देशभर में होने वाली आगामी जनगणना की तैयारियों के बीच हरियाणा राज्य के लिए आधिकारिक समय सारणी घोषित कर दी गई है। केंद्रीय प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत हरियाणा को तय राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है, जिसके चलते यहां निर्धारित समय सीमा के भीतर ही प्रशासनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। राज्य के सभी जिलों में नागरिकों की गिनती और उनके सामाजिक-आर्थिक विवरण को जुटाने का यह वृहद अभियान प्रशासनिक अमले के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ निष्पादित किया जाएगा।
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, हरियाणा में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की टीमें सीधे तौर पर मैदानी स्तर पर उतरकर कार्य करेंगी। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक परिवारों की सूची तैयार करने और उनसे जुड़े प्रामाणिक आंकड़े संकलित करने का यह दूसरा चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में सटीकता बनाए रखने के लिए विशेष तकनीकी और मैन्युअल दोनों माध्यमों का समागम किया गया है ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए।
ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल और घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया
इस बार की जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुगम, डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नागरिकों को घर बैठे अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का अनूठा विकल्प भी प्रदान किया है। इस व्यवस्था के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल 10 जनवरी 2027 से सक्रिय हो जाएगा जो 24 जनवरी 2027 तक खुला रहेगा। इस पखवाड़े के दौरान राज्य का कोई भी नागरिक इंटरनेट के माध्यम से अपने परिवार से जुड़ी तमाम आवश्यक सूचनाएं स्वयं पोर्टल पर अपलोड कर सकता है।
ऑनलाइन डेटा फीडिंग की अवधि समाप्त होने के ठीक बाद प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय होगी। निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के दौरान सरकारी कर्मचारी और नियुक्त प्रगणक प्रत्येक घर के दरवाजे तक पहुंचेंगे। वे पोर्टल पर भरी गई जानकारियों का मिलान करने के साथ-साथ उन परिवारों से भी डेटा प्राप्त करेंगे जो ऑनलाइन माध्यम का उपयोग नहीं कर पाए थे। यह चरण जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिहाज से सबसे अहम कड़ी साबित होगा।
| चरण / गतिविधि | निर्धारित समयावधि | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| ऑनलाइन स्व-गणना | 10 जनवरी - 24 जनवरी 2027 | नागरिक पोर्टल के जरिए खुद भर सकेंगे परिवार का ब्योरा |
| घर-घर फील्ड सर्वे | 25 जनवरी - 28 फरवरी 2027 | प्रगणक घर-घर जाकर जुटाएंगे और सत्यापित करेंगे आंकड़े |
| संदर्भ तिथि (Reference Date) | 1 मार्च 2027 (मध्यरात्रि) | इसी तय समय के आधार पर दर्ज होगी आधिकारिक जनसंख्या स्थिति |
| रिवीजन एवं सुधार दौर | 1 मार्च - 5 मार्च 2027 | छूटे हुए विवरणों को जोड़ना और डेटा में आवश्यक संशोधन |
संदर्भ तिथि और आंकड़ों के संशोधन का चरण
प्रशासनिक नियमावली के अनुसार जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों के संकलन हेतु 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (रात के 12 बजे) को संदर्भ तिथि के रूप में मुहर लगाई गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस विशिष्ट क्षण तक की जनसांख्यिकीय स्थिति को ही अंतिम रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा। जन्म, मृत्यु और परिवार संरचना से जुड़े सभी समीकरण इसी समयाधार पर तय किए जाएंगे ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक समान और त्रुटिहीन डेटा बैंक तैयार किया जा सके।
मुख्य गणना का कार्य फरवरी माह के अंत तक समाप्त हो जाने के उपरांत, मार्च के शुरुआती दिनों में यानी 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक एक विशेष संशोधन पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस दौरान यदि किसी क्षेत्र में कोई परिवार छूट गया हो या पूर्व में दर्ज की गई प्रविष्टियों में कोई त्रुटि पाई जाए, तो उसे दुरुस्त करने की पूरी छूट रहेगी। इस प्रक्रिया के संपन्न होने के पश्चात ही हरियाणा से संबंधित अंतिम जनसांख्यिकीय रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
"जनगणना राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है। हरियाणा में प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रत्येक नागरिक का डेटा पूरी प्रामाणिकता के साथ दर्ज हो सके। हम सभी प्रदेशवासियों से अपील करते हैं कि वे निर्धारित तिथियों पर कर्मचारियों को सही और पूर्ण जानकारी दें।" - प्रशासनिक प्रवक्ता, जनगणना निदेशालय
अन्य राज्यों की स्थिति और हरियाणा की प्रशासनिक तैयारियां
उल्लेखनीय है कि देश के सभी हिस्सों में एक समान समय पर जनगणना नहीं हो रही है। कुछ चुनिंदा पर्वतीय और भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्रों, विशेषकर बर्फबारी से प्रभावित इलाकों तथा कुछ विशेष राज्यों में प्रशासनिक बाधाओं के चलते अलग से समय सारणी तय की गई है। उदाहरण के तौर पर मणिपुर और कुछ अन्य क्षेत्रों को फिलहाल इस समकालिक चक्र से अलग रखा गया है, जहां बाद की परिस्थितियों के अनुसार गणना कराई जाएगी। इसके विपरीत, हरियाणा में किसी भी प्रकार का भौगोलिक व्यवधान न होने के कारण इसे तयशुदा राष्ट्रीय कैलैंडर में मजबूती से शामिल किया गया है।
स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन और सांख्यिकी विभाग ने अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रगणकों को डिजिटल टैबलेट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा प्रविष्टि करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि मैदानी स्तर पर इंटरनेट या सर्वर संबंधी किसी बाधा का सामना न करना पड़े। पानीपत सहित पूरे हरियाणा के शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्थानीय निकायों को इस बाबत निर्देश जारी किए जा चुके हैं ताकि आम जनता को इस राष्ट्रव्यापी अभियान के प्रति जागरूक किया जा सके और वे बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।




