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ड्रोन से तैयार हो रहा दिल्ली-पानीपत-करनाल का नक़्शा, स्टेशन और पिलर

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करनाल तक आने वाली रैपिड ट्रेन के प्रोजेक्ट में अब जमीनी स्तर पर कार्य शुरू हो गया है। सरकार की ओर से इसके लिए ड्रोन मैपिंग कर करनाल तक का रूट तय करते हुए उन जगह को चिह्नित किया जाएगा, जहां एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर, स्टेशन और डिपो बनाए जा सकते हैं। अगले एक माह में सर्वे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। जगह तय करने के बाद वहां की लैंड टेस्टिंग होगी। इसके बाद डीपीआर बनाई जाएगी। नई बात यह भी है कि करनाल जिले में तीन स्टेशन कहां-कहां बनने हैं, यह भी तय कर लिया है।

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दिल्ली-पानीपत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम आरआरटीएस को सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। हाई स्पीड ट्रेन का प्रोजेक्ट पहले दिल्ली से पानीपत तक था, अब इसका करनाल तक विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए डीपीआर अलग से बनेगी। दिल्ली-पानीपत की डीपीआर बन पहले बन चुकी थी। काम पूरा होने के बाद यात्री करनाल से दिल्ली तक का सफर महज 65 मिनट में तय कर सकेंगे।

यहां बनेंगे स्टेशन

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प्रोजेक्ट में दिल्ली से लेकर करनाल तक कुल 17 स्टेशन बनाए जाने हैं। जिले में तीन स्टेशन होंगे। अंतिम स्टेशन बलड़ी के नजदीक बनाया जाएगा। इससे पहले एक स्टेशन घरौंडा और दूसरा ऊंचा समाना के नजदीक होगा। इसके अलावा रेल लाइन कहां-कहां से निकलती हुई अंतिम स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके लिए ड्रोन मैपिंग कर जगह तय की जाएगी।

ये होंगे फायदे

-रेलवे एक्टिविस्ट इंजीनियर राजीव का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से नेशनल हाईवे का ट्रैफिक लोड भी कम होगा। वहीं लोगों को जाम की परेशानी से निजात मिलेगी। प्रदूषण की समस्या और दिल्ली में रात को रुकने का झंझट भी खत्म होगा।

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-सीए प्रदीप अरोड़ा का कहना है कि करनाल में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जहां भी इस तरह से प्रोजेक्ट आते हैं, वहां बड़ी कंपनियां के कार्यालय एवं इंडस्ट्री भी स्थापित होती है। इस लिहाज से युवाओं के लिए भी फायदेमंद होगा।
रैपिड रेल का पूरा प्रोजेक्ट मेट्रो की तरह ही होगा, लेकिन यह मेट्रो से तीन गुणा ज्यादा स्पीड पर चलेगी। हर 6 से 10 मिनट बाद सर्विस मिलेगी। प्रोजेक्ट के अनुसार, प्रत्येक ट्रेन में 250 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। करनाल से दिल्ली तक करीब 110 किलोमीटर तक जाने में बस और रेल से लगने वाला समय भी आधे से कम हो जाएगा। एक माह में ड्रोन सर्वे पूरा करने का लक्ष्य है। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।

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