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कॉटन यार्न हुआ महँगा, भाव बीस फीसद तक बढ़ चुके हैं, जानिए वजह

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Cotton yarn becomes expensive prices have increased by 20 percent know the reason
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पिछले तीन महीने में रूई के भाव तेज होने से काटन यार्न के भाव 20 प्रतिशत बढ़ चुके हैं। तीन महीने में 40 सीडब्ल्यूसी सुपिरियर यार्न का भाव प्रति किलो ग्राम 330 रुपये से बढ़कर 405 और 60 डब्ल्यूसी का भाव 415 से बढ़कर 500 रुपये हो चुका है। रुई के भाव बढ़ने पर यार्न के भाव में तेजी आती है। इस बार रूई आवक का सीजन शुरु होने के बावजूद भी भाव में गिरावट नहीं है।

अच्छी मांग निकल रही है

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यार्न विक्रेता विनोद खंडेलवाल ने बताया कि यार्न की मांग अच्छी निकलने के कारण भी भाव बढ़ गई है। हौजरी में लगने वाले धागे के दामों में वृद्धि चल रही है। बीते वर्ष अक्टूबर से लेकर आज तक शंकर-6 काटन के भाव 80 फीसद बढ़ चुके हैं। इसी अवधि में 40 एस काउंट होजिरी यार्न का भाव 58 फीसद बड़़ा है।

Cotton production estimated at 9.451m bales - Newspaper - DAWN.COM

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45 दिनों से ज्यादा का आर्डर

यार्न के उत्पादन में 70 फीसद हिस्सा रुई का होता है। रुई की भाववृद्धि के बाद भी मिलों के पास 45 दिनों से ज्यादा के आर्डर है। यार्न की मांग बढ़ने से स्पिनर्स भी चांदी कूट रहे हैं। अब दो-तीन महीने की जरूरी रुई की खरीदी कर रहे हैं। हैडलूंम कारोबारी जोगेंद्र नरूला ने बताया कि कपड़ा अधिक तेज होने से परेशानी आ रही थी। पहले पुराने भाव के माल लोग काट रहे थे। अब पुराने भाव के माल खत्म हो चुके हैं। नए भाव के माल बाजार में है। भाव बढ़ाकर ही बेच रहे हैं।

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काटन की मांग

इस समय काटन की मांग है। विदेशों में काटन के बने उत्पाद पसंद किए जाते हैं। दरअसल, पालिएस्टर में चीन तो काटन में भारत आगे हैं। कोरोना के बाद से यूएसए और यूरोप ने काटन उत्पाद की मांग और ज्यादा की है। इस वजह से धागे की मांग ज्यादा बढ़ी तो दाम भी बढ़ गए। यही दाम अब नीचे नहीं आ रहे।

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