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नहीं माने आदेश: कोल आधारित इंडस्ट्री चलती रहीं, खूब जला रहे कूड़ा व पराली

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नहीं माने आदेश: कोल आधारित इंडस्ट्री चलती रहीं, खूब जला रहे कूड़ा व पराली, न स्कूल बंद हुए न सड़कों पर छिड़का पानी

जिले में लगातार प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है, गुरुवार को भी एक्यूआई 340 रहा। लेकिन, इसे रोकने के लिए कोई भी प्रशासनिक कदम नहीं उठाए जा रहे। सिर्फ कागजों तक ही सरकारी आदेश सीमित रह गए। कोल आधारित इंडस्ट्रीज चलती रही और खेतों में पराली जलती रही। न स्कूल बंद हुए और न ही धूल उड़ती सड़कों पर पानी का छिड़काव हुआ।

कंस्ट्रक्शन पर भी शहर में कहीं रोक नजर नहीं आई। इसलिए भी आगे और स्थिति खराब हो सकती है, क्योंकि प्रशासन के स्तर पर अब तक कुछ किया ही नहीं गया। न तो उद्यमियों को बताया गया कि कोल आधारित इंडस्ट्री नहीं चलेगी। न ही स्कूलों को बंद करने का मैसेज दिया गया। मैसेज तक नहीं देने वाला प्रशासन अपने स्तर पर पानी का छिड़काव करे, यह अपने आप में बड़ी बात होगी। यही कारण है कि सेक्टर-29 बाईपास रोड हो या ट्रांसपोर्ट नगर, गोहाना रोड हो या असंध रोड। सभी जगह धूल उड़ती रहती है।

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यह आदेश दिए

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली व एनसीआर में हवा की गुणवत्ता मैनेजमेंट के लिए बनाए आयोग ने 17 नवंबर को फैसले लिए थे। यह फैसला अगले आदेश तक लागू रहना है, लेकिन कुछ हुआ ही नहीं।

जानिए, क्या हैं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के फैसले और कितना हुआ इन पर अमल

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इंडस्ट्री प्रदूषण को राेकना

सिर्फ गैस आधारित इंडस्ट्रीज चलेंगी। सभी इंडस्ट्री, जिसमें अवैध फ्यूल यूज हो रहा है, सरकार उसे बंद करेगी।
हकीकत: बोर्ड के आरओ को ही आदेश पता नहीं। गुरुवार को एक भी बंद नहीं हुई। पॉल्यूशन बोर्ड के आरओ कमलजीत ने कहा कि अनएप्रूव्ड फ्यूल पर रोक है। जबकि, आदेश में स्पष्ट है कि सिर्फ गैस आधारित इंडस्ट्रीज चलेगी।

स्कूल बंद के आदेश

आदेश के पाॅइंट-7 में लिखा है कि सभी पब्लिक व सरकारी स्कूल, कॉलेज और सभी एजुकेशन संस्थान बंद रहेंगे।
हकीकत: सभी सरकारी व पब्लिक, कॉलेज और कोचिंग संस्थान खुले रहे। स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मान ने कहा, ‘हमारे पास आदेश नहीं आया है।’

सड़कों पर छिड़काव

धूल उड़ती सड़कों पर तीन-तीन बार पानी छिड़काव का आदेश है। एंटी-स्मॉग गन चलाने का आदेश है।
हकीकत: सेक्टर-29 बाईपास रोड, असंध रोड, गोहाना रोड और ट्रांसपोर्ट नगर रोड पर हमेशा धूल रहती है। लेकिन, आज तक एक बार भी पानी का छिड़काव नहीं हुआ है। तीन बार पानी छिड़कना तो दूर की बात है।

कंस्ट्रक्शन पर रोक

बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन पर पूरी तरह रोक है। सिर्फ मेट्राे और रेलवे के जरूरी कंस्ट्रक्शन को ही अनुमति है।
हकीकत: जिले में तो हर जगह कंस्ट्रक्शन चल रहा है। कहीं कोई राेक नहीं। इतना ही नहीं बिना नियम कायदे के भी कंस्ट्रक्शन चल रहा है। धूल के कणों को रोकने के लिए कहीं कोई कपड़े नहीं टांगे गए हैं।

टास्क फोर्स का गठन

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को रोकने के लिए ट्रैफिक टास्क फोर्स टीम बनाने का निर्देश है।
हकीकत:धुआं फेंकते हुए ऑटो और मालवाहक छोटे टैम्पो जीटी रोड सहित पूरे शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। कहीं कोई रोकने वाला नहीं। कागज की जांच कौन करे। प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह में यह भी शामिल है।

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