Connect with us

समाचार

1 जुलाई से बैंकिंग नियमों में होने जा रहे हैं ये बड़े बदलाव, आपके लिए जानना बहुत जरूरी

Published

on

1 जुलाई से बैंकिंग नियमों में होने जा रहे हैं ये बड़े बदलाव, आपके लिए जानना बहुत जरूरी

 

देश में आगामी 1 जुलाई से बैंकिंग नियमों में कई तरह के बदलाव होने जा रहे हैं. इन बदलाव से आपकी जिंदगी पर काफी असर पड़ने की संभावना है. ये बदलाव बैंकों में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज से लेकर के एटीएम से निकासी और मिनिमम बैलेंस से जुड़े हुए हैं.

एटीएम ट्रांजेक्शन पर नहीं मिलेगी छूट
बुधवार से सभी बैंकों के खाताधारकों को एटीएम से कैश ट्रांजेक्शन करने पर किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी. पहले की तरह हर महीने केवल मेट्रो शहरों में आठ और नॉन मेट्रो शहरों में 10 ट्रांजेक्शन ही लोग कर सकेंगे. कोरोना वायरस के चलते पहले लोगों को एटीएम से असिमित निकासी की सुविधा दी गई थी.

फिर से खाते में रखना होगा मिनिमम बैलेंस
सरकार ने फिलहाल 30 जून तक बचत खाते में मिनिमम बैलेंस रखने की सुविधा दी थी. हालांकि अब ये सुविधा भी मिलनी बंद हो जाएगी. ऐसे में खाताधारकों को अपने बैंकों के नियमों के हिसाब से हर माह बचत खाते में मिनिमम बैलेंस रखना होगा. मिनिमम मंथली बैलेंस मेंटेन रखने की जरूरत को लॉकडाउन के दौरान खत्म कर दिया था. मेट्रो सिटी, शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग मिनिमम बैलेंस का चार्ज लगता है.

मिलेगा कम ब्याज
सबसे बड़ी मार ग्राहकों के खाते पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ी है. ज्यादातर बैंक बचत खाते में मिलने वाले ब्याज में कमी कर देंगे. जहां पंजाब नेशनल बैंक के खाताधारकों को मिलने वाले ब्याज में 0.50 फीसदी की कमी की जाएगी, वहीं अन्य सरकारी बैंकों में भी अधिकतम 3.25 फीसदी ब्याज मिलेगा.

खाता होगा फ्रीज
इसके साथ ही 1 जुलाई से कई बैंकों में डॉक्यूमेंट जमा नहीं कराने पर लोगों के खाते फ्रीज हो जाएंगे. बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ ही विजया बैंक और देना बैंक में भी ये नियम लागू हो गया है. गौरतलब है कि विजया और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो चुका है.