पानीपत लाइव, ब्यूरो रिपोर्ट: पानीपत जिला सचिवालय के ऑडिटोरियम में आज महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पानीपत शहरी विधायक प्रमोद कुमार विज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विधायक विज ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि मानवता के लिए जीवन जीने का एक संपूर्ण दर्शन है।
मानवता और समरसता का कालजयी संदेश
विधायक प्रमोद विज ने अपने संबोधन में महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से करुणा, सत्य और समरसता का जो मार्ग दिखाया है, वह आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने समाज के समृद्ध और समर्थ परिवारों से एक विशेष अपील करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। जब समाज का संपन्न वर्ग शोषित और वंचित वर्ग का हाथ थामेगा, तभी महर्षि वाल्मीकि के समानता वाले समाज का सपना धरातल पर साकार हो पाएगा।
| महत्वपूर्ण विवरण | विवरण विवरण |
|---|---|
| आयोजन का नाम | जिला स्तरीय महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह |
| मुख्य अतिथि | प्रमोद कुमार विज (विधायक, पानीपत शहरी) |
| आयोजन स्थल | जिला सचिवालय सभागार, पानीपत |
| प्रमुख घोषणा | समरसता विरासत केंद्र की स्थापना |
| विशेष उपलब्धि | 32 सामुदायिक भवनों का निर्माण |
वाल्मीकि समाज का योगदान और सरकार की योजनाएं
विधायक विज ने वाल्मीकि समाज की सेवा और समर्पण भावना की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने स्वच्छता और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय भूमिका निभाई है। उन्होंने स्थानीय उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि पानीपत में समाज के विभिन्न मांगलिक और सामाजिक कार्यों के संचालन हेतु 32 भव्य भवनों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार 'संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना' के माध्यम से महापुरुषों की शिक्षाओं को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है। इसी कड़ी में उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही एक 'समरसता विरासत केंद्र' स्थापित किया जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
"रामायण हमें सिखाती है कि समाज में कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का मार्ग दिखाता है। हमें उनके आदर्शों को केवल नारों तक सीमित न रखकर अपने आचरण में उतारना चाहिए।" - प्रमोद कुमार विज, विधायक
प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समालखा के एसडीएम अमित कुमार और डीआईपीआरओ सुनील बसताड़ा उपस्थित रहे। भाजपा नेता प्राण रत्नाकर ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि एक महान शिक्षक और दूरदर्शी थे, जिन्होंने लव-कुश के माध्यम से शौर्य और नैतिकता का पाठ पढ़ाया। जिला कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिल्लोड ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर निगम पार्षद रॉकी गहलोत, अनिल मदान, जिला विजिलेंस कमेटी के सदस्य सतप्रकाश वैद्य, गोविंदा लाहौट और धीरज उग्राखेड़ी सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
सामाजिक प्रभाव और भविष्य की रूपरेखा
समारोह का समापन महर्षि वाल्मीकि की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल समाज में आपसी भाईचारे का संदेश दिया, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर वाल्मीकि समाज की लंबित मांगों और विकास कार्यों पर भी मुहर लगाई। विधायक द्वारा घोषित समरसता विरासत केंद्र को लेकर स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह केंद्र क्षेत्र में सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा का एक प्रमुख स्तंभ बनेगा। आगामी समय में प्रशासन इन योजनाओं को गति देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है।




