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छाने लगा कोहरा, हाईवे पर हादसे का खतरा बढ़ा, वाहनों पर रिफ्लेक्‍टर टेप तक नहीं

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छाने लगा कोहरा, हाईवे पर हादसे का खतरा बढ़ा, वाहनों पर रिफ्लेक्‍टर टेप तक नहीं

सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में हादसों की आशंका बढ़ जाती है। सबसे अधिक दुर्घटनाएं कोहरे की वजह से होती है। इससे बचाव के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाना अनिवार्य है। हर वर्ष प्रशासन की ओर से वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए जाते थे, लेकिन इस बार प्रशासन इस ओर से लापरवाह है। अभी तक न तो जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए।

सर्दियों में सबसे अधिक हादसे होते हैं। इसकी मुख्य वजह घना कोहरा होता है। इसमें आगे चल रहा वाहन दिखाई नहीं देता। गति अधिक होने की वजह से दुर्घटना होने का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाना जरूरी है। रोड ट्रांसपोर्ट अथारिटी पर यह जिम्मेदारी है, लेकिन अभी तक यह कार्य शुरू नहीं किया गया है। जबकि गत वर्ष शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही अभियान भी शुरू हो गया था। ट्रैक्टर ट्रालियों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई गई थी। इस बार शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अभी तक वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप नहीं लगाई गई।

सड़कों पर घूम रहे गोवंशों के सींगों पर लगाते हैं टेप

सड़कों पर घूम रहे गाेवंशों की वजह से भी हादसे होते हैं। सर्दियों में यह अधिक बढ़ जाते हैं, क्योंकि रात को कोहरे में सड़क पर घूम रही गाय नहीं दिखाई देती। जिससे टकराकर वाहन चालक चोटिल होते हैं। जान तक चली जाती है। इसके लिए आरटीए की ओर से गायों के सींगों पर भी टेप लगाई जाती है, लेकिन इस बार आरटीए प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है।

गन्ने की ट्रालियों से रहता है खतरा

शुगर मिल में गन्ना लेकर आने वाले ट्रैक्टर ट्रालियों से हादसा होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसकी एक वजह यह है कि ट्रालियों में गन्ना ओवरलोड होता है। बाडी के बाहर गन्ना निकला रहता है। घने कोहरे में यह दिखाई नहीं देती। गत वर्ष भी 10 हादसे गन्ने की ट्रैक्टर ट्रालियों की वजह से हुए थे। इसलिए ही इन पर रिफ्लेक्टर टेप लगाना बेहद जरूरी है।

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