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पानीपत

सील तोड़कर फिर खुल गए पानीपत के ब्लीच हाउस, डीसी के आदेशों को ठेंगा

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सील तोड़कर फिर खुल गए पानीपत के ब्लीच हाउस, डीसी के आदेशों को ठेंगा

 

डीसी के आदेश पर गठित कमेटी ने खेतों में बने ब्लीच हाउस सील तो किए लेकिन ये फिर से खुल गए हैं। जालपाड़ गांव में दो बार सील किए गए ब्लीच हाउस दोबारा से चल रहे हैं। यहां पर सरेआम केमिकल से भरे कैंटर खाली होते हैं। ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उनकी आसपास की जमीन खराब हो रही है। छाजपुर में भी ऐसा ही हो रहा है।

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खेतों के बीच में चल रहा ब्‍लीच हाउस।

किसानों ने दोनों जगह से ब्लीच हाउस बंद करने की गुहार लगा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि कई बार ब्लीच हाउस सील किया है। सील तोड़कर फिर से चल जाते हैं। वे तो सील लगा देते हैं। अब अन्य विभागों को होदी तोड़नी चाहिए। बिजली निगम को कनेक्शन नहीं देना चाहिए। खेत मालिक पर कार्रवाई होनी चाहिए। तहसील को कागजात जब्त करने चाहिए।

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फसलों पर असर

छाजपुर, जालपाड़,  शिमला गुजरान, ऊझा, भैसवाल, छाजपुर सहित कई गांवों में चल रहे ब्लीच हाउस को एक महीने पहले सील किया गया था। ये फिर से खुलने लगे हैं। जालपाड़ के सरपंच दीपक व छाजपुर कलां के सरपंच राजेश का कहना है कि मिलीभगत से ये ब्लीच हाउस चलने लगते हैं। केमिकल युक्त पानी से फसलों पर असर पड़ रहा है।

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खेतों में जाता है पानी

किसानों का कहना है कि ब्लीच हाउस से निकलने वाला पानी आसपास के खेतों में जाता है। इस वजह से जमीन खराब हो रही है। अगर चेकिंग होगी तो ये भी निकल सकता है कि कहीं पानी जमीन के अंदर ही तो नहीं डाला जा रहा।

 

 

 

 

Source : Jagran

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