पानीपत जिले के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र समालखा स्थित श्री चुलकाना धाम में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पावन तिथि पर बाबा श्याम के दरबार में आस्था, भक्ति और सेवा का अनोखा संगम देखने को मिला। शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी के बीच श्री श्याम बाबा के श्रद्धालुओं को खीर का अमृततुल्य प्रसाद वितरित किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए तड़के से ही स्थानीय व दूर-दराज से आए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
धाम परिसर पूरे दिन 'हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा' और 'जय श्री श्याम' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित तरीके से खाटू वाले बाबा श्याम के अलौकिक स्वरूप के दर्शन किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति, आरोग्य एवं खुशहाली के लिए मनोकामनाएं मांगीं।
शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि और खीर महाप्रसाद की धार्मिक मान्यता
सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा तिथि का विशेष आध्यात्मिक व वैज्ञानिक महत्व स्वीकार किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा अपनी संपूर्ण 16 कलाओं से युक्त होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए रात्रि के समय दूध, चावल, मेवे और देसी घी से निर्मित खीर को खुले आकाश के नीचे रखा जाता है और तत्पश्चात भगवान को भोग समर्पित किया जाता है। माना जाता है कि यह प्रसाद आरोग्य और मानसिक शांति प्रदान करने वाला होता है।
चुलकाना धाम में परंपरा अनुसार मध्यरात्रि में बाबा श्याम को खीर का विशेष भोग अर्पण किया गया। इसके बाद तड़के से ही श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण शुरू कर दिया गया। भक्तों ने अत्यंत श्रद्धा व भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया और बाबा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
| प्रमुख विवरण | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| आयोजन स्थल | श्री चुलकाना धाम, समालखा (पानीपत) |
| अवसर | पावन पर्व शरद पूर्णिमा उत्सव |
| मुख्य आकर्षण | बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार व खीर प्रसाद वितरण |
| व्यवस्था व सेवादार | हवासिंह पुजारी, सतपाल पुजारी एवं धाम समिति स्वयंसेवक |
| विशेष उपस्थिति | हरीश बंसल (महासचिव, वृंदावन ट्रस्ट रजि. पानीपत) |
धार्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारे व आस्था का संचार: हरीश बंसल
शरद पूर्णिमा के इस पावन उत्सव के अवसर पर वृंदावन ट्रस्ट (पंजीकृत) पानीपत के महासचिव हरीश बंसल ने विशेष रूप से चुलकाना धाम पहुंचकर श्री श्याम बाबा के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की समृद्धि की कामना की और श्रद्धालुओं के साथ बैठकर खीर का प्रसाद ग्रहण किया।
पत्रकारों व श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए हरीश बंसल ने कहा कि बाबा श्याम वास्तव में कलयुग में 'हारे का सहारा' हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से उनके दर पर आता है, उसकी झोली खुशियों से भर जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों से समाज में परस्पर प्रेम, परोपकार, सेवा भावना और आपसी भाईचारे की जड़ें मजबूत होती हैं। ऐसे आयोजन हमारी युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
"बाबा श्याम के प्रति जन-जन की अगाध निष्ठा है। शरद पूर्णिमा पर महाप्रसाद का वितरण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज में समरसता, सद्भाव और निष्काम सेवा का संदेश फैलाने का एक सशक्त माध्यम है।" - हरीश बंसल, महासचिव, वृंदावन ट्रस्ट पानीपत
धाम समिति व पुजारियों की अनुशासित व्यवस्था और सेवा कार्य
खीर प्रसाद वितरण के व्यापक आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में मंदिर के पुजारियों हवासिंह पुजारी और सतपाल पुजारी ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने स्वयं अग्रिम पंक्ति में रहकर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से प्रसाद वितरित करवाया ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो।
धाम परिसर में आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने पेयजल, पार्किंग और दर्शन मार्ग की उचित व्यवस्था संभाली। बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए अलग से कतार की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के सहयोग के साथ-साथ धाम समिति के समन्वय से संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
स्थानीय जनजीवन और सामाजिक समरसता पर प्रभाव
समालखा का चुलकाना धाम केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि दिल्ली, पंजाब और राजस्थान तक के श्रद्धालुओं के लिए अपार श्रद्धा का केंद्र है। शरद पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों पर यहां जुटने वाली भीड़ से समालखा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। स्थानीय व्यवसायियों और सेवादारों में भी इस अवसर पर भारी उत्साह देखने को मिलता है। इस प्रकार के भव्य धार्मिक आयोजन समाज में सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।




