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करनाल में किसानों ने बद की NH की सर्विस लाइन

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मेन लेन भी बंद करने की चेतावनी; धान की खरीद न होेने से खफा किसानों ने अनाज मंडी के गेट को भी रसियों से बंद किया

हरियाणा के करनाल जिले में दूसरे दिन भी अनाज मंडी में नमी का हवाला देकर धान की खरीद नहीं की गई है। सुबह दो घंटे तक खरीद को लेकर चली आनाकानी को देखते हुए किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया। नई अनाज मंडी के गेट को रसियों से बंद करके नेशनल हाईवे के सर्विस रोड पर जाम लगा दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक धान की खरीद नहीं की जाएगी, तब तक जाम नहीं खाेला जाएगा और जरूरत पड़ी तो पूरा नेशनल हाईवे बंद कर दिया जाएगा।

इस बार धान खरीद को लेकर किसान-सरकार लगातार आमने-सामने रहे हैं। किसानों ने 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने की मांग की थी। इस पर उन्हें 25 सितंबर से धान खरीद का मैसेज मिला। इसे आगे बढ़ाकर 1 अक्टूबर किया गया। ठीक 30 सितंबर को 11 अक्टूबर कर दिया गया। फिर किसानों ने आंदोलन किया तो 3 अक्टूबर से खरीद शुरू करवाई, लेकिन खरीद 4 को सुचारु रूप से नहीं हो पाई तो किसानों ने जाम लगा दिया।

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कैथल में भी लगाया किसानों ने जाम

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धान न खरीद होने के विरोध में किसानों ने कैथल-जींद मार्ग पर भी जाम लगाया दिया है। जाम लगने की सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाने का प्रयास किया। जाम होने के कारण जींद, असंध, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद जाने के रास्ता बंद हो गया। वाहन चालकों को गांवों के रास्तों से अपने गंतव्य की तरफ बढ़ना पड़ रहा है।

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किसानों के सारे काम रुके

किसान हरजिंद्र बोले – कोई गेट पास नहीं काट रहा। सरकार के इंतजाम पूरे नहीं है। हमारी ट्रॉली में सूखी धान है, जबकि प्रशासन नमी बता रहा है। वे किराए पर धान लेकर आते हैं। दो दिनों से एक बार ही भरकर लाए हैं। दूसरे चक्कर का समय इसके उतारने के बाद होगा। कब होगा ये पता नहीं।


दो ढेरियाें से डीसी ने जांच ली नमी

बड़ा गांव निवासी सुरेंद्र पाल ने बताया कि वे 30 सितंबर को धान लेकर पहुंचे थे, ताकि एक को बोली होने पर उसकी धान की बिक्री हो जाएगी। आज 5 दिन हो गए। धान मंडी में पड़ी खराब हो रही है। पहले प्राइवेट गेट पास मिला। इसके बाद दोबारा गेट पास बनवाया। कल डीसी मंडी में आए। दो ढेरियों को देखकर नमी बता दी। पूरी मंडी की धान का दो ढेरियां से पता नहीं लगता। बाहर जाम लगाया है। नेशनल हाईवे भी जाम करेंगे।

भाजपा का किसानों काे मारना मकसद

किसान विश्वजीत ने बताया कि 7 दिनों से मंडी में पड़े हैं। बार-बार खरीद का समय बदल रहा है। किसानों ने आंदोलन करके खरीद शुरू करवाई थी। किसी न किसी बहाने से अब खरीद से आनाकानी कर रहे हैं। भाजपा धान को खरीदना नहीं चाहती है। मंडी में कोई एजेंसी, सैलर नहीं आया। भाजपा का मकसद किसानों को मारना है।

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