Connect with us

पानीपत

लापरवाही मत करिए, पानीपत में 17 अंतिम संस्‍कार हुए, स्‍वजनों को करना पड़ रहा 18 घंटे इंतजार

Published

on

Advertisement

लापरवाही मत करिए, पानीपत में 17 अंतिम संस्‍कार हुए, स्‍वजनों को करना पड़ रहा 18 घंटे इंतजार

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना संक्रमितों की मौत के आंकड़े कुछ भी बयां करें, कोविड गाइडलाइन के तहत 17 अंतिम संस्कार किए गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि अपनों का अंतिम संस्कार कराने के लिए स्वजनों को 18-20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, कुछ ऐसे अस्पताल भी जो डेडिकेडेट कोविड अस्पताल के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसके बावजूद मरीजों को भर्ती कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार करने वाले जन सेवा दल ने सचिव चमन गुलाटी ने बताया कि चार शव को घरों से लाया गया है। ये होम आइसोलेशन में रह रहे थे। चार शव असंध रोड स्थित एक अस्पताल से लाए गए हैं, जो कोविड मरीजों के इलाज के लिए रजिस्टर्ड नहीं हैं। मृतकों में दो की मौत 24 और दो की 25 अप्रैल को हुई है। शिवपुरी में ऐसे हालात हैं कि शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए स्वजनों को दूसरे दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें दिल्ली-उत्तर प्रदेश के लोग अधिक हैं। अंतिम संस्कार के लिए नौ शव सिविल अस्पताल से मिले हैं।

Advertisement

Localites Opposed Of Covid 19 Infected Patient's Funeral In Begusarai -  कोरोना से मरने वालों को मौत के बाद भी जगह नहीं, लोग बन रहे अंतिम संस्कार  में रोड़ा | Patrika News

शव को हाथ नहीं लगाते कर्मचारी

Advertisement

गुलाटी के मुताबिक निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित के शव को स्टाफ हाथ तक नहीं लगाता। दिल्ली निवासी एक मरीज की निजी अस्पताल में मौत हुई थी। स्वजनों ने अस्थियां ले जाने से भी इंकार कर दिया।

इनके किए अंतिम संस्कार :

Advertisement

-अंसल वासी 43 वर्षीय दीपक

-न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी वासी 35 वर्षीय विकास

-दिल्ली अशोक विहार वासी 52 वर्षीय गिरीश कुमार

-करनाल वासी 71 वर्षीय कस्तूरी

-गांव काबड़ी वासी 54 वर्षीय राजेश

-गाजियाबाद वासी 73 वर्षीय आशानंद

-चांदनी बाग वासी 63 वर्षीय रेशमा

-रोहिणी दिल्ली की 75 वर्षीय सरिता सचदेवा

-सुभाष कॉलोनी की 72 वर्षीय संतोष

-दिल्ली निवासी विपिन जैन

-दिल्ली पालम निवासी सुनीता जैन

-सोनीपत गन्नौर वासी देवेंद्र

-नांगलखेडी गांव वासी 18 वर्षीय युवती

Corona claims four lives in Karnataka, highest in 24 hours- The New Indian  Express

कोरोना से दो की मौत

सिविल सर्जन डा. संजीव ग्रोवर ने बताया कि दिल्ली-उत्तर प्रदेश के मरीज भी निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। मृत्यु होने पर जनसेवा दल व नगर निगम की टीम उनका भी अंतिम संस्कार करती है। घरों में हो रही संदिग्ध मौत के बाद भी शव का अंतिम संस्कार गाइडलाइन के तहत कराया जाता है।

कोरोना से मरने वालों की डिटेल उसके गृह जनपद में ही पोर्टल पर अपलोड होती है। जिला में रविवार को दो मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। कुछ की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

Source: Jagran
Advertisement