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पानीपत

प्रशासन ने 30 नवंबर तक लगाया पटाखे बेचने-जलाने पर प्रतिबंध, प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड ने हाॅट मिक्स प्लांट किया सील

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प्रशासन ने 30 नवंबर तक लगाया पटाखे बेचने-जलाने पर प्रतिबंध, प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड ने हाॅट मिक्स प्लांट किया सील

नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से ऑर्डर जारी किया गया। डीसी धर्मेंद्र सिंह ने जिले में पटाखे की बिक्री और इसके उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। डीसी ने कहा कि जलाने वाले किसी तरह के पटाखे न तो बेचे जा सकेंगे और न ही कोई इसका उपयोग कर सकेगा। यह रोक 30 नवंबर तक के लिए लगाई गई है।

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इस वजह से हर साल दीपावली पर शहर में लगने वाले पटाखों की बिक्री के लिए विशेष कैंप भी नहीं लगेंगे। डीसी ने पुलिस के साथ ही तमाम अफसरों को इसका पालन करने का आदेश दिया है। इस बीच केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड ने मंगलवार से ग्रैप प्लान लागू कर दिया है। इसके तहत 17 नवंबर तक के लिए हाॅट मिक्स प्लांट काे बंद करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

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इस आदेश के जारी होने से पहले ही पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम ने हॉट मिक्स प्लांट के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी। बोर्ड की टीम ने बुधवार काे समालखा क्षेत्र स्थित एक हाॅट मिक्स प्लांट काे सील कर दिया। रिफाइनरी राेड और गांव ऊंटला स्थित दाे हाॅट मिक्स प्लांट काे क्लोजर नाेटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही डीसी धर्मेंद्र सिंह ने 30 नबंवर तक के लिए पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। धारा 144 भी लागू कर दी है।

मिक्स प्लांट सील किए गए

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हरियाणा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आरओ कमलजीत ने बताया कि इस बार प्रदूषण का स्तर अति खतरनाक स्तर न पहुंच जाए। इसलिए पहले से ही प्लान लागू कर दिया गया था। इस क्रम में बुधवार को समालखा स्थित पवन मिक्स प्लांट को सील कर दिया। रिफाइनरी रोड स्थित राेटेक इंडिया और गांव ऊंटला स्थित कृष्णा हॉट मिक्स प्लांट को क्लोजर नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बुधवार को नए आदेश जारी करते हुए ग्रैप प्लान लागू कर दिया है। बोर्ड ने इस बार सिर्फ 4 बिंदुओं पर ही यह प्लान लागू किया है।

इन बिंदुओं पर लागू किया प्लान

  • 17 नबंवर तक हॉट मिक्स प्लांट बंद रहेंगे।
  • हाईवे और अन्य कंस्ट्रक्शन साइट पर लगातार छिड़काव कराया जाए। एंटी फॉग गन का प्रयोग किया जाए।
  • इंडस्ट्रियल गार्बेज बर्निंग हो या अन्य कूड़ा जलाने के मामले। इनसे बोर्ड और प्रशासन सख्ती से पेश आए। गार्बेज बर्निंग के मामले में कड़ी नजर रखें।
  • 100 तक एक्यूआई वाले क्षेत्र में ही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते हैं। इससे ऊपर के एक्यूआई वाले क्षेत्र में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

Source : Bhaskar

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