देशभर के अन्नदाताओं के लिए आर्थिक संबल की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का वितरण शुरू कर दिया है। इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की। इस राष्ट्रीय पर्व जैसे अवसर पर हरियाणा के भिवानी जिले में आयोजित एक विशेष राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की और प्रदेश के किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाओं के साथ इस सहायता राशि के वितरण की आधिकारिक पुष्टि की।
भिवानी की पावन भूमि से किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस ताजा किस्त के माध्यम से हरियाणा के लगभग 16 लाख 23 हजार किसानों के बैंक खातों में कुल 324 करोड़ रुपये की राशि पहुंच चुकी है। अकेले भिवानी जिले के 1.21 लाख किसानों को 24.30 करोड़ रुपये का सीधा लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले छोटे किसानों को अपनी कृषि संबंधी छोटी-छोटी आवश्यकताओं जैसे खाद, बीज और घरेलू खर्चों के लिए स्थानीय साहूकारों के दरवाजे पर जाना पड़ता था, जहां भारी ब्याज के चलते उनकी फसल की कमाई का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में ही चला जाता था।
साहूकारों के शिकंजे से मुक्ति और सीधे बैंक खातों में सहायता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों का खाका खींचते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की इस पीड़ा को गहराई से समझा और इस अनूठी योजना की परिकल्पना की। शुरुआती दौर में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब विपक्षी दलों ने इस पर कई तरह के सवाल उठाए थे और राशि को नाकाफी बताया था, लेकिन आज यह योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए सबसे बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच बन चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस 24वीं किस्त के बाद से इस योजना के तहत राष्ट्रव्यापी कुल हस्तांतरण 4.64 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि पारदर्शिता के साथ सरकारी धन सीधे अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।
प्रदेश स्तर पर किसानों को फसल की लागत से लेकर प्राकृतिक आपदाओं तक में राहत देने के लिए सरकार लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों के दौरान राज्य में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को मुआवजे के रूप में 16 हजार 160 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा, कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नकली बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ अत्यंत कठोर कानूनी प्रावधान किए गए हैं ताकि किसानों की मेहनत पर कोई डाका न डाल सके।
| विवरण / योजना | लाभार्थी संख्या / राशि | विशेष मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय स्तर पर 24वीं किस्त | 9.34 करोड़ से अधिक किसान | कुल 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर |
| हरियाणा राज्य में वितरण | 16.23 लाख किसान | कुल 324 करोड़ रुपये की सीधी आर्थिक सहायता |
| भिवानी जिला विशेष | 1.21 लाख किसान | कुल 24.30 करोड़ रुपये की राशि खातों में पहुंची |
| गन्ना भाव (2026-27 सत्र) | उत्पादक किसान | बढ़ाकर 430 रुपये प्रति क्विंटल किया गया |
| गन्ना भाव (2027-28 सत्र) | उत्पादक किसान | बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा |
24 फसलों पर एमएसपी और गन्ने के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
कृषि विपणन और न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ घोषणा की कि हरियाणा देश का इकलौता ऐसा राज्य है जो अपनी धरती पर कुल 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित कर रहा है। इसके साथ ही भावांतर भरपाई योजना के माध्यम से भी किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाया जा रहा है। गन्ना उत्पादकों के लिए सरकार ने बड़ा तोहफा देते हुए घोषणा की है कि आगामी 2026-27 के पेराई सत्र के लिए गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति क्विंटल और 2027-28 के सत्र के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले सत्र में 415 रुपये था। इन दो वर्षों में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की यह वृद्धि किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करेगी।
पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग बंद किया जाना चाहिए। प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए गाय के पालन हेतु 30 हजार रुपये की सब्सिडी, अनाज भंडारण के लिए 3 हजार रुपये और लगातार तीन साल तक प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मोरनी ब्लॉक में प्राकृतिक खेती के उत्पादों को बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत अधिक पर खरीदने का अनूठा अनुबंध भी किया गया है ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक हरसंभव सुरक्षा और सहायता प्रदान कर रही है। हरियाणा देश का वह पहला राज्य है जो रिकॉर्ड 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद कर रहा है और हम किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
सिंचाई के आधुनिक साधन और पराली प्रबंधन पर जोर
कृषि क्षेत्र में ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सौर ऊर्जा पंपों पर 75 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक प्रदेश में लगभग 2 लाख सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है। वहीं, पराली प्रबंधन के मोर्चे पर भी इस बार सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। सरकार द्वारा किसानों को एक लाख 11 हजार आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और इस व्यवस्था के लिए एक हजार करोड़ रुपये की भारी सब्सिडी दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस बार किसानों ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अनुकरणीय सहयोग दिया है।
आगामी 1 नवंबर को आने वाले हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस के परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री ने किसानों से पानी की हर एक बूंद को सहेजने, खेती में आधुनिक तकनीकों का समावेश करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और कृषि को भविष्य के अनुकूल एक लाभप्रद व्यवसाय बनाने के लिए हरसंभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं।




