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पानीपत में रिडिंग व बिल बनाने की कंपनी बदल दी गयी है, पिछली कंपनी ने दुःखी कर रखा था

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पानीपत में रिडिंग व बिल बनाने की कंपनी बदल दी गयी है, पिछली कंपनी ने दुःखी कर रखा था

 

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) ने पानीपत में 3 साल से उपभाेक्ताओं के मीटर की रीडिंग लेने व बिल तैयार करके बांट रही बीसीआईटीएस कंपनी काे हटा दिया है। अब नई जिम्मेदारी इनवेटिव सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन काे साैंपी गई है।

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नई कंपनी ने नए साल के पहले सप्ताह में काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। पानीपत सर्कल में जब तक बीसीआईटीएस ने काम किया, तब तक हमेशा ही विवादाें में रही। कंपनी न ताे उपभाेक्ताओं काे सही बिल दे पाई और न ही पूरे बिल बांट पाई। इसी कारण बिजली निगम बीसीआईटीएस पर प्रति माह जुर्माना भी लगाता रहा।

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5 से ज्यादा बार ताे जुर्माना राशि 2-2 लाख रुपए से भी ज्यादा बनी। अब बिजली निगम व इनवेटिव सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन अधिकारियों का दावा है कि मीटर रीडिंग, बिल तैयार करने व उन्हें बांटने से संबंधित दिक्कतें नहीं हाेने दी जाएंगी।

गलत बिल न बने इसलिए इन 3 बिंदुओं पर काम

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अब सभी मीटराें की रीडिंग ऑनलाइन: नई कंपनी सभी स्मार्ट मीटरों की रीडिंग ऑनलाइन ही लेगी। मैन्युअल रीडिंग सिस्टम पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। शहर में 30 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। वैसे जिले में 2.85 लाख उपभोक्ता हैं।

ऑनलाइन रीडिंग लेने वाला कर्मचारी मीटर की फाेटाे भी साथ में लेंगे। बाद में भी रीडिंग का मिलान किया जा सके।

स्मार्ट मीटराें से निगम के सर्वर में दर्ज हुई रीडिंग की भी वेरीफिकेशन कर्मचारी माैके पर जाकर करेंगे।

सर्कल में हैं 2.85 लाख उपभाेक्ता:

पानीपत सर्कल में बिजली निगम के 2.85 लाख उपभाेक्ता हैं। पुरानी बीसीआईटीएस कंपनी प्रति बिल उपभाेक्ताओं से 7.26 रुपए वसूल रही थी। अब नई कंपनी नए रेट तय करेगी।

अभी तक यूपी में काम कर रही है कंपनी : सर्कल इंचार्ज

बिजली बिल बनाने व बांटने की जिम्मेदारी संभालने वाली इनवेटिव सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन कंपनी अभी यूपी में काम कर रही है। इसका हेड आफिस आगरा में है। वह बिजली बिल समय पर भी बांटे जा रहे हैं और गलतियां भी नाममात्र रहती हैं। – ललित शर्मा, सर्कल इंचार्ज, इनवेटिव सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन कंपनी।

समस्याओं काे देख नई कंपनी काे दी जिम्मेदारी

बिजली बिलाें की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। इससे उपभाेक्ता भी परेशान हैं। इन्हीं सब बाताें काे ध्यान में रखते हुए पुरानी कंपनी का समय गे नहीं बढ़ाया है। अब उपभाेक्ताओं के मीटराें की रीडिंग लेने, बिल तैयार करने व बांटने की जिम्मेदारी नई कंपनी काे साैंपी गई है।
-जेएस नारा, एसई, बिजली निगम

 

 

Source : Bhaskar

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