हरियाणा के नन्हे और उभरते हुए खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने और उन्हें एक बड़ा मंच प्रदान करने की दिशा में पानीपत जिला पूरी तरह तैयार है। स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार आठवीं हरियाणा राज्यस्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता का आयोजन यहीं किया जा रहा है। आगामी 31 अक्तूबर से शुरू होकर यह खेल महाकुंभ दो नवंबर तक अनवरत चलेगा, जिसमें प्रदेशभर से आए बाल प्रतिभागी अपने खेल कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर प्रशासनिक अमले और शिक्षा विभाग के भीतर गहमागहमी और तैयारियों का दौर अंतिम चरण में पहुंच चुका है, ताकि आने वाले मेहमान खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रतियोगिता के दौरान खेल मुकाबलों के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी भव्य आयोजन किया जाएगा, जिससे न केवल शारीरिक दक्षता बल्कि बच्चों के मानसिक और सांस्कृतिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस बार आयोजन को ऐतिहासिक और बेहद अनुशासित बनाने के लिए विशेष रूप से रूपरेखा तैयार की गई है। प्रदेश के सभी जिलों से अपने-अपने क्षेत्र के बेहतरीन और चुनिंदा खिलाड़ियों के दलों को पानीपत भेजने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिसके चलते यहां एक लघु हरियाणा की सी झलक देखने को मिलेगी जहाँ हर जिले की खेल प्रतिभाएं आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
दस प्रमुख खेलों में पांच हजार खिलाड़ी दिखाएंगे अपनी खेल क्षमता
| प्रतियोगिता विवरण | मुख्य बिंदु व तिथियां |
|---|---|
| आयोजन का नाम | आठवीं हरियाणा राज्यस्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता 2026-27 |
| आयु वर्ग व स्थान | अंडर-11 आयु वर्ग, पानीपत जिला |
| मुख्य तिथियां | 31 अक्तूबर से 2 नवंबर 2026 तक |
| कुल प्रतिभागी | प्रदेशभर से लगभग 5,000 नन्हे खिलाड़ी |
| शामिल खेल | एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, शतरंज, कैरम, जिम्नास्टिक, योगा आदि (कुल 10 खेल) |
इस प्रतिष्ठित राज्यस्तरीय आयोजन में कुल 10 विभिन्न खेल विधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, शतरंज, कैरम, जिम्नास्टिक और योगा जैसे लोकप्रिय व मानसिक-शारीरिक विकास वाले खेल प्रमुख हैं। खेल विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इन सभी स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए प्रदेशभर से करीब पांच हजार नन्हे एथलीट पानीपत पहुंचेंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, प्रतियोगिता के पहले दिन यानी 31 अक्तूबर को केवल बालिकाओं (लड़कियों) के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इसके अगले दिन, यानी एक नवंबर को बालक (लड़के) वर्ग के खिलाड़ी अपनी खेल कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, प्रतियोगिता के अंतिम दिन यानी दो नवंबर को रोमांचक सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जो इस महाकुंभ का मुख्य आकर्षण होंगे।
प्रशासनिक तैयारियां और ठहरने की व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
विशाल स्तर पर आयोजित होने वाले इस खेलोत्सव के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। दूर-दराज के जिलों से आने वाले नन्हे खिलाड़ियों और उनके साथ आने वाले प्रबंधकों के लिए ठहरने, खान-पान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू की समग्र अध्यक्षता में पूरी कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, जबकि इस महाआयोजन की धरातल पर जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी जयपाल सरोहा को बतौर नोडल अधिकारी सौंपी गई है। विभाग का मुख्य फोकस इस बात पर है कि बच्चों को घर जैसा सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिले, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।
"राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले नन्हे खिलाड़ियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। खेल मुकाबलों के साथ बच्चों के ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना है।" — नीलम कुंडू, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
खेल भावना, अनुशासन और आपसी मेलजोल को मिलेगा बढ़ावा
इस प्रकार के वृहद आयोजनों का उद्देश्य केवल पदक जीतना या हार-जीत का फैसला करना नहीं होता, बल्कि बाल्यकाल से ही बच्चों के भीतर खेल भावना, भाईचारे और अनुशासन के संस्कारों को स्थापित करना होता है। जब विभिन्न जिलों के बच्चे एक ही परिसर में एक साथ खेलेंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, तो उनके बीच आपसी संवाद बढ़ेगा और वैचारिक आदान-प्रदान भी मजबूत होगा। पानीपत के खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग इन नन्हे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए खेल परिसरों का रुख करने की तैयारी में हैं, जिससे पानीपत एक बार फिर राज्य के खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।




