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सिरसा में सरकारी डॉक्टर ने कनाडा जाने वाले दो युवकों से किया सौदा, विजिलेंस ने दबोचा

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सिरसा में सरकारी डॉक्टर ने कनाडा जाने वाले दो युवकों से किया सौदा, विजिलेंस ने दबोचा

सिरसा की सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर इंद्रजीत को विजिलेंस ने कोरोना वैक्सीनेशन का फर्जी सर्टिफकेट देने की एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। डॉक्टर ने कनाडा जाने की तैयारी में लगे दो युवाओं से कोरोना वैक्सीन की डोज लगाए बिना ही 5-5 हजार रुपए में वैक्सीनेशन सर्टिफकेट देने का सौदा किया। विजिलेंस डॉक्टर से पूछताछ कर पता लगा रही है कि अब तक वह इस प्रकार से कितने सर्टीफिकेट जारी कर चुका है।

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कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सिरसा के सिविल अस्पताल में तैनात सरकारी डाॅक्टर इंद्रजीत ने स्वास्थ्य विभाग को आईना दिखा दिया। सरकार और विभाग जहां शत प्रतिशत कोरोना वैक्सीन के टारगेट को लेकर घर-घर दस्तक दे रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर अपनी जेब गर्म कर बिना वैक्सीनेशन के ही फर्जी सर्टिफकेट देने में लगे हैं। खैरपुर गांव के निखिल और उसके दोस्त हरविंद्र सिंह से इसके लिए प्रति सर्टीफिकेट 5 हजार रुपए का सौदा डॉक्टर इंद्रजीत ने किया।

कनाडा जाने के लिए जरूरी था वैक्सीनेशन

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खैरपुर गांव के निखिल और उसके दोस्त हरविंद्र सिंह को कनाडा जाना था। कनाडा एंबेसी की गाइडलाइंस के अनुसार, वहां जाने वालों के पास कोविड वैक्सीनेशन का सर्टिफकेट होना चाहिए। दोनों ने इसके लिए अस्पतालों में डॉक्टरों से संपर्क किया, लेिकन जल्दी में कोई भी वैक्सीन लगाने को ही राजी नहीं हआ, सर्टिफकेट देना तो दूर की बात थी। इसी दौरान दोनों डॉक्टर इंद्रजीत के संपर्क में आए तो वह उन्हें बिना वैक्सीन लगवाए ही सर्टिफकेट देने को तैयार हो गए। इसके लिए दोनों से प्रति सर्टिफकेट पांच-पांच रुपए की मांग की गई।

ऐसे जाल मे फंसा

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डॉक्टर इंद्रजीत की ओर से बिना वैक्सीन लगवाए ही कोविड प्रमाण पत्र देने की सूचना दोनों युवकों ने विजिलेंस को दी। इस पर विजिलेंस ने डॉक्टर को रंगे हाथ दबोचने के लिए जाल बिछाया और गुरुवार दोपहर 3 बजे दोनों युवक डॉक्टर को 10 हजार रुपए देने पहुंचे। जैसे ही डॉक्टर इंद्रजीत ने रकम ली, विजिलेंस ने छापा मार कर उन्हें पकड़ लिया। विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल सोढी ने बताया कि डॉक्टर इंद्रजीत को रिश्वत की राशि के साथ पकड़ा गया है। अब पता लगाया जाएगा कि आरोपी ने कितने लोगों को इस प्रकार से प्रमाण पत्र दिए हैं।

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