Connect with us

Panipat

सांसों का छलावा, घंटो लाइन में लग मिलती है 1 घंटे की ऑक्सीजन

Published

on

Advertisement

 सांसों का छलावा, घंटो लाइन में लग मिलती है 1 घंटे की ऑक्सीजन

ऑक्सीजन की भारी किल्लत जारी है। अस्पतालों की मांग आधी पूरी हो रही। ऑक्सीजन के नाम पर सबसे बड़ा छलावा आम पब्लिक से हो रहा। संस्थाओं के माध्यम से 30 के प्रेशर पर जो सिलेंडर आम लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है, वह 70% तक खाली रहता है। यह सिलेंडर एक घंटे में ही खत्म हो जाता है। इससे मरीज की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

पानीपत. सिवाह स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास केंद्र में जरुरतमंदाें काे ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल करवाकर देते हुए सेवादार। - Dainik Bhaskar

Advertisement

इसका विरोध शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि ऐसा सिलेंडर लेने का क्या फायदा। इससे बेहतर है कि प्रशासन ऐसी ऑक्सीजन उपलब्ध ही न कराए। गंगापुरी रोड के रहने वाले वरुण मल्होत्रा ने कहा- ‘बहन के सास-ससुर निजी अस्पताल में एडमिट हैं।

अस्पताल ने ऑक्सीजन उपलब्ध कराने को कहा। बड़ी मुसीबत से 2 सिलेंडरों का इंतजाम करके सिवाह स्थित राधा स्वामी सत्संग सेंटर से भरवाकर लाए। लगाते ही एक सिलेंडर आधे घंटे में खत्म। ऐसा सिलेंडर तो जान भी ले सकता है। इसे बंद ही करवा दें।’

Advertisement

इस प्रेशर पर ऑक्सीजन देने का क्या मतलब?

मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली सेक्टर-29 स्थित कपिल एजेंसी के संचालक जोगिंदर सिंह ने कहा कि 120-140 के प्रेशर पर सिलेंडर भरे जाते हैं। 30 के प्रेशर पर ऑक्सीजन भरने का क्या मतलब। ऐसे में तो सिलेंडर 60-70% खाली ही रह जाता है। आईएमए के प्रधान डाॅ. वेद प्रकाश ने कहा कि डिमांड के अनुरूप 50 फीसदी ऑक्सीजन भी नहीं मिल रही है।

Advertisement

नोडल अधिकारी विवेक चौधरी बोले- प्रेशर वाली समस्या का निदान ढूंढ़ने में लगे हैं

ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी जिला परिषद के सीईओ विवेक चौधरी ने कहा कि रिफाइनरी से जहां ऑक्सीजन भरी जा रही है, वहां पर कंप्रेशर की दिक्कत है। वह मंगा रहे हैं। इसके बाद पब्लिक की समस्या कम होगी। खाली सिलेंडर के लिए भी प्रयास चल रहा है। जहां तक अस्पतालों की बात है तो पानीपत का कोटा कम है। ऊपर से सप्लाई में देरी होने पर किल्लत हो जाती है। इसे भी ठीक किया जा रहा है।

SOURCE : BHASKAR

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *