पानीपत जिले में सड़क हादसों पर लगाम कसने और यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। स्थानीय जिला सचिवालय के सभागार में मंगलवार को सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की प्रभावशीलता को लेकर एक अति महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में शहर के विभिन्न हिस्सों में ब्लैक स्पॉट सुधारने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सड़क सुरक्षा मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सर्दियों के मौसम में आने वाले दिनों में छाने वाली घनी धुंध और कम दृश्यता की चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि विजिबिलिटी कम होने पर वाहन चालकों को सड़क की सीमाएं स्पष्ट रूप से दिखाई दें, इसके लिए जिले के सभी मुख्य मार्गों और आंतरिक सड़कों पर तुरंत प्रभाव से सफेद पट्टियां (व्हाइट मार्किंग) लगाई जाएं। इसके साथ ही, यातायात के नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों, विशेष तौर पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने वालों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई में और अधिक तेजी लाई जाएगी।
एनएच-44 के अवैध कट और फ्लाईओवर सुरक्षा पर विशेष फोकस
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (NH-44) पर आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का मन बना लिया है। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि हाईवे पर कई जगह लोगों द्वारा अवैध कट बना दिए गए हैं, जो बड़े हादसों का मुख्य कारण बन रहे हैं। इन सभी अवैध कटों को पूरी तरह से बंद करने के आदेश संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं। इसके अलावा, पैदल चलने वाले राहगीरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर गार्ड रेल लगाने का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा ताकि बेकाबू वाहन अनियंत्रित होकर पटरी से न उतर सकें।
शहर के प्रमुख फ्लाईओवर्स की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को लेकर भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं। जीटी रोड के साथ-साथ गोहाना रोड, जाटल रोड और असंध रोड पर बने फ्लाईओवर्स पर विशेष रूप से नॉइस बैरियर और हाई-डिफिनिशन सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। डाहर चौक, बुड़शाम चौक और इसराना फ्लाईओवर जैसे व्यस्त स्थानों पर यातायात के सुगम संचालन के लिए ठहराव स्थलों का विकास और आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे। साथ ही, सड़कों के किनारे अनावश्यक रूप से उगी झाड़ियों व खरपतवार को हटाने और खतरनाक पेड़ों की छंटाई करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि चालकों को आगे का रास्ता साफ दिखाई दे।
| सड़क सुरक्षा बिंदु | प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्य | संबंधित विभाग / जिम्मेदारी |
|---|---|---|
| एनएच-44 सुरक्षा | अवैध कट बंद करना व गार्ड रेल लगाना | भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) |
| फ्लाईओवर आधुनिकीकरण | नॉइस बैरियर और सीसीटीवी कैमरे लगाना | सार्वजनिक निर्माण विभाग व नगर निगम |
| सड़क मार्किंग | धुंध के लिए सफेद पट्टियां पेंट करना | सड़क एवं भवन निर्माण शाखा |
| विद्यार्थी सुरक्षा | सुरक्षित स्कूल वाहन नीति का शत-प्रतिशत पालन | परिवहन विभाग व शिक्षा विभाग |
अधिकारियों की दो टूक: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता कर रहे अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जीवन रक्षा से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों के गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और गायब साइनेज या संकेतकों की कमियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करें। इसके साथ ही, जिले के सभी स्कूलों के आगे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर मानक गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) और जेब्रा क्रॉसिंग बनाने के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि स्कूल जाने वाले बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े।
बैठक में विशेष रूप से विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया और 'सुरक्षित स्कूल वाहन नीति' का जिले में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी और परिवहन अधिकारियों को दिए गए। स्कूल बसों और ऑटो-रिक्शा की नियमित चेकिंग करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने पर भी विचार किया गया, जो नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधकों और वाहन चालकों के विरुद्ध मौके पर ही नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।
"सड़क हादसों में कमी लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्दियों के मौसम में धुंध के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर सफेद पट्टियां लगाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। जनसुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" - प्रशासनिक प्रवक्ता, पानीपत
प्रशासनिक तैयारी और नागरिकों से सहयोग की अपील
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, महाप्रबंधक रोडवेज विक्रम कंबोज, जिला शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू और आरओ भूपेंद्र चहल सहित विभिन्न विभागों के तमाम प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पेश की और आगामी सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा संबंधी कमियों को समय रहते दूर करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने आंकड़े साझा करते हुए अगस्त-सितंबर 2024 से लेकर अब तक के दुर्घटना और घायलों के आंकड़ों की भी गहन समीक्षा की ताकि भविष्य की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
'पानीपत लाइव' की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन के इन कड़े और समय पर उठाए गए कदमों से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, किसी भी नियम या नीति की सफलता तब तक सुनिश्चित नहीं हो सकती जब तक आम नागरिक और वाहन चालक खुद अपनी जिम्मेदारी न समझें। प्रशासन ने पानीपत के सभी निवासियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय यातायात के सभी नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें, गति सीमा में वाहन चलाएं और अपनी तथा दूसरों की बहुमूल्य जिंदगी को सुरक्षित रखने में पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करें।




