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करनाल

किसानों ने पराली जलाने के खिलाफ बना कानून हटने पर मनाया जश्न; रागिनी कार्यक्रम में महिलाओं को नचाया

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किसानों ने पराली जलाने के खिलाफ बना कानून हटने पर मनाया जश्न; रागिनी कार्यक्रम में महिलाओं को नचाया

हरियाणा के करनाल जिले में बसताड़ा टोल पर किसानों ने पराली पर कानून वापस लेने की खुशी में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें किसानों ने मिठाई बांटी, रागिनी कार्यक्रम किया। कार्यक्रम को चार चांद लगाने के लिए लड़कियां बुलाई गईं, जिन्होंने पंजाबी, हिंदी व हरियाणवी गानों पर डांस किया।

मौके पर मौजूद किसानों ने जोश के साथ जश्न मनाया और ठुमकों पर ठहाके भी लगाए। शाम को शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात तक चला। इस बात की शहर में खूब चर्चा रही कि किसानों का कार्यक्रम रागिनी तक तो ठीक था, पर हाईवे पर युवतियों से ठुमके लगाना असभ्यता का संकेत देता है। क्योंकि धरने पर बैठे किसान ज्यादातर बुजुर्ग हैं।

किसान नेता मनजीत ने कहा कि आज हमारे प्रधानमंत्री दूसरी बार किसानों के सामने झुका है। आज तक उन्होंने अपना कोई भी फैसला वापस नहीं लिया है। किसानों ने आज दूसरी बार उनसे अपनी बात मनवाई है। कृषि मंत्री ने पराली जलाने पर मुकदमा दर्ज होने के कानून को वापस ले लिया है। अब किसानों के लिए और भी बड़ी घोषणा हो सकती है।

किसान नेता खुशवीर ने कहा कि किसानों की दोबारा से मजबूत जीत हुई है। नरेंद्र तोमर ने घोषणा की कि पराली जलाने पर जो धाराएं लगाई जाती हैं और जुर्माना लिया जाता है। अब वह नहीं लिया जाएगा। किसान के पास पराली को जलाने के अलावा दूसरा कोई साधन नहीं है। बसताड़ा टोल पर किसानों ने इकट्‌ठे होकर मिठाई बांटकर इस बात की खुशी जाहिर की।

 

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