किसान अनाजमंडी से जिला सचिवालय तक किसी भी सूरत में न पहुंच सके और शहर में हालात न बिगड़े, इसके लिए पूरी तरह से किलेबंदी की गई है। जहां करनाल के साथ-साथ प्रदेश भर के अधिकतर जिलों से पुलिस की 30 कंपनियां बुलाई गई है तो वहीं बीएसएफ, आइटीबीपी, आरएएफ व सीआरपीएफ की भी 10 कंपनियां तैनात की गई है। हर कंपनी में 85 जवान होंगे तो इनका नेतृत्व पांच एसपी व 40 इंस्पेक्टर करेंगे। 18 जगहों पर नाकेबंदी की गई है तो वहीं जिला सचिवालय के आसपास और भी कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है।

करनाल में हालात पर काबू पाने के लिए जवान तैनात।

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25 डीएसपी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात

करनाल एसपी गंगा राम पूनिया के अलावा भिवानी एसपी अजीत सिंह शेखावत, कैथल एसपी लोकेंद्र सिंह, पानीपत एसपी सशांक कुमार सावन व रेलवे अंबाला एसपी संगीता कालिया को तैनात किया गया है तो वहीं आसपास के जिलों से 25 डीएसपी को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। गुरुग्राम कमीश्नरी के अलावा, रोहतक, हिसार, करनाल व साउथ रेंज रेवाड़ी के अंर्तगत जिलों से अधिकतर पुलिस बल को बुलाया गया है। पुलिस व सेना के जवान सोमवार सुबह ही करनाल पहुंचना शुरू हो गए थे तो वहीं अधिकतर जगहों पर देर शाम को ही तैनाती भी कर दी गई। वहीं दिन भर पुलिस अधिकारियों की बैठकें जारी रही, जिसकें आइजी ममता सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और पूरे हालात व सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनाए रखने को लेकर योजना को अमलीजामा पहनाया गया। एसपी गंगा राम पूनिया ने पत्रकारों से चर्चा में स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फोर्स वाटर कैनन, वज्रा वाहन के अलावा अन्य पुख्ता बंदोबस्त के साथ तैनात रहेगी, ताकि हर हालात से निपटा जा सके।

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हालात पर काबू करने को लेकर अर्धसैनिक बलों के जवानों को निर्देश देते हुए अधिकारी।

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लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे : एडीजीपी

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने स्पष्ट किया है कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश सहित विशेष रूप से करनाल में शांति व्यवस्था बनाए रखना, किसी भी तरह की हिंसा को रोकना, यातायात व सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सुचारू संचालन तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आईजीपी करनाल रेंज और सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (करनाल रेंज) को करनाल और आसपास के जिलों में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक निवारक और एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

डीजीपी कर चुके हैं तैयारियों की समीक्षा

डीजीपी पीके अग्रवाल खुद हालात के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। दो दिन पहले ही करनाल पहुंचे डीजीपी ने रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ अहम मीटिंग की तो विस्तार से चर्चा भी की थी।  इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में भी स्पष्ट कर दिया था कि कानून व्यवस्था किसी भी स्तर पर नहीं बिगड़ने दी जाएगी। कानून हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा, जिसके लिए पुख्ता बंदोबस्त किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से भी अपील की थी कि वे शांतिपूर्वक अपना विरोध जता सकते हैं।

अनावश्यक सड़कों पर उतरने से बचें

डीसी निशांत यादव ने कहा है कि प्रशासन लोगों के साथ-साथ सार्वजनिक व निजी प्राेपर्टी की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से तैयार है। हर पुख्ता प्रबंध किए गए है। इसके बावजूद लोगों से अपील है कि वे अनावश्य तौर पर सड़कों पर न निकले। विशेष तौर पर नेशनल हाईवे व किसानों के प्रर्दशन स्थल क्षेत्र से दूसरे विकल्प चुनें। यहीं नहीं रूट डायवर्ट व अन्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी की पालना करें।