पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, खेल के क्षेत्र में पानीपत के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इंटर जोनल पुरुष वॉलीबॉल टूर्नामेंट में स्थानीय आर्य पीजी कॉलेज की टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी जीत के साथ ही जिले के खेल प्रेमियों और शिक्षण संस्थानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। खिलाड़ियों की इस मेहनत ने पूरे संभाग में संस्थान का मान बढ़ाया है।
प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में आर्य कॉलेज के खिलाड़ियों ने पिछली बार की चैंपियन डीएवी कॉलेज करनाल को 3-1 के सेटों में शिकस्त दी। टूर्नामेंट के दौरान शुरुआत से ही टीम ने आक्रामक और अनुशासित खेल का परिचय दिया। शुरुआती चरण से लेकर फाइनल तक के सफर में खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और रणनीतिक कौशल का शानदार नमूना पेश किया, जिसकी हर तरफ सराहना की जा रही है।
टूर्नामेंट का रोमांचक सफर और सिलसिलेवार मुकाबले
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पहुंचने से पहले आर्य कॉलेज की टीम ने कई कड़े मुकाबलों में जीत दर्ज की। अपने अभियान की शुरुआत करते हुए टीम ने पहले मैच में गुरु नानक खालसा कॉलेज यमुनानगर को सीधे सेटों में 3-0 से करारी शिकस्त देकर लीग चरण में प्रवेश किया। इसके बाद के चरणों में भी खिलाड़ियों का हौसला बुलंद रहा और उन्होंने अपने शानदार समन्वय से विरोधियों को कोई मौका नहीं दिया।
लीग मुकाबलों के अगले चरण में टीम ने जनता कॉलेज कौल को भी 3-0 से पराजित किया। सेमीफाइनल और अन्य महत्वपूर्ण चरणों में दयाल सिंह कॉलेज करनाल के खिलाफ हुए संघर्षपूर्ण मुकाबले में टीम ने 3-1 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया। अंततः खिताबी मैच में भी अपनी लय बरकरार रखते हुए टीम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया और इतिहास रच दिया।
| चरण / मुकाबला | प्रतिस्पर्धी टीम | मैच का परिणाम |
|---|---|---|
| शुरुआती मैच | गुरु नानक खालसा कॉलेज, यमुनानगर | 3-0 से विजय |
| लीग चरण | जनता कॉलेज, कौल | 3-0 से विजय |
| सेमीफाइनल/क्वालीफायर | दयाल सिंह कॉलेज, करनाल | 3-1 से विजय |
| फाइनल मुकाबला | डीएवी कॉलेज, करनाल (डिफेंडिंग चैंपियन) | 3-1 से विजय (स्वर्ण पदक) |
राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए नौ खिलाड़ियों का चयन
इस शानदार जीत का एक और सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह रहा कि टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर आर्य कॉलेज के कुल नौ खिलाड़ियों को नॉर्थ जोन इंटर-यूनिवर्सिटी कोचिंग कैंप के लिए चुना गया है। चयनित होने वाले खिलाड़ियों में अंकुर, योगेश, अभिराज राजपूत, हर्ष नागर, मृत्युंजय, रजत सिंह, उमेद सिंह, मंजीत राणा और रजनीश सिंह शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का संभावित विश्वविद्यालय टीम में चयन होना जिले के खेल भविष्य के लिए बहुत बड़ी उम्मीद जगाता है।
कॉलेज के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के पीछे शारीरिक शिक्षा विभाग की कड़ी मेहनत और खिलाड़ियों का पसीना शामिल है। खेल प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के मंच मिलने से स्थानीय स्तर पर युवाओं का रुझान खेलों के प्रति तेजी से बढ़ेगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का नाम रोशन करेंगे।
"हमारे विद्यार्थियों ने कड़े संघर्ष और अनुशासन के बल पर यह स्वर्ण पदक जीता है। यह जीत न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे पानीपत जिले के लिए गर्व का विषय है। चयनित खिलाड़ी आने वाले समय में विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन करेंगे।" - प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी कॉलेज
प्रबंधन समिति और शिक्षाविदों की प्रतिक्रिया
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय की प्रबंधन समिति और प्रशासनिक अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है। कॉलेज प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष वीरेंद्र शिंगला ने इसे संस्थान के लिए एक गौरवशाली पल बताया। वहीं, उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, सहनशीलता और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं, जो उनके भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रबंधन समिति, प्राचार्य और उपाचार्या ने इस सफलता का पूरा श्रेय शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश तूर्ण और उनकी पूरी कोचिंग टीम के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि समय पर सही रणनीति और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं ही इस प्रकार के बड़े परिणाम लेकर आती हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा और आगामी खेल गतिविधियां
इस बड़ी सफलता का प्रभाव स्थानीय युवा वर्ग और अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ रहा है। पानीपत के युवा खिलाड़ियों में इस परिणाम के बाद खेल के प्रति उत्साह दोगुना हो गया है। स्थानीय खेल जानकारों का मानना है कि यदि जिले के युवाओं को इसी प्रकार का बुनियादी ढांचा और सही मार्गदर्शन मिलता रहे, तो आने वाले दिनों में यहां से और भी कई राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाएं निकलकर सामने आएंगी। आगामी समय में इन चयनित खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पूरे जिले की निगाहें टिकी रहेंगी।




