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पानीपत

निगम पहली बार बना रहा 25 और 15 एमएलडी के दो एसटीपी, वैध हुईं 14 कॉलोनियों में सीवर लाइन भी दबेगी

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निगम पहली बार बना रहा 25 और 15 एमएलडी के दो एसटीपी, वैध हुईं 14 कॉलोनियों में सीवर लाइन भी दबेगी

10 साल का पानीपत नगर निगम पहली बार शहर में दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने जा रहा है। वार्ड-25 एरिया के देव नगर में 15 और बरसत रोड कृपाल आश्रम के सामने 25 एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने जिन 14 अवैध कॉलोनियों को वैध किया था, वहां सीवर लाइन डाली जाएंगी।

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नगर निगम ने इसके लिए 97.12 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है। एक माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू होंगे। जून 2022 तक सभी प्राेजेक्ट पूरे हो जाएंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद निगम ने प्लान बनाया है। एसटीपी बनने से एक तरह से पूरे शहर वासियों को फायदा होगा। क्योंकि सीवर का कनेक्शन एसटीपी से किया जाएगा, जो पानी ट्रीट करके ड्रेन में डालेगा। इसलिए, सीवर पर पानी का फ्लो बना रहेगा। इससे शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या कम होगी।

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3 पाॅइंट से जानिए; शहर के लिए क्यों जरूरी है एसटीपी

सीवर लाइन में आएगा सुधार: नए एसटीपी बनने से पुरानी सीवर लाइन पर दबाव इसलिए कम होगा क्योंकि अभी तो जहां-तहां सीवर लाइन को जोड़ा गया है। अब ऐसे सीवर लाइन को नए एसटीपी से जोड़ा जाएगा तो पुरानी पर दबाव कम होगा। इससे ओवरफ्लो की समस्या भी कम होगी। साथ ही एसटीपी से ट्रीटेड पानी ड्रेन-1 या ड्रेन-2 में सहायता अनुसार छोड़ा जाएगा।

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ट्रीट करना अनिवार्य, तभी बहेगा यमुना में: शहर की लाइफलाइन ड्रेन-1 के साथ ड्रेन-2 यमुना में जा रही है। इसमें सीवर व इंडस्ट्री का पानी बहाया जा रहा। एनजीटी सख्ती कर रहा है कि बिना ट्रीट किए पानी नहीं बहाया जा सकता। ऐसी स्थिति में सीवर का पानी कहां जाएगा।

एसटीपी हो तभी सीवर का फायदा: शहर में रोजाना 80.4 एमएलडी सीवरेज जेनरेट हो रहा है। लेकिन 45 एमएलडी क्षमता के ही सीवर होने से खुली ड्रेन में ही सीवर का पानी बहाया जा रहा है। बिना एसटीपी के सीवर का कोई मतलब नहीं। इसलिए एसटीपी बनने से ट्रीट किया पानी ही ड्रेन में बहाया जाएगा।

सीवर के ट्रीट किए पानी को नाले में बहाने की बजाय इंडस्ट्री में कर सकते हैं यूज

शहर की बड़ी विडंबना है कि करोड़ों की लागत से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए हैं, नए सिरे से बनाए जा रहे हैं। लेकिन पानी ट्रीट करके फिर उसे ड्रेन-1 में डाल रहे हैं। इसका उपयोग सिंचाई, पार्कों के साथ ही डाइंग इंडस्ट्री में की जा सकती है। इससे भूजल बजाया जा सकेगा। सिवाह एसटीपी से डाइंग इंडस्ट्री को पानी देने की सीएम ने दो साल पहले घोषणा भी की थी, लेकिन आज तक उस पर कोई काम नहीं हुआ।

14 कॉलोनियों की 84 हजार पब्लिक को होगा सीधे फायदा

वार्ड-24, 25 और 26 की 14 कॉलोनियों में पहली बार सीवर लाइन डाली जाएगी तो इससे यहां रहने वाले करीब 84 हजार से अधिक पब्लिक को सीधे फायदा होगा। नालियों में कनेक्ट सीवर की गंदगी से मुक्ति मिलेगी।

ट्रीटेड पानी के यूज पर बाद में बनेगा प्लान : चीफ इंजीनियर

अभी तो सीवर डालने और एसटीपी बनाने का प्लान बनाया गया है। एक बाद दोनों सफल हो जाए, उसके बाद ट्रीटेड पानी के उपयोग को लेकर भी प्लान बनाएंगे। शहर के हित में जो भी बेहतर होगा, उसका प्रयास किया जाएगा।-महावीर सिंह, चीफ इंजीनियर, नगर निगम

 

 

Source : Bhaskar

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