई गांवों के रकबे में बरसाती पानी फैल गया और हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। दोपहर बाद बीडीपीओ जोगेश कुमार ने क्षेत्र का दौरा किया और ड्रेन के क्षतिग्रस्त किनारों की मरम्मत शुरू हो गई।

Source Jagran

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