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स्ट्रीट लाइटें हाेते हुए भी अंधेरे में शहर, ठेकेदार बाेला- एमई काम नहीं कर रहे

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स्ट्रीट लाइटें हाेते हुए भी अंधेरे में शहर, ठेकेदार बाेला- एमई काम नहीं कर रहे, निगम पेमेंट नहीं दे रहा

हाउस की मीटिंग में पार्षद हंगामा न करें, इसलिए 100-100 लाइट दे शांत रखा, एक माह से पेटियाें की शाेभा बढ़ा रही लाइटें

नगर निगम हाउस की मीटिंग में पार्षद हंगामा न करें, इसलिए अधिकारियों व मेयर अवनीत काैर ने पार्षदाें काे 100-100 स्ट्रीट लाइट देकर शांत रखा था। पार्षद इस उम्मीद में खुश रहे कि उनके वार्डाें की गलियाें, सड़कें व चाैक चाैराहाें से अब अंधेरा मिट जाएगा। वार्ड के लाेग उनके कार्यालय में आकर हंगामा नहीं करेंगे। पार्षदाें की यह उम्मीद आज तक पूरी नहीं हुई है, क्याेंकि ये लाइटें करीब एक माह से पार्षदाें के कार्यालयाें में ही ऐसे ही पड़ी हुई धूल ही फांक रही हैं।

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लाइटें नहीं लगने से परेशान पार्षदाें का कहना है कि अब इन लाइटाें काे सफेद कपड़ाें में लपेटकर नगर निगम कार्यालय में वापस रखवा देंगे। वार्डाें में नई स्ट्रीट लाइट लग नहीं रही है। पुरानी खराब पड़ी हैं। इससे गलियाें, सड़काें व चाैक चाैराहाें पर अंधेरा हाेने की समस्या लेकर आ रहे हैं।

इन पार्षदाें काे दी थी लाइट
नगर निगम अधिकारियों ने वार्ड-3 की पार्षद अंजली शर्मा, वार्ड-4 पार्षद रविंद्र नागपाल, वार्ड-5 पार्षद अनिल बजाल, वार्ड-7 पार्षद अशाेक कटारिया, वार्ड-9 पार्षद मीनाक्षी नारंग, वार्ड-11 पार्षद काेमल सैनी, वार्ड-12 पार्षद सतीश सैनी, वार्ड-13 पार्षद शिव कुमार शर्मा, वार्ड-14 पार्षद शकुंतला गर्ग व वार्ड-15 पार्षद सुमन रानी छाबड़ा काे नई 100-100 स्ट्रीट लाइट दी थी। ये आज भी पार्षदाें के कार्यालयाें में रखी हुई है। पार्षद अंजली शर्मा का कहना है कि उन्हाेंने नगर निगम अधिकारियों काे अनगिनत बार बाेला है। लाइट लगाने के लिए काेई नहीं आ रहा है। पुरानी लगी 85 लाइटाें में भी 50 खराब पड़ी हैं। टावर लाइटाें काे ठीक करने के लिए सीढ़ी तक नहीं दी जा रही है।

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अपनी लेबर लगाकर खुद ही वार्ड में लगवा ली लाइट
वार्ड-8 से पार्षद चंचल सहगल ने बताया कि उनकाे भी ऐसे ही लाइट दी गई थी। उन्हाेंने खुद अपनी लेबर लगाकर सेठी चाैक, अमर भवन चाैक, कलंदर चाैक, खेल बाजार व सनाैली राेड एरिया में लगवा ली। नगर निगम की ठेकेदार या कर्मचारियों का कब तक इंतजार करते। वहीं, वार्ड-15 से पार्षद प्रतिनिधि अशाेक छाबड़ा का कहना है कि जहां से भी मांग आती है, वहां पर नगर निगम की मरम्मत करने वाली टीम के कर्मचारियों के सहयेाग से लाइट लगवा लेते हैं। ऐसे ही कई पार्षद खुद ही अपनी लेबर लगाकर स्ट्रीट लाइट लगवा रहे हैं।

नगर निगम अधिकारी नहीं कर रहे हैं सहयाेग : ठेकेदार
नगर निगम अधिकारी हमारा सहयाेग नहीं कर रहे हैं। शहर में नई स्ट्रीट लाइट लगाने का काम फरवरी में शुरू हुआ था। शहर में जितनी भी स्ट्रीट लाइट लगनी थी उनकी पार्ट पेमेंट की जानी थी। नगर निगम ने आज तक एक भी रुपया नहीं दिया है। ऐसे में बिना पैसे मिले कब तक काम करेंगे। निगम एमई काे दाैरा करके सूची बनानी है, आज तक किसी भी एमई ने काेई काम नहीं किया। जिस गति से नगर निगम चल रहा है, उसी गति से भी काम हाे रहा है। -संजू राणा, ठेकेदार

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किसी भी पार्षद के वार्ड में लाइट नहीं लग रही हैं ताे उन्हें लगवाया जाएगा : कमिश्नर
पार्षदाें काे नई स्ट्रीट लाइट इसलिए दी थी, ताकि उन्हें पार्षद अपनी जरूरत के हिसाब से गलियाें व चाैक-चाैरहाें पर लगवा लें। पार्षदाें काे वार्ड के लाेगाें की भी जरूरत का ध्यान रखना हाेता है। अगर किसी पार्षद के वार्ड में काम शुरू नहीं हुआ है ताे उसे तेज गति से कराएंगे। ठेकेदार की पेमेंट से संबंधित काेई इश्यू मेरे पास नहीं आया है। अगर पेमेंट में देरी हाे रही है ताे उसे भी करवाया जाएगा। -आरके सिंह, कमिश्नर, नगर निगम, पानीपत

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