पानीपत जिले की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी काबलियत का लोहा मनवाया है। स्थानीय शिक्षा संस्थान एसडी विद्या मंदिर हुडा के आठवीं कक्षा के मेधावी छात्र विश्वास सैनी ने अपनी बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में संपन्न हुई 35वीं ऑल इंडिया जीवीएम शूटिंग चैंपियनशिप में विश्वास ने पूरे देश के कड़े मुकाबले के बीच अपनी मेहनत और एकाग्रता के दम पर सर्वोच्च स्थानों में अपनी जगह बनाई। इस सफलता के बाद से न केवल उनके परिवार और विद्यालय में बल्कि पूरे पानीपत खेल जगत में हर्षोल्लास का माहौल बना हुआ है।
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित त्रिशूल शूटिंग रेंज में आयोजित की गई थी। टूर्नामेंट का रोमांच और स्तर इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें देश के कोने-कोने से लगभग एक हजार उत्कृष्ट निशानेबाजों ने शिरकत की थी। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे प्रतिभागियों के बीच अपनी जगह बनाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, परंतु पानीपत के इस युवा निशानेबाज ने शुरुआत से ही अपने निशाने पर पैनी नजर रखी और अंत तक बेहतरीन प्रदर्शन का सिलसिला बरकरार रखा।
प्रतियोगिता का कड़ा संघर्ष और शानदार स्कोर
देहरादून में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के महाकुंभ में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश स्टेट राइफल एसोसिएशन लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का बेहतरीन मंच प्रदान किया। इस उच्च स्तरीय मंच पर पानीपत के युवा छात्र विश्वास सैनी ने धैर्य और अनुशासन का परिचय देते हुए कुल 400 अंकों में से 379 अंकों का उत्कृष्ट स्कोर हासिल किया।
इतने उच्च अंक प्राप्त करना यह साबित करता है कि विश्वास ने प्रतियोगिता से पहले अपनी ट्रेनिंग के दौरान कितनी कड़ी मेहनत की होगी। शूटिंग जैसे खेल में जहां एक-एक अंक कीमती होता है और मानसिक स्थिरता सबसे बड़ा हथियार मानी जाती है, वहां आठवीं कक्षा के छात्र द्वारा इस तरह का स्कोर खड़ा करना उसकी परिपक्वता को दर्शाता है। जजों और खेल विशेषज्ञों ने भी उनके शूटिंग पोश्चर और एकाग्रता की खुलकर सराहना की है, जो भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है।
| प्रतियोगिता का विवरण | मुख्य तथ्य एवं आंकड़े |
|---|---|
| चैंपियनशिप का नाम | 35वीं ऑल इंडिया जीवीएम शूटिंग चैंपियनशिप |
| स्थान | त्रिशूल शूटिंग रेंज, देहरादून (उत्तराखंड) |
| आयोजक | नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया व यूपी स्टेट राइफल एसोसिएशन |
| खिलाड़ी का नाम | विश्वास सैनी (कक्षा आठवीं, एसडी विद्या मंदिर हुडा) |
| कुल प्राप्तांक | 400 में से 379 अंक |
| प्राप्त रैंक | राष्ट्रीय स्तर पर चौथी रैंक |
| कुल प्रतिभागी | देशभर से लगभग 1,000 निशानेबाज |
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
विश्वास सैनी की इस शानदार राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्कूल प्रबंधन समिति और शिक्षकों ने विश्वास का जोरदार स्वागत किया और उनकी इस सफलता को आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. अनु गुप्ता ने विशेष रूप से छात्र की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक दिन के अभ्यास का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे बच्चे का अथक परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण जुड़ा हुआ है।
प्रधानाचार्या डॉ. अनु गुप्ता ने आगे बताया कि उनका संस्थान हमेशा से ही विद्यार्थियों की आंतरिक प्रतिभा को निखारने और उन्हें केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर खेलकूद व अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होते हैं। विश्वास की यह सफलता अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेलों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित करेगी।
"विश्वास सैनी की यह उपलब्धि उसकी कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। हमारा विद्यालय हमेशा विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।" - डॉ. अनु गुप्ता, प्रधानाचार्या, एसडी विद्या मंदिर हुडा
स्थानीय खेल जगत और युवाओं पर गहरा प्रभाव
पानीपत जिले में पिछले कुछ वर्षों में खेल के मैदानों से लगातार सकारात्मक और प्रेरणादायक खबरें सामने आ रही हैं। चाहे कुश्ती हो, एथलेटिक्स हो या फिर शूटिंग जैसे तकनीकी खेल, यहाँ के युवा हर क्षेत्र में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। विश्वास सैनी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर चौथी रैंक हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि पानीपत के नौनिहाल अब बुनियादी सुविधाओं और उचित मार्गदर्शन के सहारे देश की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं में पदक और उच्च रैंक जीतने का माद्दा रखते हैं। स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि इस प्रकार की प्रतिभाओं को समय पर उचित प्रोत्साहन और प्रायोजन (सपोर्ट) मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
इस प्रकार की उपलब्धियां समाज के अन्य बच्चों और अभिभावकों की सोच में भी बदलाव लाती हैं। अब माता-पिता अपने बच्चों को केवल पारंपरिक अकादमिक शिक्षा तक ही सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें खेलों में भी करियर बनाने के लिए खुला आसमान दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर खेल अकादमियों और स्कूलों द्वारा इस तरह के होनहार खिलाड़ियों को विशेष रियायतें और सुविधाएं दिए जाने से युवा वर्ग में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो आने वाले समय में पानीपत को देश का एक प्रमुख खेल हब बनाने में मददगार साबित होगा।




