Connect with us

पानीपत

बस स्टैंड परिसर में दिव्यांग दंपती काे नहीं मिली व्हीलचेयर, 35.5 डिग्री में यूं जाने को मजबूर दिव्यांग

Published

on

Advertisement

बस स्टैंड परिसर में दिव्यांग दंपती काे नहीं मिली व्हीलचेयर, 35.5 डिग्री में यूं जाने को मजबूर दिव्यांग

 

अम्बाला से बुधवार दाेपहर काे पानीपत बस स्टैंड पर उतरे दिव्यांग दंपती काे व्हीलचेयर नहीं मिल सकी। क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि यहां व्हीलचेयर की सुविधा भी है। दंपती काे दाेपहर करीब 1 बजे 35.5 डिग्री की चिलचिलाती धूप में बस स्टैंड के गेट के बाहर तक घिसटकर जाना पड़ा।

Advertisement

पानीपत. बस स्टैंड परिसर में दिव्यांग पति दीपांशु के साथ दिव्यांग पत्नी हरप्रीत। दाेनाें व्हीलचेयर नहीं मिलने पर खिसक-खिसक कर चलते हुए। - Dainik Bhaskar

सनाैली राेड स्थित सब्जी मंडी के पीछे रहने वाले दीपांशु ने बताया कि वह रिक्शा रिपेयरिंग का काम करता है। वह पत्नी हरप्रीत के संग अम्बाला ससुराल गया था। उसके और पत्नी दाेनाें के पैर बचपन से ही खराब हैं। इसलिए वह चल नहीं पाते। गेट से ई-रिक्शा करके घर पहुंचा।

Advertisement

ऐसी व्हीलचेयर किस काम की

  • 113 बसाें का संचालन राेजाना हाेता हैं।
  • 15 हजार यात्री प्रतिदिन बसाें से सफर करते हैं।
  • 1 व्हीलचेयर है बस स्टैंड परिसर में वाे भी 26 मार्च काे ही खरीदी।
  • 5 की जरूरत यात्रियाें की संख्या के हिसाब से।
  • 13 लाख रुपए करीब का रेवेन्यू राेजाना का।
  • दिव्यांगाें के लिए रैंप भी नहीं हैं, जबकि हर बस स्टैंड में ये सुविधा हाेनी चाहिए।

काउंटर पर रखी है, प्रचार नहीं हाे पाया : बस स्टैंड के ट्रैफिक मैनेजर कर्मवीर ने बताया कि 26 मार्च काे ही दिव्यांग यात्रियाें के लिए एक व्हीलचेयर खरीदी है। इसे हेल्प काउंटर पर रखा है। इस बारे में प्रचार नहीं किया था। इसलिए दिव्यांगाें काे परेशानी का सामना करना पड़ा।

Advertisement

 

 

Source : Bhaskar

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *