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पानीपत

जेबीएम, बेसहारा गोवंश पर पार्षदों ने मेयर से मांगा जवाब, विज बाेले- 6 माह में पूरा कराओ हाली झील का काम

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जेबीएम, बेसहारा गोवंश पर पार्षदों ने मेयर से मांगा जवाब, विज बाेले- 6 माह में पूरा कराओ हाली झील का काम

 

लघु सचिवालय के सभागार में सदन की बैठक में पार्षद भी एक दूसरे के खिलाफ बोले। वार्ड-3 की पार्षद अंजलि शर्मा ने सीधे तौर पर मेयर अवनीत कौर से ही जवाब मांगा कि उनके वार्ड की हद उन्हें बताएं। आज तक यह तय नहीं हो पाया कि परशुराम कॉलोनी किस वार्ड का हिस्सा है। मेरे वार्ड की 2000 वोट इस कॉलोनी में हैं, लेकिन पड़ोसी वार्ड का पार्षद इसे अपने वार्ड का हिस्सा मानता है। वहां पर मैं जो भी काम कराती हूं, उनमें टांग उड़ाता है। पार्षद शर्मा ने आरोप लगाया कि यह पार्षद कमीशन खाने के लिए ही इस तरह की हरकतें कर रहा है। समाधान का भरोसा : इस पर मेयर व कमिश्नर ने कहा कि वार्ड बंदी को लेकर इलेक्शन कमिशन से बात करेंगे। बाकि यह मुद्दा आपसी सहमति से मिल बैठकर ही सुलझेगा।

 

पार्षद दुष्यंत भट्ट ने पूछा कि सदन की पहली ही बैठक में जेबीएम के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया था, यह प्रस्ताव चंडीगढ़ क्यों नहीं पहुंचा

गोवंश की क्यों हो रही है बेकद्री : पार्षद

पार्षद दुष्यंत भट्‌ट, पार्षद रविंद्र भाटिया व पार्षद सुमन छाबड़ा समेत अन्य ने कहा कि पूरा शहर बेसहारा गोवंश, बंदर व कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। बेसहारा गोवंश को गोशाला व नैन गो अभयारण्य में सहारा देने के लिए निगम के पास कोई योजना नहीं है। शहरवासियों का हिंदूत्व भी गाय को चोट खाकर देखने पर ही जागता है। इस पर क्या काम कर रहे हैं।
समाधान का भरोसा : कमिश्नर ने कहा कि गोशालाओं व नैन गो अभयारण्य में इस संबंध में बातचीत की जाएगी। सप्ताह भीतर ही काम शुरू करवा देंगे।

ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में निगम के दो कानून क्यों
पार्षद दुष्यंत भट्‌ट व पार्षद अनिल बजाज ने कहा कि नगर निगम दो भागों में बंटा हैं। इसके नियम ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में अलग-अलग क्यों हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई कर्मचारी बहुत कम और शहरी क्षेत्र में 5 गुण तक ज्यादा हैं। ऐसा क्यों हैं। जब जम्मू कश्मीर की धारा 370 खत्म हो सकती है तो पानीपत नगर निगम का यह नियम क्यों नहीं बदल सकता। हमें भी जनता की सहुलियत के हिसाब से सफाई कर्मचारी दिए जाएं।
समाधान का भरोसा : कमिश्नर सुशील कुमार व मेयर अवनीत कौर ने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दों को गंभीरता से लेकर समाधान कराएंगे।

नगर निगम से फाइलें गुम होकर कहां जा रही हैं
पार्षद अशोक कटारिया ने पूछा कि नगर निगम से फाइलें गुम क्यों हो रही हैं। हम जैसे तैसे कामों का एस्टीमेट बनाकर अधिकारियों को देते हैं। इसके बाद वे फाइलें ही गुम हो जाती हैं। जो अधिकारी ऐसे काम कर रहे हैं, उन्हें पानीपत में न रहने दिया। पार्षद अंजलि ने कहा कि मेरे वार्ड में जन स्वास्थ्य विभाग ने साफ सुधरी सड़क को उखाड़ दिया। इस पर क्या कार्रवाई हुई। जो काम एक साल से अधूरे पड़े हैं, उन्हें कब पूरा कराएंगे।
समाधान का भरोसा : सभी वार्डों के लिए अलग-अलग लॉकर बनाए जाएंगे। उन्हीं में ही वार्डों की फाइल रखी जाएंगी।

पीएमयू कमेटी का अधिकारी कौन है
जेबीएम के कामकाज व पेमेंट पास करने की जिम्मेदारी व देखरेख करने के लिए पीएमयू कमेटी होनी चाहिए। इस कमेटी के पास किए बिना जेबीएम को एक भी पैसा नहीं दिया जा सकता। पार्षद रविंद्र भाटिया ने कहा कि इस कमेटी के बारे में बताएं। इसका अधिकारी पानीपत में कौन हैं। यह सुनकर मेयर ने कहा कि यह कमेटी तो सोनीपत में गठित होनी है। पानीपत के लिए अलग से कमेटी बननी है।
समाधान का भरोसा : पार्षदों के बार-बार जवाब एक ही बात पर अड़ जाने पर कमिश्नर ने इस कमेटी के लिए एक्सईएन कुलभूषण को पीएमयू मेंबर बना दिया।

जेबीएम के खिलाफ पास हुआ प्रस्ताव चंडीगढ़ क्यों नहीं पहुंचा
पार्षद दुष्यंत भट्ट ने पूछा कि सदन की पहली ही बैठक में जेबीएम के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया था। यह प्रस्ताव चंडीगढ़ क्यों नहीं पहुंचा। यहां कहां रह गया। जब सदन में पास हुए प्रस्ताव पूरा हीं नहीं होना तो क्यों करते हैं मीटिंग। शहरवासियों की नजर में हम ढाेंगी हैं। इस ढाेंग को बंद करें। या स्पष्ट करें कि हमें जेबीएम को झेलना है। पार्षद अशोक कटारिया ने कहा कि नगर निगम की सारा रेवेन्यू इस कंपनी को दिया जा रहा है। ड्रेन सेे निकला कूड़े की एवज में कंपनी ने नहरी विभाग से 60 हजार रुपए ले लिए। इसके बार उसी कूड़े को तोलकर उसके पैसे नगर निगम से वसूल किए। कंपनी को ठेका रद्द क्यों नहीं हो रहा। क्यों यह कंपनी शहर को लूट रही है।
समाधान का भरोसा : मेयर अवनीत कौर ने कहा कि इसकी जांच विजिलेंस करेगी। उस समय पार्षदाें ने संतुष्टि पत्र देकर कंपनी की पेमेंट शुरू कराई थी। फिलहाल सभी पार्षद लिखकर देंेगे तो कंपनी की पेमेंट रोक ली जाएगी।

6 माह में करना होगा हाली झील का काम
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि हाली झील का प्राेजेक्ट शहर का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह काम कितना पूरा हुआ है, कितना पेंडिंग है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। अब तक ठेकेदार को कितनी पेमेंट हो चुकी है, इसके बारे में पूरा रिकॉर्ड तैयार करें। ठेकेदार को बोलकर काम पूरा कराया जाए। 6 माह के भीतर अधूरा पड़ा काम पूरा होना चाहिए।
समाधान का भरोसा : कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि काम तय दिनों में पूरा करवा दिया जाएगा। ठेकेदार को सख्ती से बोलकर रुका हुआ काम शुरू कराया जाएगा।

बिना विरोध पास हुए सभी मुद्दे
विधायक प्रमोद विज व विधायक महिपाल ढांडा को किसी अन्य कार्यक्रम में जाने के लिए मीटिंग को अधूरे में छोड़कर ही जाना पड़ा। दोनों विधायकों के चले जाने के साथ आधे से ज्यादा पार्षद भी मीटिंग छोड़कर चले गए। इसके बाद मेयर अवनीत कौर ने सदन में पास होने कराने के लिए मुद्दे रखें। जाेकि बिना किसी विरोध के ही पास हो गए।