Connect with us

राज्य

सरकारी पोर्टल पर बेड खाली, असलियत में जगह नहीं

Published

on

Advertisement

सरकारी पोर्टल पर बेड खाली, असलियत में जगह नहीं

कोरोना पॉजिटिव मरीज को किसी अस्पताल में भर्ती कराना है, ऑक्सीजन बेड चाहिए तो इसके लिए सरकारी पोर्टल पर भरोसा बिल्कुल न करें। पोर्टल पांच-छह घंटे तक भी अपडेट नहीं होता। नतीजा, पोर्टल पर आपको बेड खाली दिख जाएंगे, मरीज को अस्पताल लेकर पहुंचेंगे तो निराशा ही मिलेगी।

पोर्टल पर अस्पतालों ने हेल्पलाइन नंबर दिए हैं, कॉल करेंगे तो इक्का-दुक्का को छोड़कर रिसीव भी नहीं होगा। अब पोर्टल की बात करते हैं। कोविड अस्पतालों में 1040 बेड आरक्षित दिख जाएंगे। ऑक्सीजन बेड 505, नॉन आक्सीजन बेड 406, आइसीयू बेड 129 और वेंटिलेटर 37 दिखेंगे। शाम चार बजे पोर्टल की अपडेट देखी तो इनमें से क्रमश: 158, 365, 04 व 02 खाली दिखे। हैरत, रात्रि पौने नौ बजे तक भी इतने ही बेड रिक्त दिखते रहे।

Advertisement

Coronavirus | COVID-19 bed occupancy dips in Chennai government hospitals - The Hindu

चार निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड और वेंटीलेटर के लिए कॉल की तो खाली नहीं थे। अधिकांश निजी अस्पताल तो खुद के दिए हेल्पलाइन नंबर भी रिसीव नहीं कर रहे हैं।

Advertisement

सीधा अर्थ, पोर्टल पर बेड खाली देख अस्पताल की ओर न भागें। मरीज की हालत खराब है तो सिविल अस्पताल लेकर पहुंचें ताकि बेड उपलब्ध होने पर मरीज रेफर किया जा सके। निजी अस्पताल में इलाज कराना है तो पहले बेड बुक करा लें। सरकारी आंकड़े अलग

स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिला में 499 ऑक्सीजन बेड हैं। आइसीयू बेड 131 हैं और वेंटिलेटर की संख्या 36 है। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही ऑक्सीजन बेड या वेंटिलेटर खाली होता है, पांच मिनट बाद ही दूसरा मरीज वहां लेटा दिखता है। द्धह्लह्लश्चह्य//ष्श्रह्मश्रठ्ठड्डद्धड्डह्म4ड्डठ्ठड्ड.द्बठ्ठ को अपडेट नहीं किया जाता। लालच तो नहीं ले रहा जान :

Advertisement

स्वास्थ्य विभाग ने नौ निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल का नाम देकर, बेड आरक्षित किए हुए हैं। अस्पताल संचालकों का लालच देखें कि किसी अस्पताल में 12 ऑक्सीजन बेड हैं तो उसने 20 से 25 मरीज भर्ती किए हुए हैं। नतीजा, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की किल्लत हो जाती है। इस अभाव में अब तक 30 से अधिक की जान निजी अस्पतालों में जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिला में आरक्षित बेड के हिसाब से मरीज भर्ती किए जाएं तो ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।

 

SOURCE : JAGRAN

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *