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पानीपत

पति की माैत के बाद पत्नी ने जारी रखा अवैध शराब का काराेबार, ठेके से 30 से 40% सस्ती बेचती थी बोतल

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पति की माैत के बाद पत्नी ने जारी रखा अवैध शराब का काराेबार, ठेके से 30 से 40% सस्ती बेचती थी बोतल

जहरीली शराब से 5 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने धनसोली गांव की सोनिया को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शराब पीने से बीमार हुए इंद्रसिंह और रमेश से पूछताछ के बाद हुई। दोनों ने ही पुलिस को बताया कि सोनिया अवैध शराब बेचती है। उसी से शराब लेकर मृतकों ने शराब पी थी। ग्रामीणों का कहना है कि सोनिया ने पति राजेश की मौत के बाद अवैध शराब के कारोबार को संभाला।

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राजेश अवैध शराब के कारोबार के साथ आए दिन शराब पीता था। डेढ़ साल पहले उसकी मौत हो गई। उसके छोटे-छोटे दो बेटे हैं। सोनिया ठेके से 30 से 40 प्रतिशत सस्ते दाम पर बाेतल देती थी। 24 घंटे में कभी भी कोई शराब खरीद लेता है। जो देसी बोतल ठेके पर 150 रुपए में मिलती है वह सोनिया 80 से 100 रुपए में दे देती थी। उसको नंगला पार और आसपास के गांव के ठेकेदार शराब की सप्लाई देने के लिए आते थे।

सोनिया के अलावा गांव में दो लोग और अवैध शराब बेच रहे थे। पुलिस गांव से करीब 10 लोगों को उठाया है। सोनिया को देर शाम जेल भेज दिया गया। एसपी मनीषा चौधरी ने पूरे जिले में अवैध शराब पर विशेष अभियान चलाया। 10 घंटे में पुलिस ने छापेमारी कर काफी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी। 17 एफआईआर दर्ज हुई। वहीं समालखा के राक्सेड़ा में भी सर्च अभियान चलाया गया। कई घरों में रेड की गई।

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7 मौत की जांच होगी

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धनसोली के 4 लोगों के पोस्टमार्टम हुए। इनका जिक्र एफआईआर में है। लेकिन 3 अन्य मौत भी जहरीली शराब से जोड़कर देखी जा रही हैं। एसपी ने कहा कि 4 मौत के अलावा राणा माजरा के शिव कुमार और नंगला पार के सुशील और मेहर सिंह की मौत की सूचना मिली है। उनके परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना दिए ही शवों के अंतिम संस्कार कर दिए। उन तीनों मौत की भी पुलिस जांच करेगी कि उनकी मृत्यु का क्या कारण रहा है। एसपी ने कहा कि अवैध शराब की पूरी चेन को खत्म करने के लिए एसआईटी काम कर रही है। सोनीपत में भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। पानीपत एसआईटी सोनीपत पुलिस के टच में हैं।

आईजी तक से कंप्लेंट, नहीं रुकी अवैध बिक्री

शराब ठेकेदार सोनू नरवाल ने कहा कि आईजी तक से शिकायत की। धनसौली और कुरार के 4 लोग अवैध रूप से नकली शराब बेच रहे हैं। एक माह पहले तो सनौली थाना पुलिस को नकली शराब बेचने का वीडियो दिया तब पुलिस ने चालान काटा। ठेकेदार ने कहा कि सिवाह से यमुना बेल्ट तक नकली शराब बन भी रही है ।

शराब पीने के बाद सीने में जलन, उखड़ने लगी थीं सांसें

धनसौली में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला बुधवार शाम 4 बजे से ही शुरू हो गया था। पहली मौत शाम 4 बजे 35 साल के इस्लाम की हुई। फिर, रात 12 बजे 34 साल का बिजेंद्र चल बसा। गुरुवार तड़के 4 बजे 61 साल के सतपाल की मौत हो गई। इसके बाद सुबह 7 बजे 75 साल के बलबीर की। इसके बाद ग्रामीणों को जहरीली शराब से मौत होने की कड़ी मिली।

मजदूरी का काम करने वाले इस्लाम को घर पहुंचते ही हुई उल्टी, 18 घंटे में मौत

चिनाई आदि की मजदूरी करने वाला धनसौली का 35 साल का इस्लाम। मंगलवार रात करीब 9 बजे घर पहुंचा था। भाई वकील ने बताया कि वह नशे की हालत में था। उसे उल्टी हुई। सीने में जलन और सांस लेने में दिक्कत बताई। उसके बाद सो गया। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे तबीयत बिगड़ गई। कमर में दर्द, सिर में दर्द और उल्टी हो रही थी तो प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।

बिजेंद्र की फूल रही थीं सांसें, बुधवार रात उपचार के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम

खेतीबाड़ी करने वाला धनसौली का 34 साल का बिजेंद्र। बुधवार दोपहर 12 बजे पत्नी कविता ने देवर रविंद्र बताया कि भाई की तबीयत खराब है। सांसें फूल रही थीं। सीने में जलन थी। रविंद्र ने बताया कि वह तत्काल ही उसे लेकर सनौली स्थित निजी अस्प्ताल में पहुंचे। वहां चिकित्सक ने भर्ती करने से मना कर दिया। वहां से हैदराबादी अस्पताल फिर रात को असंध रोड बालाजी अस्पताल ले गया। जहां रात 12 बजे मौत हो गई।

तड़के 4 बजे एकदम से अकड़ गया था शरीर, खाट पर लिटाते ही सांसें हुई बंद

धनसौली के 61 साल के सतपाल। बुधवार दोपहर बकरी चराने गए। साथी ने पत्नी सुरेश को फोन कर कहा कि तबीयत बिगड़ गई है, ले जाओ। छाती में दर्द व उल्टी की शिकायत थी। भतीजे संदीप ने बताया कि पैसे का इंतजाम करते-करते रात के 9 बज गए। फिर सनौली प्राइवेट अस्पताल ले गए। दवा दिलाकर रात में ले आए। तड़के 4 बजे सतपाल बाथरूम के लिए उठे तो बाहर ही बैठ गए। खटिया पर लिटाते ही सांसें बंद हो गईं।

ग्रामीण बोले- पुलिस शिकायत करने पर भी नहीं आती थी, अब गाड़ियां घूम रहीं

मृतक सतपाल के बेटे जोगिंदर व भतीजे संदीप के साथ ही ग्रामीण तेजबीर, जोगिंदर, चंद्रभान, जयभगवान, हवा सिंह, हरसिंह, कृष्ण, सुरेश, अनिल आदि ने कहा कि आज तो सुबह से ही पुलिस की गाड़ियां गांव में घूम रही हैं। अगर शिकायत पर भी इसी तरह से पुलिस सक्रिय होती तो गांव में इतने शव एक साथ नहीं जलते। गांव के मुख्य रास्ते पर बने शराब ठेके पर काम करने वाले कारिंदे रवि ने बताया कि सामान्य दिनों में रोजाना शराब की 20 बोतल तक बिकती हैं। लेकिन बुधवार को सिर्फ 9 बोतलें ही बिकीं। गांव में ही लोगों को सस्ते में शराब मिलती है।

 

 

Source : Bhaskar

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