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पानीपत शहर में शुरू सिटी बस सेवा, जानिए रूट और किराया- Panipat City Bus Service

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पानीपत शहर में शुरू सिटी बस सेवा, जानिए रूट और किराया- Panipat City Bus Service

शहर में फिर से सिटी बस सर्विस शुरू होने जा रही है। जो छात्र-छात्राओं को गांवों से स्कूल-कॉलेज और वर्करों को औद्योगिक एरिया तक पहुंचाएंगी। अभी 5 रूट तय किए हैं। जहां पर एक-एक बस चलेगी। ट्रायल सफल होने के बाद बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी और फेरों की भी। उम्मीद है कि इसी सप्ताह से बसें शुरू हाे जाएंगी।

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पानीपत रोडवेज डिपो के जीएम बालकराम ने बताया कि मंगलवार को टीआई सतपाल ने अपनी टीम के साथ पांचों रूटों का निरीक्षण किया। वह अपनी रिपोर्ट बुधवार को देंगे। सिटी बस सेवा 15 साल पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन प्लानिंग के अभाव में बंद हो गई थी।

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जीएम ने बताया कि किलोमीटर के हिसाब से किराया रखा जाएगा। इसके लिए टीआई को पूरे रूटों को निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। उसके बाद ही किराए को लेकर मंथन किया जाएगा। न्यूनतम किराया 10 रुपए और अधिकतम किराया 20 रुपए रखा जाएगा।

पीक आवर में चलाईं जाएंगी बसें

जीएम ने बताया कि स्कूल-कॉलेजों का टाइम सुबह से दोपहर तक होता है और इंडस्ट्रियों का टाइम सुबह से शाम तक का होता है। इसलिए जो बसें छात्र-छात्राओं को लेकर आएंगी। उन्हें दोपहर को वापस रवाना किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में चलने वाली बसों को सुबह-शाम चलाया जाएगा।

गाइड लाइन का किया जाएगा पालन

जीएम ने बताया कि यह बसें 31 होंगी। बस में 31 से ज्यादा सवारियों को बिठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही बसों में बिना मास्क के यात्रियों को नहीं प्रवेश करने दिया जाएगा। इसको लेकर चालक-परिचालकों को निर्देश दिए जाएंगे।

ऑटो वालों की मनमानी रुकेगी

अगर सिटी बस सेवा सफल रही तो ऑटो वालों की मनमानी रुकेगी। अभी तो ऑटो वाले मनमर्जी से किराया लेते हैं।

बसों के किराए, टाइमिंग और सर्विस पर निर्भर होगी याेजना की सफलता

  • टाइमिंग: बस की टाइमिंग क्या रहती है? कितनी देर खड़े रहने पर सिटी बस मिल जाएगी। इस पर सिटी बस की सफलता निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए – जब लोगों को पता होगा कि हर 10 मिनट पर सिटी बस मिल जाएगी तो स्टैंड पर उसका इंतजार करेंगे। वरना- ऑटो में बैठ जाएंगे।
  • किराया: किराया कितना तय किया जाता है, इस पर भी इसकी सफलता निर्भर करेगी। यह देखना होगा कि ऑटो की तुलना में बस का किराया कम हो। बराबर रहने पर सवारियां इंतजार क्यों करेंगे?
  • सर्विस: सवारियों को अगर बैठने के लिए सीट मिलेगी, तभी वह बस में सवार होंगे। खड़े होकर भला कोई क्यों सिटी बस में जाना पसंद करेगा। अगर सभ्य माहौल मिला तो खड़े होकर भी जाएंगे।
  • स्टैंड कैसे तय करेंगे: रूट पर बसें तो चल जाएगी, लेकिन स्टैंड यानी स्टॉपेज कहां-कहां होगी, इस पर भी डिपो प्रबंधन को प्लान करना है।

 

 

Source : Bhaskar

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