पानीपत खेल जगत के लिए एक बेहद गर्व का क्षण सामने आया है, जहां स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों ने अपनी खेल प्रतिभा से जिले का नाम रोशन किया है। शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय एसडी विद्या मंदिर (एसडीवीएम) सिटी के युवा स्केटर्स ने हाल ही में संपन्न हुई 29वीं जिला स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में अपने शानदार कौशल का प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदकों पर कब्जा जमाया। इस बड़ी उपलब्धि से न केवल स्कूल परिसर में जश्न का माहौल है, बल्कि स्थानीय खेल प्रेमियों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिष्ठित जिला स्तरीय प्रतियोगिता शहर के सेक्टर-18 स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रांगण में आयोजित की गई थी।
इस दो दिवसीय भव्य खेल महाकुंभ का आयोजन 17 और 18 अक्टूबर को किया गया था, जिसमें पानीपत जिले भर के विभिन्न स्कूलों से आए दर्जनों उभरते हुए स्केटिंग खिलाड़ियों ने पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान ट्रैक पर बच्चों का उत्साह, उनकी एकाग्रता, शारीरिक संतुलन और तीव्र गति देखते ही बनती थी। रेफरी और जजों की कड़ी निगरानी में हुए इन मुकाबलों में पानीपत के नौनिहालों ने साबित कर दिया कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एसडीवीएम सिटी के बच्चों ने पहले दिन से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए रखी और एक के बाद एक पदक अपनी झोली में डालते चले गए।
रोलर स्केटिंग ट्रैक पर दिखा एसडीवीएम सिटी के खिलाड़ियों का दबदबा
प्रतियोगिता के पहले दिन यानी 17 अक्टूबर को शुरुआती दौर के मुकाबलों में ही एसडीवीएम सिटी के खिलाड़ियों ने अपनी आक्रामक और अनुशासित खेल शैली से सभी को प्रभावित किया। शुरुआती इवेंट्स में विद्यालय के धुरंधर खिलाड़ी अभय ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार का ऐसा जादू चलाया कि उन्होंने 500 मीटर की बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धी दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर अपना अधिकार जमा लिया। अभय की इस सफलता ने स्कूल के बाकी साथियों का भी मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।
इसके बाद अन्य श्रेणियों में भी पदकों की बारिश शुरू हो गई। विद्यालय की प्रतिभावान खिलाड़ी नम्या, विराही और अंश ने अपने अपने वर्गों में दमदार चुनौती पेश करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए। वहीं, सियाल ने बेहतरीन संतुलन और सूझबूझ का परिचय देते हुए रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन यानी 18 अक्टूबर को रिंक-2 श्रेणी के मुकाबलों में एक बार फिर एसडीवीएम सिटी के खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस कठिन दौर में ईशान ने सोने पर सुहागा करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उत्कृष्ट खेल क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया, जबकि पर्ल ने भी पीछे न रहते हुए कांस्य पदक हासिल कर विद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।
| खिलाड़ी का नाम | स्पर्धा / श्रेणी | प्राप्त पदक |
|---|---|---|
| अभय | 500 मीटर दौड़ | स्वर्ण पदक (Gold) |
| ईशान | रिंक-2 श्रेणी | स्वर्ण पदक (Gold) |
| सियाल | विशिष्ट स्केटिंग स्पर्धा | रजत पदक (Silver) |
| नम्या | रोलर स्केटिंग वर्ग | कांस्य पदक (Bronze) |
| विराही | रोलर स्केटिंग वर्ग | कांस्य पदक (Bronze) |
| अंश | रोलर स्केटिंग वर्ग | कांस्य पदक (Bronze) |
| पर्ल | रिंक-2 श्रेणी | कांस्य पदक (Bronze) |
विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्या ने की खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना
इस शानदार सफलता के बाद जब विजेता खिलाड़ी विद्यालय लौटे तो उनका भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या जय श्री गर्ग ने सभी पदक विजेता विद्यार्थियों को उनकी इस उपलब्धि पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी और उन्हें फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्या ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि खेलकूद किसी भी विद्यार्थी के जीवन का केवल एक हिस्सा नहीं, बल्कि उसके सर्वांगीण विकास का एक अनिवार्य और अभिन्न अंग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मैदान पर पसीना बहाने से बच्चों के भीतर अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास, कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की क्षमता, मानसिक एकाग्रता, टीम भावना और जीवन की हर चुनौती का डटकर सामना करने के गुण स्वतः ही विकसित होते हैं।
विद्यालय प्रशासन का यह भी मानना है कि पानीपत जैसे औद्योगिक और व्यापारिक जिले में इस प्रकार की खेल गतिविधियां युवाओं को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं। प्रधानाचार्या ने खिलाड़ियों के अथक समर्पण, उनके माता-पिता के सहयोग और खेल प्रशिक्षकों की कड़ी मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने सभी बच्चों को प्रेरित किया कि वे इस सफलता से संतुष्ट होकर न बैठें, बल्कि भविष्य में होने वाली राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अभी से और अधिक कड़ा अभ्यास करें ताकि पानीपत का नाम देश भर में रोशन हो सके।
"खेलकूद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का अभिन्न अंग हैं। इनके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, एकाग्रता, टीम भावना और चुनौतियों का सामना करने की अद्भुत क्षमता विकसित होती है। हमारे बच्चों ने अपनी मेहनत से जो मुकाम हासिल किया है, वह पूरे पानीपत के लिए गर्व का विषय है।" - जय श्री गर्ग, प्रधानाचार्या, एसडीवीएम सिटी पानीपत
पानीपत के खेल परिदृश्य पर पड़ता गहरा सकारात्मक प्रभाव
पानीपत शहर में इस तरह की जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन होना यहां के युवाओं के लिए एक संजीवनी बूटी की तरह है। पारंपरिक रूप से कपड़ा और हैंडलूम उद्योग के लिए मशहूर पानीपत अब धीरे-धीरे खेल प्रतिभाओं की एक नई नर्सरी के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। सेक्टर-18 स्थित स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसे आधुनिक बुनियादी ढांचे वाले संस्थानों में इस प्रकार के बड़े आयोजनों से स्थानीय स्तर पर स्केटिंग जैसे खेलों को एक नई गति मिल रही है। शहर के अभिभावक भी अब अपने बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें खेलकूद के मैदानों में भेजने के प्रति अधिक जागरूक और उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों की शारीरिक और मानसिक क्षमता में सुधार होता है, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल भी मिलता है। पानीपत लाइव की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि यदि स्थानीय विद्यालयों के प्रबंधन इसी प्रकार अपने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते रहे, तो आने वाले समय में पानीपत के ये युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हरियाणा और देश का तिरंगा शान से फहराएंगे। प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसे उभरते खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।




