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पानीपत

पलायन तेज होने से फैक्ट्रियों में 40% घटे श्रमिक, कामकाज प्रभावित; सरकार की अपील- घर न लौटें

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पलायन तेज होने से फैक्ट्रियों में 40% घटे श्रमिक, कामकाज प्रभावित; सरकार की अपील- घर न लौटें

 

कोरोना का कहर बढ़ते ही लॉकडाउन की चर्चा और अफवाहों से श्रमिकों का पलायन अचानक तेज हो गया है। यूपी, बिहार और मध्यप्रदेश के लोग पिछले 15 दिनों से घर लौट रहे हैं। इससे फैक्ट्रियों में 40 फीसदी से ज्यादा मजदूरों की कमी हो गई। जबकि सीएम मनोहर लाल समेत गृह मंत्री अनिल विज खुद लॉकडाउन न लगाने की बात कहकर श्रमिकों से घर न लौटने की अपील कर चुके हैं, लेकिन उसका असर मजदूरों पर दिखाई नहीं दे रहा।

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रेवाड़ी से पिकअप में सवार होकर अपने घर जाते श्रमिक। - Dainik Bhaskar

रेवाड़ी, पानीपत, राई, बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकाइयों के साथ ही बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के काम में लगे श्रमिक भी गृह जिलों में जा रहे हैं। ठेकेदार चाहकर भी श्रमिकों को नहीं रोक पा रहे हैं। इससे 50% से ज्यादा बिल्डिंग साइटें सूनी हो गई हैं। रेवाड़ी के विकास नगर व आसपास के एरिया से ही एक सप्ताह में 27 पिकअप व बड़े वाहनों में सवार होकर श्रमिक लौट चुके हैं। पिकअप में बैठे एमपी टीकमगढ़ के जमना सिंह, भागवती व राधाचरण ने बताया कि 3 महीने पहले आए थे, अब सब कह रहे हैं फिर से लॉकडाउन लगेगा, इसलिए पहले ही जा रहे हैं। पिकअप वाले ने प्रति सवारी 600-600 रुपए जमा किए हैं।

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मजदूर बोले- पिछले साल पैदल गए थे, अब हिम्मत नहीं

पिछली बार 6-7 दिन पैदल चलकर घर गए थे। सिर पर सामान लादे, पैर सूज गए थे। इस बार हिम्मत नहीं है। ठेकेदार कमल ने बताया कि मार्च अंत तक उनके पास करीब 35 बिल्डिंग साइटों पर 185 श्रमिक काम कर रहे थे, जिनमें ज्यादातर मध्य प्रदेश से थे। धीरे-धीरे कर सभी लौट गए। 40-50 श्रमिक बचे थे। उन्होंने हिसाब करने के लिए बोल दिया है। दो सप्ताह में भी सभी पलायन कर चुके हैं।

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यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान से आने वाली ट्रेनें खाली और जाने वाली ट्रेनाें में पैर रखने की जगह नहीं

पानीपत रेलवे स्टेशन पर यूपी, बिहार, महाराष्ट्र व राजस्थान समेत अन्य प्रदेशाें से आने वाले ट्रेनाें में यात्रियाें की संख्या नाममात्र रह गई है। इसके विपरीत यहां से गुजरते हुए जाे ट्रेन इन्हीं प्रदेशाें में वापिस लाैटकर जा रही हैं, उनमें यात्रियाें काे कंफर्म सीट नहीं मिल रही है। इसी से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पलायन कर रहे लाेगाें की संख्या पहले से और भी ज्यादा बढ़ चुकी है।

पानीपत रेलवे स्टेशन पर साेमवार दाेपहर 12:30 पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची। इसके पानीपत रुकने के दाैरान भास्कर टीम के 3 संवादाताओं ने पूरी ट्रेन काे देखा। हर बाेगी में 5 से 7 यात्री ही माैजूद मिले। इसके बाद दाेपहर 12:40 बजे पहुंची सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन में भी जांच के दाैरान बाेगियाें में इतने ही संख्या में यात्री मिले। इसकी जनरल बाेगी ताे पूरी तरह से खाली ही थी। कालका से हावड़ा जाने वाली ट्रेन में डेढ़ महीने तक कंफर्म सीट नहीं हैं।

सीटाें से दाेगुने यात्री ले जा रही निजी बसें

पानीपत से सीधे यूपी, बिहार व पश्चिम बंगाल के लिए निजी बसें जा रही हैं। इनमें सीटाें से दाेगुना संख्या में यात्री भरकर जा रहे हैं। जीटी राेड फ्लाई ओवर के नीचे संजय चाैक के पास खड़ी बस में दाेपहर 2:30 बजे सवार हाे रहे यात्री ने बताया कि बस सीधे पटना जाएगी। उन्हाेंने प्रति सवारी 1700 रुपए किराया दिया है।

 

 

Source : Bhaskar

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