शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
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पानीपत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा पीएम-राहत योजना से कैशलेस उपचार

पानीपत स्वास्थ्य विभाग ने सड़क हादसों के घायलों के लिए पीएम-राहत योजना के तहत कैशलेस और निशुल्क उपचार की व्यवस्था को लेकर निजी अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
30 अक्टूबर 2026 को 01:34 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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पानीपत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा पीएम-राहत योजना से कैशलेस उपचार
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •पानीपत के सीएमओ डॉ. विजय मलिक की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक।
  • •सड़क हादसों में घायल मरीजों को पीएम-राहत योजना के अंतर्गत मिलेगा पूरी तरह से कैशलेस और निशुल्क इलाज।
  • •दुर्घटना का विवरण तुरंत ई-डार पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने के ट्रैफिक डीएसपी ने दिए कड़े निर्देश।
  • •आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य मिशनों के सुचारू संचालन तथा पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

पानीपत जिले में सड़क हादसों का शिकार होने वाले गंभीर मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बेहद अहम और जनहितैषी कदम उठाया है। अब सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले प्रत्येक नागरिक को प्रधानमंत्री राहत योजना (पीएम-राहत योजना) के तहत देश और क्षेत्र के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पूरी तरह से कैशलेस और निशुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को सिविल सर्जन (सीएमओ) कार्यालय में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर के निजी चिकित्सा संस्थानों और आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार की ओर से चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। सड़क पर जानलेवा हादसों का सामना करने वाले किसी भी पीड़ित को इलाज के अभाव में या आर्थिक तंगी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना निजी अस्पतालों की भी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अस्पताल संचालकों से आह्वान किया कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार के इन दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और घायलों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराएं।

ई-डार पोर्टल पर त्वरित डेटा प्रविष्टि और तकनीकी अनुपालन

बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क हादसों से जुड़े तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की। ट्रैफिक डीएसपी सुरेश सैनी ने बैठक में मौजूद सभी प्रबंधकों को निर्देशित किया कि जैसे ही कोई सड़क दुर्घटना होती है या उससे जुड़ा कोई मामला सामने आता है, उसका पूरा विवरण तुरंत ई-डार (e-DAR) पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाना अनिवार्य है। समय पर पोर्टल पर डेटा अपडेट होने से पुलिस विभाग को उस मामले का त्वरित सत्यापन करने और कागजी प्रक्रियाओं को पारदर्शी ढंग से पूरा करने में मदद मिलती है, जिससे घायलों को मिलने वाली सरकारी सहायता में भी विलंब नहीं होता।

योजना के नोडल अधिकारी डॉ. पवन ने इस दौरान पीएम-राहत योजना के क्रियान्वयन की पूरी कार्यप्रणाली और इसके नियमों से अस्पताल प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के गोल्डन ऑवर (Golden Hour) में मरीज कीमती जान बचाने के लिए उसे बिना किसी कागजी अड़चन के तुरंत इलाज दिलाना है। जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी ने अस्पतालों को आयुष्मान भारत पोर्टल के सुचारू संचालन के गुर सिखाए और साफ चेतावनी दी कि योजना के नाम पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, डॉ. अमित पोरिया ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री, स्वास्थ्यकर्मी रजिस्ट्री और आभा पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर बल दिया।

योजना / पोर्टलसंबंधित विभागप्रमुख निर्देश व उद्देश्य
पीएम-राहत योजनास्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागसड़क दुर्घटना के घायलों को निजी अस्पतालों में कैशलेस और निशुल्क उपचार देना।
ई-डार पोर्टल (e-DAR)यातायात पुलिस विभागसड़क हादसों और घटनास्थल का विवरण तुरंत ऑनलाइन दर्ज कर सत्यापन करना।
आयुष्मान भारत मिशनजिला स्वास्थ्य प्राधिकरणयोजना में पारदर्शिता रखना और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी पर पैनी नजर रखना।
एचएमआईएस (HMIS)सूचना एवं प्रौद्योगिकी सेलअस्पतालों में सॉफ्टवेयर स्थापित कर एनएचसीएक्स के अनुरूप उन्नत करना।

स्वास्थ्य योजनाओं में निजी अस्पतालों की सहभागिता और कड़े निर्देश

प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में केवल दुर्घटनाओं तक ही सीमित न रहकर, अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों में भी निजी चिकित्सा संस्थानों की सक्रिय भागीदारी की मांग की। जिला सूचना प्रबंधक सोहन सिंह ग्रोवर ने अस्पतालों के प्रबंधकों को अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) सॉफ्टवेयर को अपने परिसरों में स्थापित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (एनएचसीएक्स) के मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाना आवश्यक है ताकि डेटा का आदान-प्रदान पूरी पारदर्शिता से हो सके। इसके अलावा, डॉ. लाभ सिंह बेनीवाल ने देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य और एचआईवी-एड्स जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए निजी क्षेत्र के डॉक्टरों और संचालकों को आगे आने के लिए प्रेरित किया।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि भविष्य में किसी भी अस्पताल द्वारा आयुष्मान भारत या अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकार का मुख्य ध्येय यह है कि आपातकालीन स्थिति में आम आदमी को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल सकें। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग लगातार इन सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि नियमों का पालन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित हो सके।

"सड़क हादसों के पीड़ितों को समय पर और बिना किसी आर्थिक संकट के इलाज मिलना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार की पीएम-राहत योजना के तहत अब हमारे जिले के निजी अस्पताल भी आगे आए हैं, जिससे दुर्घटना में घायलों की जान बचाने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी। किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" - डॉ. विजय मलिक, सिविल सर्जन, पानीपत

नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ और प्रशासनिक निगरानी हुई तेज

इस नई व्यवस्था के लागू होने से पानीपत के आम नागरिकों और विशेषकर हाइवे व व्यस्त मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। अक्सर देखा जाता है कि सड़क दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार के पास तुरंत इलाज के लिए भारी-भरकम राशि नहीं होती, जिससे कई बार बहुमूल्य जीवन खतरे में पड़ जाता है। अब कैशलेस उपचार का प्रावधान होने से अस्पतालों में आर्थिक तंगी के कारण इलाज में होने वाली देरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी। पानीपत लाइव ब्यूरो की इस ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और लगातार ऐसे समीक्षा सत्र आयोजित होते रहेंगे।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

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