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चढ़ूनी ने संभाली आंदोलन की कमान, बोले-शनिवार को लेंगे बड़ा फैसला

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चढ़ूनी ने संभाली आंदोलन की कमान, बोले-शनिवार को लेंगे बड़ा फैसला

दोपहर करीब एक बजे तक आंदोलन स्‍थल पर कोई बड़ा किसान नेता नहीं पहुंचा। आंदोलन की कमान संभाल रहे किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों मैं जोश भरा। उन्होंने कहा कि शनिवार को आंदोलन को लेकर मीटिंग की जाएगी। इसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने किसानों को धरना स्थल पर डटे रहने के लिए आह्वान किया। वहीं कुछ वकील भी किसानों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ वह किसानों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

किसानों को संबोधित करते गुरनाम सिंह चढ़ूनी।

किसानों द्वारा जिला सचिवालय के बाहर डाला गया पड़ाव चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। सुबह होते ही बड़ी संख्या में किसान जुटना शुरू हो गए। उत्‍तर प्रदेश और पंजाब से भी किसान पहुंच रहे हैं। हालांकि सुबह 12 बजे तक कोई बड़ा नेता धरनास्थल पर नहीं पहुंचा था। स्थानीय स्तर के किसान नेताओं जगदीप सिंह ओलख, राजपाल चहल आदि ने धरना दे रहे किसानों में जोश भरना शुरू किया।

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किसानों के समर्थन में कुछ वकीलों ने प्रदर्शन किया।

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आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी आधी रात तक किसानों के बीच रहे। वहीं आज भी उनके साथ-साथ पंजाब व आसपास के प्रदेश नेताओं द्वारा किसानों को संबोधित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। आसपास के गांवों से भी किसान सुबह ही पहुंचना शुरू हो गए। लंगर सेवा भी शुरू कर दी गई। सुबह चाय नाश्‍ते से लेकर दोपहर के खाने के लिए भी व्यवस्था की जाने लगी। उधर कानून व्यवस्था बनाए रखने के चलते जिला सचिवालय के चारों ओर भारी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात किए हुए हैं। करनाल के एसपी गंगा राम पूनिया व पानीपत एसपी शशांक कुमार सावन ने पुलिस कर्मियों को अलर्ट रहने को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

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इंटरनेट सेवा शुरू

करनाल में इंटरनेट सेवा शुरू हो चुकी है। किसान महापंचायत के बाद विरोध के चलते तीन दिन से इंटरनेट सेवा बंद थी। शुक्रवार सुबह इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। सहायक जिला पीआरओ रघुबीर सिंह ने कहा, अभी सेवाओं को फिर से बंद करने की कोई योजना नहीं है। बता दें कि लाठीचार्ज के विरोध में किसान करनाल लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं।

करनाल किसान आंदोलन की ताजा खबरें पढ़ने के लिए

लगातार तीसरे दिन इंटरनेट बंद रहने का असर अब कारोबारी गतिविधियों से लेकर आम जनजीवन पर साफ दिखाई पड़ रहा था। आर्डर न होने से होम डिलीवरी का काम तकरीबन ठप पड़ चुका था। विद्यार्थियों से लेकर सरकारी और गैर सरकारी कामकाज से जुड़े लोगों की दिक्कतें भी बढ़ गई थी। व्यापारी नेता बजरंग गर्ग ने दावा किया है कि जिले में अब तक साठ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है।

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करनाल के लघु सचिवालय के समक्ष धरना दे रहे किसानों के आंदोलन के चलते इंटरनेट सेवाएं लगातार बंद थी। हालांकि, वीरवार की देर रात से सुबह तक कुछ कंपनियों की इंटरनेट सेवा शुरू तो हुई लेकिन नौ बजे के बाद इन्हें एक बार फिर पूरी तरह बंद कर दिया गया। इससे लोगों के आनलाइन कामकाज की चाल तकरीबन पूरी तरह ठप पड़ गई थी। आलम यह है कि आनलाइन आर्डर पर होम डिलीवरी करने वाले युवा राइडरों को कोई काम नहीं मिल रहा था। वे दुकानदार भी परेशान थे, जिनके काम का बड़ा हिस्सा आनलाइन ही चलता था।

पेट्रोल पंप पर अब कार्ड स्वैपिंग नहीं हो रही तो माल से लेकर अन्य दुकानों में भी कमोबेश यही हाल था। लोगों को आर्डर न होने से अलग अलग आइटम घर पर नहीं मिल पा रहे थे। कई लोगों के अस्थाई रोजगार पर सीधा असर दिख रहा था। माना जा रहा है कि करनाल में औसतन अकेले खाद्य व पेय पदार्थों के रोजाना करीब ढाई-तीन हजार आर्डर आनलाइन किए जाते थे। इससे करीब पांच से सात लाख रुपये का कारोबार होता था, जो अब तकरीबन पूरी तरह ठप पड़ चुका था। सैकड़ों युवा अचानक बेरोजगार हो गए थे। दुकानदारों का कहना है कि आर्डर न मिलने से लगातार नुकसान हो रहा था। सरकार को चाहिए कि इंटरनेट सेवा बहाल करे, जिससे काम आगे बढ़ सके।

चारों तरफ परेशानी और असमंजस

लगातार बंद इंटरनेट सेवा ने चारों तरफ आनलाइन काम-काज ठप करके रख दिया था। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में होने वाली परीक्षाओं पर भी असर पड़ा। बैंकिंग प्रणाली से लेकर अन्य आनलाइन लेनदेन सम्बधित काम तकरीबन पूरी तरह बंद हो चुके थे। लोग असमंजस में थे कि आखिर कब तक उन्हें इसी तरह परेशानियां सहनी पड़ेंगी ?

आनलाइन लेनदेन पूरी तरह ठप

अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने अपने बयान में कहा कि तीन दिन से इंटरनेट बंद होने के कारण 60 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो चुका है। हर ट्रेड का व्यापार व उद्योगों में लेन-देन इंटरनेट से होता है। इंटरनेट बंद होने से न भुगतान हो रहा है और न पेमेंट आ रही है। वाहन बिक्री भी पूरी तरह ठप हो गई है। यह समस्या अविलंब दूर होनी चाहिए।

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