Connect with us

City

40 घंटे से धधक रही आग, बेघर हुए लोग, खुले आसमां के नीचे मनेगा करवाचौथ

Published

on

Advertisement

40 घंटे से धधक रही आग, बेघर हुए लोग, खुले आसमां के नीचे मनेगा करवाचौथ

जाटल रोड पर 40 घंटे बाद भी यूनाइटेड ओवरसीज में आग सुलगती रही। दूसरे दिन भी दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने पर लगी रहीं। फैक्ट्री में आने-जाने के लिए रास्ता संकरा होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अंदर नहीं जा सकीं। आग बुझाने के लिए फैक्ट्री के बाहर से ही दमकल गाड़ियों ने प्रयास किया। आगजनी की इस घटना में 12 परिवार बेघर हो गए हैं। दो दिनों से ये परिवार सड़क पर सोने पर मजबूर हैं। आसपास के लोगों सहित गुरुद्वारे से इनके खाने के लिए प्रबंध किया गया है।

जिन घरों में आग लगने से नुकसान हुआ है, उनकी सुध लेने के लिए दूसरे दिन भी प्रशासन नहीं पहुंचा। फैक्ट्री के आसपास दो गलियों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। जाटल रोड पर मुख्य सड़क पर भी आवाजाही बंद करने के लिए बैरियर लगा दिए गए। मौके पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। फैक्ट्री के साथ लगती दुकानें भी दूसरे दिन भी बंद रहीं। दिवाली के मौके पर दुकानदारों का कामकाज भी ठप रहा।

Advertisement

40 घंटे से धधक रही आग, बेघर हुए लोग, खुले आसमां के नीचे मनेगा करवाचौथ

शुक्रवार अल सुबह चार बजे के आसपास यूनाइटेड ओवरसीज में आग लगी थी। गार्ड ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। उसने फैक्ट्री मालिक राजेश गुप्ता को फोन किया। राजेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड को फोन पर सूचना की। शुक्रवार रात भर आग धधकती रही। अगले दिन भी दमकल की गाड़ियां आग बुझाने पर लगी रही। फैक्ट्री का एक हिस्सा गिर गया है। डा. बंगाली के मकान व दुकान पर फैक्ट्री की बिल्डिग का एक हिस्सा गिरकर नुकसान हुआ। पीड़ित परिवारों ने मांगी सहायता

Advertisement

फैक्ट्री के आसपास जिन मकानों, दुकानों को नुकसान पहुंचा, उन परिवारों ने सरकार से पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। 12 परिवार दूसरे दिन भी घरों पर नहीं जा सके। साथ लगती गली में भी परिवार रहने को मजबूर हैं। पीड़ित स्वामी अग्निवेश ने कहा कि जब तक वे घर नहीं जा सकते, उनके रहने और खाने की व्यवस्था की जाए। अभी वे पास के घरों, गुरुद्वारा से खाने मंगवा रहे हैं। ईश्वर, कुलदीप, विजय, मनोज, पवन, डाक्टर बंगाली, अनिल, विजेंद्र रामफल परिवार सहित सड़क पर रहने को मजबूर हैं। पीपल वाली गली और न्यू सैनीपुरा तरह से पुलिस की निगरानी में है। इनमें आवाजाही पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पीपल वाली गली में फैक्ट्री की बैक साइड लगती है। फैक्ट्री की इमारत से दूसरे दिन भी धुआं निकल रहा है। आग लगाने के कारण इधर का हिस्सा गिरने का खतरा बना हुआ है। कभी भी यह हिस्सा गिर सकता है। इससे देखते हुए आसपास की सभी 35 दुकानें बंद करवा दी गई है। 12 परिवार घरों पर नहीं जा पा रहे। पड़ोसियों ने दो साल पहले चेताया था

फैक्ट्री के पड़ोस में रहने वाले अनिल ने बताया कि इस फैक्ट्री में केमिकल का प्रयोग होता था। बदबू आसपास फैलती थी। 26 फरवरी 2019 को फैक्ट्री मालिक को लिखित में चेतावनी भी दी गई थी कि केमिकल से आग लग सकती है। आसपास के सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे। फैक्ट्री रिहायशी एरिया से बाहर होनी चाहिए। यदि फैक्ट्री मालिक उस समय उनकी मांग पर ध्यान देते तो यह हादसा नहीं होता। गनीमत यह रही कि फैक्ट्री में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। आरोप- फैक्ट्री मालिक की लापरवाही से हुआ हादसा

Advertisement

दो मकानों पर बिल्डिग का हिस्सा गिरा है। लोगों का कहना है कि यह हादसा फैक्ट्री मालिकों की लापरवाही के कारण हुआ। 30 साल पहले जब यह फैक्ट्री यहां खेतों में बनी थी उस समय पोलिएस्टर का काम नहीं होता था। पोलिएस्टर कारपेट बनाने का काम शुरू करते समय यह ध्यान दिया जाना चाहिए था कि फैक्ट्री में आने जाने के रास्ते सही हों। फैक्ट्री का तो बीमा भी होगा, लेकिन आसपास के जिन मकानों को आग से नुकसान हुआ है, उनकी भरपाई कौन करेगा। विजेंद्र ने बताया कि उनका घर गली में है। फैक्ट्री से दूरी पर है। उन्हें पुलिस जाने नहीं दे रही। करवाचौथ भी गली में मनेगा

पीड़ित पूनम, अंजना, किशन के मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनका कहना है कि उनको करवाचौथ का पर्व भी गली में ही मनाना पड़ेगा। उनका क्या कसूर है। फैक्ट्री मालिक का तो बीमा भी होगा। उनके घरों का तो बीमा भी नहीं था। पूर्व पार्षद सुनील वर्मा ने बेघर हुए लोगों की सहायता करने की मांग की। उन्होंने बताया कि पहले दिन गुरुद्वारे से खाने सप्लाई हुआ। दूसरे दिन फैक्ट्री मालिक राजेश गुप्ता ने 35 लोगों के लिए खाना दोपहर और शाम को भिजवाया है।

Advertisement