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पानीपत में तालाब में डूबे बच्चों का मामला

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पिता ने निगम अफसरों पर लगाया लापरवाही का आरोप, बोले- 5-5 फीट गहरे गड्‌ढों में पानी भरा, चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया

हरियाणा के पानीपत में दो बच्चों की तालाब में डूबने से मौत के बाद एक बच्चे के पिता ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पिता ने निगम अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण ही उन्हें बेटा खोना पड़ा। 17 साल से तालाब बनी नगर निगम की जमीन में 5-5 फीट गहरे गड्‌ढे हैं। गड्‌ढों को भरना तो दूर कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया। यहां रोजाना पशु फंसते हैं, जिन्हें मुश्किल से बाहर निकाला जाता है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

पानीपत की सैनी कॉलोनी स्थित नगर निगम की जमीन पर बने तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। सैनी कॉलोनी के 12 वर्षीय नितिन और 14 वर्षीय नीरज नहाने के लिए तालाब में गए और डूब गए। अन्य दो दोस्तों की सूचना पर करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

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मृतक नितिन के पिता पवन ने कहा कि नगर निगम ने बीते 17 साल से जमीन को ऐसे ही छोड़ रखा है। इस खुली जगह में कूड़ा फेंका जाता है। 1200 वर्ग गज के तालाब में 5-5 फीट के गड्‌ढे हैं, जिनमें बारिश के सीजन में पानी भर जाता है। बारिश के साथ नाले ओवरफ्लो होने के बाद उनका पानी भी नगर निगम की जमीन पर इक्ट्‌ठा होता है। अनेक बार शिकायत करने के बाद भी नगर निगम अधिकारियों ने अपनी ही जमीन की सुध नहीं ली। अब दो परिवारों ने अपने बेटे खो दिए।

फैक्ट्री की छत से गिर रहे पतनाले के पानी में नहाने के बाद तालाब में उतरे
तालाब के पास रेहड़ी लगाने वाले सोहनलाल ने बताया कि शुक्रवार शाम के समय हुई बारिश के बाद चार बच्चे तालाब के पास फैक्ट्री के पतनाले से गिर रहे पानी में नहा रहे थे। बारिश बंद होने और पतनाले से पानी रुकने के बाद दो बच्चे तालाब में नहाने लगे। गहराई में जाने के कारण दोनों डूब गए।

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रोजाना फंसते हैं पशु, शिकायत के बाद भी नहीं देता कोई ध्यान
सैनी कॉलोनी के लोगों ने बताया कि हर समय पानी जमा होने के कारण नगर निगम की 1200 वर्ग गज की जमीन दलदल बन चुकी है। यहां रोजाना पशु फंसते हैं। काफी मशक्कत के बाद पशुओं को निकाला जाता है। गंदगी के कारण सांस लेना दुभर रहता है। अनेक बार शिकायत करने के बाद भी नगर निगम ने कुछ नहीं किया।

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