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Coronavirus Lockdown Day 4: Panipat में 23 आशंकित रोगी आइसोलेट, 21 क्वारंटाइन वार्ड में एडमिट

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कोरोना वायरस के आशंकित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अभी तक जिले में चार केस पॉजिटिव (नौल्था की निवासी रोहतक में एडमिट महिला सहित) केस हैं। 23 आशंकित मरीजों को आइसोलेशन और 21 को क्वारंटाइन वार्ड में रखा गया है। डीसी हेमा शर्मा ने बताया कि जिले में अभी तक 312 आशंकित रोगियों के हाथों पर स्टैं¨पग की गई है। 425 घरों के बाहर होम क्वारंटाइन का नोटिस चस्पा कर दिया है। 203 घरों में 701 लोग होम क्वारंटाइन में हैं। अभी तक 29 सैंपल भेजे जा चुके हैं, तीन केस पॉजिटिव, 12 की रिपोर्ट नेगेटिव है। बाकी की रिपोर्ट आनी बाकी है।

कोरोना पॉजिटिव के चार केसों के साथ पानीपत प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। गुरुग्राम में सर्वाधिक 10, फरीदाबाद में दो, पलवल, पंचकूला और सोनीपत में एक-एक पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। वीरवार को पानीपत में एक और नया केस आने के बाद यह आंकड़ा 19 हो गया है।

वहीं, नौल्था वासी कोरोना वायरस पॉजिटिव महिला की सास को स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। सैंपल लेने के बाद उसे बाहर निकाल दिया। वापस घर जाने के लिए उसे करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिल सकी। इस दौरान वह अस्पताल में भटकती रही, कर्मचारी उससे डरकर दूर भागते रहे। वह एंबुलेंस कंट्रोल रूम के फ्लीट मैनेजर ऋषिपाल के समक्ष हाथ जोड़ती दिखी।

मॉडल टाउन वासी 21 वर्षीय युवक इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहा था। परिवार का नौल्था में राइस मिल भी है। वहां से लौटने के बाद उसका दो बार सैंपल लिया गया, पॉजिटिव मिला। उसी मिल में काम करने वाली महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली थी। महिला की सास और पति को समालखा क्वारंटाइन केंद्र में रखा गया है। शुक्रवार दोपहर करीब सवा एक बजे विभाग की टीम उसे एंबुलेंस में लेकर सिविल अस्पताल पहुंची। स्वाब सैंपल लेने के बाद अपराह्न् करीब दो बजे उसे घर जाने को कह दिया। ओपीडी से बाहर निकली तो एंबुलेंस खड़ी थी, चालक नहीं था। कुछ देर वहां बैठे रहने के बाद वह परिसर में इधर-उधर एंबुलेंस के लिए भटकने लगी।

अंत में वह एंबुलेंस कंट्रोल रूम के फ्लीट मैनेजर ऋषिपाल के समक्ष हाथ जोड़कर खड़ी हो गई। उन्होंने दूरी बनाते हुए कह दिया कि एंबुलेंस के पास बैठो। शाम करीब पौने चार बजे उसे एंबुलेंस मिली। फ्लीट मैनेजर ने कहा कि चालक लंच करने चला गया था, इसलिए देरी हुई है।

253 लोगों तक नहीं पहुंची टीम

इमिग्रेशन विभाग ने विदेश से लौटने वाले 777 लोगों की सूची विभाग को दी है। हालांकि, विभाग का मानना है पुरानी सूची भी इसमें जोड़ दी गई है। इनमें से 253 लोग ऐसे हैं, जिनके घर तक विभाग की टीम नहीं पहुंची है। ठीकरा डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग के सिर फोड़ा जा रहा है। बताया गया कि वे डीसी और सिविल सर्जन को सही जानकारी नहीं दे रहीं थी।

सैंपल को लेकर भी विरोधाभास

डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. बागड़ी ने शुक्रवार को मीटिंग ली, सैंपल लेने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। डॉ. बागड़ी ने सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला देकर बताया कि विदेश से लौटे हर व्यक्ति का स्वाब सैंपल लिया जाए। जिन्हें विदेश से लौटे अभी आठ-दस दिन ही हुए हैं, उनका लिया ही जाना चाहिए। नोडल अधिकारी डॉ. सुनील संडूजा ने कहा कि सैंपल लिए जा रहे हैं।

200 पीपीई किट मिली

सिविल अस्पताल में पीपीई (पसर्नल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट की कमी डॉक्टरों और सैंपलिंग टीम के लिए मुसीबत बनी थी। सिविल सर्जन ने बताया कि 200 किट आ चुकी हैं। बता दें कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए छह लाख रुपये का बजट भी मिल चुका है।

यहां बनाया गया आइसोलेशन वार्ड

कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बापौली गांव में आइसोलेशन वार्ड बनाने का फैसला लिया है। स्कूलों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए सफाई कार्य शुरू कर दिए गए है। बीआरएम स्कूल, अक्षज इंटरनेशनल स्कूल, बीडीएम स्कूल, जीएसएस स्कूल और जीजीसीसी स्कूल में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे। जहां कोरोना संदिग्धों को भर्ती किया जाएगा। बीआरएम स्कूल चेयरमैन रामपाल शर्मा ने बताया कि ग्रामीण प्रशासन का अधिक से अधिक सहयोग करने के लिए तैयार है।

गांव में सैनिटाइजिंग की व्‍यवस्‍था

वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत भी बड़े स्तर पर गांव में सैनिटाइजिंग करा रही है। गांव में सभी घरों, दुकानों, बैंकों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सेनिटाजर स्प्रे कराया जा रहा है। ग्राम सरंपच डिंपल रावल ने बताया भी ग्रामीणों से महामारी से लड़ने में सहयोग करने की अपील की। लोगों को किसी जरूरी कार्य के बिना घरों से बाहर नहीं निकलने के लिए प्रेरित किया। गांव के किसी भी व्यक्ति में कोरोना बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखते ही सूचना देने की बात कही।

बहरामपुर सील, उल्लंघन पर 1000 रुपये जुर्माना

जिले में बढ़ रही कोरोना संक्रमितों और संदिग्धों की संख्या को देखते हुए बहरामपुर पंचायत ने कमेटी गठन कर गांव की सीमाएं सील कर दी। ग्रामीण गांव को जोड़ने वाले सभी रास्तों पर पहरा दे रहे है। ग्राम पंचायत ने नियम उल्लंघना करने वाले ग्रामीणों पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाने के आदेश जारी किए है। हालांकि पशुचारा लाने के लिए ग्रामीणों को बाहर निकलने की छूट है। समाजसेवी आजाद रावल ने ग्रामीणों को महामारी से निपटने के लिए सहयोग करने और घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की। गांव में निरंतर सैनिटाइजर स्प्रे कराया जा रहा है।

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