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पानीपत में कुल 1700 ही बेड, एक्टिव केस 1100 पार मगर एक अच्छी बात जिससे टला महाप्रकोप – Panipat Good News

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पानीपत में कुल 1700 ही बेड, एक्टिव केस 1100 पार मगर एक अच्छी बात जिससे टला महाप्रकोप – Panipat Good News

 

जिले में काेराेना का कहर इस कदर जारी है, कि बुधवार तक जिले में काेराेना के केस 7 हजार के पार हाे चुके हैं। इतने केसों वाला पानीपत जिला प्रदेश में 5वां जिला बन गया है। यह चिंताजनक है.. क्योंंकि जिले में केयर सेंटर व काेविड-19 अस्पतालों में सिर्फ 1700 बिस्तरों की व्यवस्था है। इन 1700 बिस्तरों में 260 बिस्तरों की व्यवस्था है। जिसमें 60 बिस्तर सिविल अस्पताल के शामिल हैं। वहीं 1440 बिस्तर निजी अस्पताल व केविड-19 अस्पतालों में हैं। इन 1440 बिस्तरों में 560 बिस्तर इसराना के एनसी मेडिकल काॅलेज काेविड-19 अस्पताल के शामिल हैं।

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काेराेना के ज्यादा सीरियस मरीजाें काे खानपुर भी रेफर किया जाता है। जिले में अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 1100 के पार हैं। लेकिन अच्छी बात है कि इन एक्टिव मरीजों में 65 प्रतिशत मरीज हाेम आइसाेलेट हैं। हाेम आइसाेलेशन में मरीजों का ठीक हाेने का आंकड़ा भी अच्छा है। जिले में बुधवार तक कुल केसाें में से 80 प्रतिशत केसाें की रिकवरी हाे चुकी है। रिकवरी बढ़ने से एक्टिव केस लगातार घट भी रहे है, लेकिन आने वाले समय में स्थिति खतरनाक हाे सकती है, क्याेंकि पिछले 23 दिनों में 3 हजार से ज्यादा केस आ चुके हैं।

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विभाग की भी पहली चाॅइस मरीज हाेम आइसाेलेट रहे

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी काेराेना के मरीजाें काे पहली च्वाइंस हाेम आइसोलेशन की ही देते हैं, अगर मरीज के घर पर नियमों के तहत जगह नहीं ताे उन्हें अस्पताल में एडमिट किया जाता है। विभाग की हाेम आइसाेलेशन इसलिए पहली च्वाइंस है क्याेंकि हाेम आइसाेलेशन में अब तक सिर्फ एक व्यक्ति ही माैत हाे हुई है। यानी 99 प्रतिशत से भी ज्यादा केसाें की रिकवरी हुई है। जिले में अब तक 2400 के करीब मरीज हाेम आइसाेलेशन पर रखें गए हैं, जिनमें से 1700 से ज्यादा ठीक भी हाे चुके हैं।

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केस बढ़े ताे एक्टिव केस भी बढ़ेंगे

जिले में जिस रफ्तार से केस बढ़ रहे है। जाहिर है आने वाले दिनाें में एक्टिव केसाें की संख्या में भी बढ़ाेतरी हाे सकती है। उस हिसाब से विभाग के अधिकारियाेें काे केयर सेंटर भी बनाने की जरूरत हाेगी। सीएमओ डाॅ. संतलाल का कहना है कि आने वाले दिनाें में बिस्तराें की संख्या बढ़ाई जाएगी। जल्द ही काेविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे, इसके लिए कार्य चल रहा है। लेकिन फिलहाल स्थिति अच्छी है, जिले का रिकवरी प्रतिशत बढ़ रहा है।

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इधर इस सप्ताह शुरू हाे सकती है लैब

जिले में काेराेना मरीजाें के सैंपलाें की जांच के लिए सिविल अस्पताल में खुलने वाली लैब जल्द ही शुरू हाे सकती है। बता दें कि दाे सप्ताह पहले लैब के स्टाफ के लिए नियुक्तियां हाे चुकी है। सभी स्टाफ काे खानपुर में 6 दिनाें की ट्रेनिंग पर भेजा गया है। यानी सबकुछ ठीक रहा ताे इस सप्ताह में जिले में काेराेना सैंपलाें की जांच शुरू हाे सकती है। लैब काे दाे शिफ्टाें में चलाया जाना है। राेजाना 250 से 300 सैंपलाें की जांच हाेगी और करीब 8-10 घंटे में रिपाेर्ट मिल सकेगी।

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पर्ची के बिना टेस्ट कराने पर खर्चनें हाेंगे पैसे

अब डाॅक्टर की पर्ची बिना और बेवजह काेराेना टेस्ट कराने पर देने 2500 से लेकर 1600 रुपए तक खर्च ने हाेंगे। बिना डाॅक्टर के रेफर किए सीधे सरकारी अस्पताल में पहुंचकर काेराेना टेस्ट कराने वालाें से अब पैसे वसूले जाएंगे। बता दें कि ये फीस उन्हीं से ली जाएगी, जिन्हें मेडिकली जांच की जरूरत नहीं है और नाैकरी पर जाने के लिए, शिक्षण संस्थानाें में दाखिला लेने, दूसरे राज्याें या विदेशाें में यात्रा करने के लिए जैसे अन्य कार्याें के लिए जांच करा रहे हैं। बता दें कि सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया हैं क्याेंकि ऐसे लाेगाें की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी और अस्पतालाें में भीड़ का माहाैल बना रहता है। मरीजाें से काेई फीस नहीं ली जाएगी।

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