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500 मीटर में किसान और 5 किलोमीटर तक खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली, फ्रंट पर पंजाब, सपोर्ट में डटे हरियाणा-यूपी

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500 मीटर में किसान और 5 किलोमीटर तक खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली, फ्रंट पर पंजाब, सपोर्ट में डटे हरियाणा-यूपी

पंजाब की तरफ के बॉर्डर खुलने के बाद चंडीगढ़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक सुचारु हो गया है। दिल्ली की तरफ जाने वाला ट्रैफिक बाधित है। रोडवेज बसें दिल्ली नहीं जा रहीं। गन्नौर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को यूपी के रास्ते डायवर्ट कर रहे थे। मुरथल में भी कई जगह किसान नजर आए। बहालगढ़ से पुलिस नाके लगाकर वाहनों को आगे नहीं आने दे रही। दिल्ली के वाहनों को यहां भी यूपी के रास्ते भेज रहे हैं। अब भी बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।

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नाकेबंदी से थोड़ा आगे लोकल ऑटो वाले खड़े मिले, जो बॉर्डर पार करवाने की गारंटी ले रहे थे, लेकिन 10 की जगह 50 रुपए में। ऑटो वाले ने बताया कि ये रुपए किलोमीटर के नहीं, बल्कि पुलिस और जाम से बचाकर लोकल रास्तों से बॉर्डर पार करवाने के हैं। ऑटो वाले ने केएमपी के साइड से निकालकर पीतमपुरा और नाथुपर गांवों की पतली गलियों से ऑटो को वापस हाईवे पर निकाला।

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इन गलियों से बड़े-बड़े वाहन गुजर रहे थे। ऑटो वाले ने बॉर्डर से पहले उतार दिया। जहां तक नजर गई ट्रैक्टर और ट्राॅली दिखाई दिए। हाईवे का नजारा मिनी पंजाब जैसा था। ट्रॉलियों को ही किसानों ने घर बनाया है। कोई खाना बना रहा था तो कोई यहीं नहाने और कपड़े धोने में लगा था। जगह-जगह लंगर लगे थे। कहीं किसान ताश खेल रहे थे। यहां मौजूद पंजाब के किसान सुखेन्द्र सिंह से पूछा कि आप आगे धरने में क्यों नहीं जा रहे तो जवाब दिया कि लड़ाई केवल धरने में बैठकर नहीं लड़ी जाती। सबको अपना काम करना पड़ता है।

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धरने वाले धरने पर बैठे हैं, खाना बनाने वाले खाना बना रहे हैं। सभी को जिम्मेदारी दी है। थोड़ा आगे यूपी के किसान मिले। इनमें चर्चा थी कि हमें केवल पीछे से साथ देना है, फ्रंट पर पंजाब ही रहेगा। सीआईडी के अतिरिक्त दिल्ली और हरियाणा पुलिस के कुछ जवान भी किसानों के बीच सिविल ड्रेस में किसानों के बीच डटे हुए हैं, जो किसानों की रणनीति समझकर अधिकारियों को मैसेज दे रहे हैं।

 

 

Source : Bhaskar

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