पानीपत जिले के ग्रामीण आंचल में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला के तहत शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिले के अंतर्गत आने वाले गाँव बिचपड़ी में श्री वाल्मीकि महासभा के बैनर तले भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव एवं विचार गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महापुरुषों के जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुँचाना और युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से अवगत कराना रहा। इस आयोजन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा क्षेत्र भक्तिमय परिवेश से सराबोर नजर आया।
समारोह के मुख्य आकर्षण हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक महीपाल ढांडा रहे, जिन्होंने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। उनके साथ पानीपत नगर निगम की मेयर कोमल सैनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और भगवान वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने आदि कवि महर्षि वाल्मीकि के कृतित्व और उनके महान व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। आयोजकों द्वारा अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
रामायण महाकाव्य और आदर्श समाज निर्माण पर मंथन
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सृष्टि के रचनाकार भगवान वाल्मीकि ने महाकाव्य रामायण के रूप में पूरी मानवता को एक अमूल्य उपहार दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ मात्र नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की वह पद्धति है जिसे भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में पढ़ा और आचरण में लाया जाता है। उनके अनुसार, रामायण समाज और परिवारों को एकजुट रखने का सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके विभिन्न पात्रों के चरित्र को यदि आज के दौर में अपने जीवन में उतार लिया जाए, तो एक आदर्श और सुसंस्कृत समाज की स्थापना स्वतः सुनिश्चित हो जाती है।
कार्यक्रम में आगे बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि रामलीला और रामायण के मंचन के जरिए भगवान वाल्मीकि की यह immortal रचना आज भी देश के कोने-कोने में हर व्यक्ति के हृदय में गहराई तक रची-बसी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें और समाज में भाईचारा तथा समरसता बनाए रखने में अपना योगदान दें। गोष्ठी के दौरान विभिन्न विद्वानों और वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा करते हुए महर्षि वाल्मीकि के सामाजिक योगदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
| विवरण | विवरण विवरण |
|---|---|
| आयोजन स्थल | गाँव बिचपड़ी, पानीपत |
| मुख्य अतिथि | महीपाल ढांडा (शिक्षा मंत्री, हरियाणा) |
| विशेष अतिथि | कोमल सैनी (मेयर, पानीपत) |
| प्रमुख घोषणा | गाँव में भव्य वाल्मीकि भवन का निर्माण |
| आयोजक संस्था | श्री वाल्मीकि महासभा |
गाँव में वाल्मीकि भवन के निर्माण की मिली सौगात
समारोह के दौरान स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी मांग पर मुहर लगाई गई। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने ग्रामीणों को सार्वजनिक मंच से आधिकारिक रूप से विश्वास दिलाया कि पानीपत की मेयर कोमल सैनी के विशेष सहयोग और प्रशासनिक समन्वय से गाँव बिचपड़ी में एक भव्य एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त वाल्मीकि भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस घोषणा के बाद उपस्थित ग्रामीणों ने ताली बजाकर और नारेबाजी कर सरकार व जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि इस भवन के बन जाने से गाँव में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए एक बेहतरीन स्थायी मंच उपलब्ध हो जाएगा।
समारोह में शिरकत करने पहुँचीं पानीपत की मेयर कोमल सैनी ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के हर वर्ग, समाज और जाति में प्रभु वाल्मीकि को अत्यंत आदर और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। उन्होंने स्थानीय जनता को आश्वस्त किया कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनहित और विकास कार्यों के लिए उनके कार्यालय के दरवाजे हमेशा खुले हैं। मेयर ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए बुनियादी ढांचे का विकास बेहद जरूरी है और बिचपड़ी गाँव में बनने वाला वाल्मीकि भवन इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर पर समाज सेवा और संगठन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।
"भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण समाज और परिवारों को जोड़ने की वह अद्भुत कला है, जिसके आदर्शों को अपनाकर ही एक श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण संभव है। गाँव बिचपड़ी में जल्द ही भव्य वाल्मीकि भवन का निर्माण कराया जाएगा।" - महीपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा
सांस्कृतिक समरसता और स्थानीय सहभागिता
इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सौहार्द और सामाजिक एकजुटता को नया बल मिलता है। बिचपड़ी में आयोजित इस प्रकटोत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व समाज को पाटने का काम करते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय कमेटियों और गणमान्य व्यक्तियों की भूमिका सराहनीय रही। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में सुमेर सिंह, मुकेश बोस और प्राण रत्नाकर ने भी अपने विचार रखे और युवाओं को नशा मुक्ति तथा शिक्षा के प्रसार का संदेश दिया। आयोजन को सफल बनाने में जगदीश गिल, विनोद चंदेल और धीरज उग्राखेड़ी की विशेष भूमिका और सक्रियता देखने को मिली।
समारोह के समापन अवसर पर क्षेत्र के कई जाने-माने राजनीतिक और सामाजिक चेहरे उपस्थित रहे। इस दौरान भाजपा मंडलाध्यक्ष जसबीर गिल, सुरेंद्र परूथी, राकेश शर्मा, साहब सिंह रंगा, सन्नी, राजीव रिडलान, शम्मी गिल, सुरेश गुंबर और गुलशन सहित भारी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तعد नजर आया, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।




