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करनाल

दर्दनाक, मिन्‍नतों के बाद भी नहीं दिया बैड, कोख में बच्‍चे की मौत

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दर्दनाक, मिन्‍नतों के बाद भी नहीं दिया बैड, कोख में बच्‍चे की मौत

कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज प्रबंधन का अमानवीय चेहरा सामने आया है। दोपहर को सांभली गांव निवासी युवक अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचा। यहां से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में रेफर कर दिया गया। लेकिन मिन्नतों के बाद भी जब बैड नही मिला तो अगले दिन स्वजन महिला को निजी अस्पताल में ले गए। यहां पता चला कि बच्चे की करीब सात से आठ घंटे पहले गर्भ में मौत हो चुकी है। स्वजनों ने केसीजीएमसी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

 

स्वजनों ने बताया कि महिला की डिलीवरी की तारीख चिकित्सकों ने 11 सितंबर को दी हुई थी। इसी कारण वह महिला को लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि बड़ी मुश्किल से एडमिशन तो करा दिया, लेकिन बैड नहीं दिया गया। गर्भवती महिला लेबर रूम के बाहर ही स्टेचर पर तड़पती रही, लेकिन उसे बैड उपलब्ध नही कराया गया।

 

वहीं पर उसके सैंपल टेस्ट के लिए भेज दिए गए। रिपोर्ट को चिकित्सकों ने नार्मल बताया। स्वजनों ने कहा कि उन्हें बैड दे दो, लेकिन चिकित्सकों ने कहा कि उनके पास कोई भी बैड खाली नहीं है। आपस में इस बात को लेकर तनाव बढ़ गया।

दर्दनाक, मिन्‍नतों के बाद भी नहीं दिया बैड, कोख में बच्‍चे की मौत

स्वजनों ने दबाव बनाया कि यदि बैड नहीं है तो लिख कर दें। आरोप है कि केसीजीएमसी ने जबरदस्ती लिखवा लिया कि वह अपनी पत्नी को लेकर जाते हैं तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। स्वजन सुबह सात बजे निजी अस्पताल लेकर गए। वहां पता चला कि बच्चे की मौत हो चुकी थी।

 

 

कालेज प्रबंधन बोलने को तैयार नहीं

इलाज का लेकर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज प्रबंधन पर लग रहे लापरवाही के आरोपों के बाद भी प्रबंधन बोलने को तैयार नहीं है।

 

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