पानीपत लाइव ब्यूरो: हरियाणा के औद्योगिक शहर पानीपत में त्योहारों के सीजन के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की पुलिसिया कवायद धरातल पर चुनौतियों से जूझती नजर आ रही है। पानीपत की पुलिस अधीक्षक (एसपी) मेधा भूषण ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए शहर के मुख्य बाजारों का सघन निरीक्षण किया, लेकिन प्रशासनिक सख्ती का असर उनकी मौजूदगी तक ही सीमित दिखाई दिया। जैसे ही एसपी का काफिला बाजार से रवाना हुआ, प्रतिबंधित क्षेत्रों में ई-रिक्शा की बाढ़ आ गई, जिससे गुड़मंडी और आसपास के इलाकों में लंबा जाम लग गया और खरीदारी करने आए आम नागरिकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एसपी का पैदल मार्च और व्यापारियों से संवाद
त्योहारी सीजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए एसपी मेधा भूषण शाम करीब पौने छह बजे शहर के हृदय स्थल इंसार बाजार स्थित लालबत्ती चौक पर पहुंचीं। यहाँ संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान गौरव लिखा और सुनील भराड़ा सहित अन्य प्रमुख व्यापारियों ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात, एसपी ने लालबत्ती चौक से लेकर ऐतिहासिक सलारजंग गेट तक पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने न केवल सुरक्षा प्रबंधों को देखा, बल्कि दुकानदारों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाजार में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
| क्षेत्र/बाजार | निरीक्षण के दौरान स्थिति | एसपी के जाने के बाद की स्थिति |
|---|---|---|
| इंसार बाजार | कमांडो मुस्तैद, यातायात सुगम | ई-रिक्शा का प्रवेश, आवाजाही बाधित |
| गुड़मंडी मार्ग | नियमों का पालन, पुलिस सक्रिय | आमने-सामने ई-रिक्शा आने से जाम |
| कलंदर चौक नाका | पुलिस बल की सघन तैनाती | नाकों पर पुलिसकर्मियों की कमी |
| अमर भवन चौक | वन-वे व्यवस्था प्रभावी | दोतरफा वाहनों के कारण अव्यवस्था |
गुड़मंडी में वन-वे नियमों की उड़ी धज्जियां
प्रशासन ने शहर के 36 प्रमुख बाजारों को सुगम यातायात के लिए वन-वे और नो-एंट्री जोन के रूप में चिन्हित किया है। हालांकि, धरातल पर इन नियमों का पालन करवाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। एसपी के निरीक्षण के दौरान तो व्यवस्था चाक-चौबंद रही, लेकिन उनके जाते ही गुड़मंडी में कलंदर चौक से अमर भवन चौक की ओर ई-रिक्शा का रेला उमड़ पड़ा। जीटी रोड से तंग गलियों के रास्ते ई-रिक्शा चालक भीड़भाड़ वाले बाजारों में घुस आए। बीच बाजार में जब दो ई-रिक्शा आमने-सामने आए, तो पूरी सड़क ब्लॉक हो गई, जिससे पैदल चलने वाले ग्राहकों को भी निकलने की जगह नहीं मिली।
"त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सुचारू यातायात हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में 28 विशेष नाके लगाए गए हैं, जहाँ कमांडो और सिविल ड्रेस में जवान तैनात हैं। हम दुकानदारों से अपील करते हैं कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।" - मेधा भूषण, एसपी, पानीपत।
सुरक्षा के लिए 28 विशेष नाके और कमांडो तैनात
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेष रूप से भीड़ वाले क्षेत्रों और शहर के प्रवेश मार्गों पर 28 विशेष नाके लगाए गए हैं। इन नाकों पर जिला पुलिस के जवानों के साथ-साथ कमांडो यूनिट की भी तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त, सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी बाजारों में गश्त कर रहे हैं ताकि असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर नजर रखी जा सके। एसपी ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि वे अपनी दुकानों के बाहर सीसीटीवी कैमरे सुचारू रखें और सड़क पर सामान न फैलाएं।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की चिंता
बाजार में आए ग्राहकों का कहना है कि जब तक पुलिस बल स्थाई रूप से नाकों पर तैनात नहीं रहेगा, तब तक ई-रिक्शा और अवैध पार्किंग की समस्या का समाधान संभव नहीं है। व्यापारियों ने भी मांग की है कि वन-वे व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर सख्ती से लागू किया जाए। गुड़मंडी और इंसार बाजार जैसे संकरे रास्तों में ई-रिक्शा के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।
आगामी प्रशासनिक कदम
एसपी के इस औचक निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यातायात पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त चालान अभियान चलाएगी। पुलिस विभाग अब उन संकरी गलियों की भी मैपिंग कर रहा है जहाँ से ई-रिक्शा बाजार में प्रवेश करते हैं, ताकि मुख्य बाजारों को पूरी तरह से जाम मुक्त रखा जा सके।




