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पानीपत में टक्कर के बाद सिर कुचलती हुई निकली कार, युवक की मौत; फुफेरा भाई कोमा में

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पानीपत में टक्कर के बाद सिर कुचलती हुई निकली कार, युवक की मौत; फुफेरा भाई कोमा में

 

पानीपत के डाहर गांव के गोल चक्कर के पास ब्रेजा कार के ड्राइवर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद एक युवक सड़क पर गिर गया। चालक ने उसके सिर के ऊपर कार चढ़ा दी। सिर कुचलने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा उसका फुफेरा भाई कोमा में है। आरोपी ड्राइवर कार समेत मौके से भाग निकला। इसराना थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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सिविल अस्पताल में डाहर गांव के पास हादसे की जानकारी देते मृतक के परिजन।
सिविल अस्पताल में डाहर गांव के पास हादसे की जानकारी देते मृतक के परिजन।

गांव ब्राह्मण माजरा का संदीप अपने फुफेरे भाई मनोज के साथ मंगलवार रात बाइक से पानीपत से गांव जा रहा था। जब वह डाहर गांव के गोल चक्कर के पास पहुंचे तो पीछे से तेज गति से आए सिल्वर कलर की ब्रेजा कार के चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। बाइक संदीप चला रहा था। टक्कर लगते ही संदीप सड़क और मनोज साइड में जा गिरा।

कार चालक ने तब भी गाड़ी नहीं रोकी और सड़क पर पड़े संदीप के सिर से कार का पहिया उतार दिया। इससे संदीप का सिर कुचला गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सिविल अस्पताल लाया गया।

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डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि कोमा में पहुंचे मनोज को एक प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया गया है। संदीप के चाचा सुरेश चंद की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब पुलिस घटनास्थल के आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज में आरोपी कार चालक को तलाश कर रही है।

एक इकलौता चिराग बुझा, दूसरा मौत से लड़ रहा
26 साल का संदीप इकलौता बेटा था। संदीप की एक छोटी बहन है। 2 साल पहले ही संदीप की शादी हुई थी। संदीप की 6 माह की एक बेटी है। वहीं, मनोज भी तीन बहनों में अकेला भाई है। मनोज अब प्राइवेट अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहा है।

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मां की मौत के बाद बचपन से मनोज को मामा ने पाला
6 माह की उम्र में ही मनोज के सिर से मां का साया उठ गया था। तभी से ब्राह्मण माजरा निवासी उसके मामा फुलकुमार ने उसे पाला है। संदीप और मनोज ने 10 दिन पहले ही पानीपत में चाऊमीन की रेहड़ी लगाना शुरू किया था। मंगलवार रात को वह दोनों काबड़ी रोड निवासी अपने रिश्तेदार के यहां से गांव लौट रहे थे।

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