पानीपत लाइव (विशेष रिपोर्ट): हरियाणाभर में बिजली कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होना शुरू हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में बीती रात से ही बिजली गुल होने के कारण ब्लैकआउट जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। आम जनता को हो रही इस असुविधा को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक की और प्रशासन को पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
कड़ा रुख और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हड़ताल के मद्देनजर सरकार ने साफ कर दिया है कि जनहित सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। हड़ताल के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए राज्यभर में 6,230 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बिजली उपक्रमों और ग्रिड्स की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की जा रही है ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके।
प्रशासन को 'प्रो-एक्टिव' रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तरह 'प्रो-एक्टिव' (Pro-Active) होकर काम करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि हड़ताल के कारण कहीं भी प्रशासनिक या जनसुविधा से जुड़ी अव्यवस्था न फैले। किसी भी बिजली संस्थान या संपत्ति को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को विशेष चौकसी बरतने को कहा गया है।
बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए 'प्लान B'
कर्मचारियों की हड़ताल के बीच जनता को बिजली संकट से बचाने के लिए सरकार ने अपना 'प्लान B' लागू कर दिया है। इसके तहत निम्नलिखित विकल्पों पर काम किया जा रहा है:
| संसाधन / विभाग | तैनाती का उद्देश्य |
|---|---|
| ITI और पॉलिटेक्निक छात्र | अंतिम वर्ष के तकनीकी छात्रों की सेवाएं लेकर फॉल्ट और सप्लाई ठीक करना। |
| अन्य तकनीकी स्टाफ | विभिन्न विभागों में कार्यरत तकनीकी विशेषज्ञों और औद्योगिक इकाइयों के स्टाफ की मदद। |
| पुलिस बल (6,230 जवान) | संवेदनशील बिजली ग्रिडों और उपकेंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। |
| ड्रोन निगरानी | असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल। |
सरकार का संवाद और अपील
एक तरफ जहां सरकार सख्त कदम उठा रही है, वहीं मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार बिजली कर्मचारियों की मांगों के प्रति संवेदनशील है। कर्मचारी यूनियनों की मांग के अनुरूप सरकार ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से अपील की है कि वे जनता की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से अपनी हड़ताल वापस लें और काम पर लौटें।
दूसरी ओर, गुरुग्राम और नूह जिलों में बिजली वितरण के काम को निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों में खासा रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बिजली सुचारू करने के प्रयास जारी हैं।


